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Gurugram News: धरना दे रहे किसानों और प्रशासन के बीच नहीं बनी सहमति
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किसान नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने काम रुकवाया, स्थिति तनावपूर्ण
मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावडू। उपमंडल की सहसोला पंचायत व सोहना तावडू मार्ग के किरूरी मोड़ पर बीते साल 29 दिसंबर से रेलवे द्वारा अधिग्रहण की गई भूमि मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों के गतिरोध ने रफ्तार पकड़ ली है। मांग पूरी नहीं होने पर रविवार को महापंचायत का आह्वान था। इस दौरान किसान भारतीय किसान यूनियन से जुड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। किसान नेताओं के संबोधन के दौरान ही प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं ने इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए पहल जरूर की, लेकिन गतिरोध को लेकर कोई सहमति नहीं बनी तो भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने रेलवे के निर्माण साइट पर पहुंच कर काम रुकवा दिया। इस दौरान भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान पहुंच गए। देर रात तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। रेलवे निर्माण साइट पर पहुंच भारतीय किसान यूनियन हरियाणा युवा अध्यक्ष रवि आजाद ने ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक प्रशासन के साथ मीटिंग में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं दिया गया तो रेलवे का काम पूरी तरह बाधित रहेगा।
इससे पहले सोहना मार्ग किरूरी मोड़ पर चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने पंचायत में पहले किसानों को संबोधित करते हुए सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में धरनास्थल पर पहुंचे तावडू खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी सुरजीत सिंह, सदर थाना प्रभारी हुकुम सिंह से किसान नेताओं ने पक्ष रखा तो थोड़ा समय लेने के बाद ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उच्च अधिकारियों से बात कर पंचायत में अपील करते हुए कहा कि सोमवार को 11 बजे जिला उपायुक्त किसानों की समस्याओं को लेकर उनसे सीधे रूबरू होंगे। हालांकि बीडीपीओ ने किसानों को आश्वासन भी दिया कि जरूर कोई हल निकलेगा। वह काम नहीं रोकें। सदर थाना प्रभारी ने भी अपने स्तर पर किसान नेताओं और स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय किसान यूनियन से जुड़े नेताओं और धरना आयोजक कमेटी से जुड़े सदस्यों ने सीधे तौर कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा रेल निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। निर्माण साइट पर पहुंचकर किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि पिछले 29 दिसंबर से किसान अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। बड़े शर्म की बात है कि अभी तक किसी अधिकारी ने किसानों की कोई सुध नहीं ली। इससे पहले भी वह दो बार पंचायत को संबोधित कर चुके हैं। किसान नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों और रेलवे को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार को होने वाली डीसी के साथ मीटिंग में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो रेलवे के काम को नहीं होने दिया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण को लेकर गतिरोध
बता दें कि कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे के साथ हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण के बीच में किसानों और सरकार के बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर गतिरोध है। हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा निर्मित की जा रही हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की लाइन में सेहसोला पट्टी पाटुका, पीपाका, घुसपैठी, किरूरी, धुलावट व मेंढला गांव के तीन सौ से अधिक किसानों की करीब 60 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई।जिसमें अरावली पर्वत क्षेत्र समेत ऑर्बिटल लाइन के लिए करीब पांच किलोमीटर लम्बी सुरंग का निर्माण हो रहा है। जिसका मुआवजा लेने के लिए किसानों की मांग है। जबकि रेलवे बोर्ड का तर्क है कि सुरंग के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाता है । किसानों का कहना है कि सुरंग के लिए अधिकृत भूमि बहुत ही उपजाऊ थी, बिना मुआवजा निर्माण कार्य शुरू करने से भूमि में किसानों के बोरवेल, मकान व पेड़ पौधे खराब हो गए। किसानों ने बताया कि इसी क्षेत्र से वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल लाइन का भी निर्माण हुआ है, उस लाइन में भी अरावली वन क्षेत्र सहित गांव में सुरंग के लिए भूमि अधिग्रहण की गई। जिसमें रेलवे विभाग की ओर से उचित मुआवजा किसानों को दिया था।
