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Gurugram News: एक दूसरे को बचाने में तीन लोगों की गई जान, गांव में मातम

Sat, 10 May 2025 12:21 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 10 May 2025 12:21 AM IST
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Three people sacrificed their lives to save each other, mourning in the village
जहरीली गैस ने तबाह की तीन लोगों की हंसती खेलती जिंदगी
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रिजवान खान
नगीना। मांड़ीखेड़ा गांव में शुक्रवार को एक दूसरे को बचाने की कोशिश में तीन लोगों की जान चली गई। जहरीली गैस की वजह से कुएं में अंदर जाते थे तो दम घुटने लगा। सुबह का नाश्ता करने के बाद रसीद किराये पर रह रहे मोनिश और गांव के ही समीर को साथ लेकर खेतों पर गए थे। मोनिश और समीर कुएं के बाहर बैठकर बात करने लगे। रसीद कुएं के अंदर उतर गया। थोड़ी देर बाद जब रशीद बाहर नहीं आए तो मोनिश पूछने के लिए गया। वहां उन्हें बेहोश पड़ा देखा। वह उन्हें बचाने के लिए कुएं के अंदर कूद गया। उसका भी दम घुटने लगा और वह बेहोश हो गया। जब दोनों बाहर नहीं आए तो समीर ने आवाज लगाकर आसपास के लोगों को बुलाया और उन्हें बचाने के लिए खुद भी कुएं में कूद गया। इससे तीनों की मौत हो गई। घटना से अनजान परिवार के लोग दोपहर खाना बनाकर उनका इंतजार कर रहे थे। जब गांव के लोगों ने घटना की जानकारी परिवार के लोगों को दी तो खाना बना ही रह गया और पूरे परिवार में मातम पसर गया।

छह बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
कुएं में दम घुटने से तीन लोगों की मौत से मांड़ीखेड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। करीब 45 वर्षीय रसीद की छह लड़कियां हैं। बेटियों के आसूं थम नहीं रहे हैं। वे बार बार कह रही हैं कि अब उनका क्या होगा।
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मृतक रसीद की एक बेटी नेहा खान राजनीति में सक्रिय है। वह कांग्रेस पार्टी से जुड़ी हैं। पिता का सपना था कि बेटी एक दिन राजनीति में बड़ा चेहरा बन कर नाम रोशन करें। बेटियों की शादी कर उनके घर बसाने की ललक रसीद को दिन-रात खेती-बाड़ी करने पर मजबूर करती थी। अब रसीद की मौत के बाद परिवार की देख रेख करने वाला कोई नहीं बचा। रोते बिलखते बेटियों के मुंह से बस यही आवाज निकल रही हैं कि अब हम किसे पापा कहेंगे। वहीं, मृतक की पत्नी रोते हुए कह रही हैं कि अब बेटियों का बोझ कौन उठाएगा। कुएं में उतरे समीर की थी मौत हुआ है। समीर परिवार का लाडला था। उसकी अभी शादी भी नहीं हुई थी। परिवार के लोग उसकी शादी को लेकर मन बना रहे थे। समीर की मौत से मां बाप के अरमान अधूरे रह गए। बेटे का शव देख बाप पेट पकड़कर रोने लगा तो मां भी बदहवास होकर रोने लगी।
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रसीद के घर किराये पर रहता था मोनिश



मोनिश उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। वह कई वर्षों से रसीद के घर किराये पर रहता था। मांडीखेड़ा गांव में बनी फैक्ट्री में काम कर मोनिश अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था और साथ में पढ़ाई भी करता था। कई साल से किराये पर रहने के कारण मोनिश रसीद के परिवार से पूरी तरह घुल मिल गया था।
छह मौतों के बाद दूसरा बड़ा हादसा
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में 6 महिलाओं की मौत के गम को अभी इलाके के लोग भूल भी नहीं पाए कि उसके करीब 20 दिन बाद दूसरी बड़ी घटना मांडीखेड़ा में हो गई। एक दूसरे को बचाने के चक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे से इलाके में शोक की लहर है। खेड़ली कला गांव के बाद यह दूसरा बड़ा हादसा है जिसमें एक ही साथ तीन लोगों की मौत हुई है।

विधायक ने घटना पर जताया दुःख

कांग्रेस विधायक मामन खान ने दुःख जताते हुए कहा कि मांड़ीखेड़ा गांव में बने कुएं में बोरिंग को ठीक करने के दौरान जान गंवाने वाले तीन लोगों की मौत से पूरे इलाके में दुःख का माहौल है। मेरी गहरी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ है। यह खबर पूरे इलाके के लिए अत्यंत दुःखद और स्तब्ध करने वाली है।
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