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फोटो: निर्माण साइट पर काम रुकवाने के बाद किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता रवि आजाद।
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मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावडू। उपमंडल की सहसोला पंचायत व सोहना तावडू मार्ग के किरूरी मोड़ पर बीते साल 29 दिसंबर से रेलवे द्वारा अधिग्रहण की गई भूमि मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे किसानों के गतिरोध ने रफ्तार पकड़ ली है। मांग पूरी नहीं होने पर रविवार को महापंचायत का आह्वान था। इस दौरान किसान भारतीय किसान यूनियन से जुड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। किसान नेताओं के संबोधन के दौरान ही प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं ने इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए पहल जरूर की, लेकिन गतिरोध को लेकर कोई सहमति नहीं बनी तो भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने रेलवे के निर्माण साइट पर पहुंच कर काम रुकवा दिया। इस दौरान भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान पहुंच गए। देर रात तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। रेलवे निर्माण साइट पर पहुंच भारतीय किसान यूनियन हरियाणा युवा अध्यक्ष रवि आजाद ने ग्रामीणों को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक प्रशासन के साथ मीटिंग में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं दिया गया तो रेलवे का काम पूरी तरह बाधित रहेगा।
इससे पहले सोहना मार्ग किरूरी मोड़ पर चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने पंचायत में पहले किसानों को संबोधित करते हुए सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में धरनास्थल पर पहुंचे तावडू खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी सुरजीत सिंह, सदर थाना प्रभारी हुकुम सिंह से किसान नेताओं ने पक्ष रखा तो थोड़ा समय लेने के बाद ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उच्च अधिकारियों से बात कर पंचायत में अपील करते हुए कहा कि सोमवार को 11 बजे जिला उपायुक्त किसानों की समस्याओं को लेकर उनसे सीधे रूबरू होंगे। हालांकि बीडीपीओ ने किसानों को आश्वासन भी दिया कि जरूर कोई हल निकलेगा। वह काम नहीं रोकें। सदर थाना प्रभारी ने भी अपने स्तर पर किसान नेताओं और स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय किसान यूनियन से जुड़े नेताओं और धरना आयोजक कमेटी से जुड़े सदस्यों ने सीधे तौर कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा रेल निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। निर्माण साइट पर पहुंचकर किसान नेता रवि आजाद ने कहा कि पिछले 29 दिसंबर से किसान अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। बड़े शर्म की बात है कि अभी तक किसी अधिकारी ने किसानों की कोई सुध नहीं ली। इससे पहले भी वह दो बार पंचायत को संबोधित कर चुके हैं। किसान नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों और रेलवे को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार को होने वाली डीसी के साथ मीटिंग में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो रेलवे के काम को नहीं होने दिया जाएगा।
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भूमि अधिग्रहण को लेकर गतिरोध
बता दें कि कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे के साथ हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के निर्माण के बीच में किसानों और सरकार के बीच भूमि अधिग्रहण को लेकर गतिरोध है। हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा निर्मित की जा रही हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की लाइन में सेहसोला पट्टी पाटुका, पीपाका, घुसपैठी, किरूरी, धुलावट व मेंढला गांव के तीन सौ से अधिक किसानों की करीब 60 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई।जिसमें अरावली पर्वत क्षेत्र समेत ऑर्बिटल लाइन के लिए करीब पांच किलोमीटर लम्बी सुरंग का निर्माण हो रहा है। जिसका मुआवजा लेने के लिए किसानों की मांग है। जबकि रेलवे बोर्ड का तर्क है कि सुरंग के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाता है । किसानों का कहना है कि सुरंग के लिए अधिकृत भूमि बहुत ही उपजाऊ थी, बिना मुआवजा निर्माण कार्य शुरू करने से भूमि में किसानों के बोरवेल, मकान व पेड़ पौधे खराब हो गए। किसानों ने बताया कि इसी क्षेत्र से वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल लाइन का भी निर्माण हुआ है, उस लाइन में भी अरावली वन क्षेत्र सहित गांव में सुरंग के लिए भूमि अधिग्रहण की गई। जिसमें रेलवे विभाग की ओर से उचित मुआवजा किसानों को दिया था।
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फोटो: निर्माण साइट पर काम रुकवाने के बाद किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता रवि आजाद।