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Gurugram News: तावडू नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार की रुकी जांच कोर्ट के आदेश पर दोबारा शुरू

Sun, 09 Nov 2025 12:18 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:18 AM IST
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The stalled investigation into alleged corruption in the Taoru Municipality has resumed on a court order.
पूर्व चेयरपर्सन, दो पूर्व सचिव, कनिष्ठ अभियंता सहित सभी आरोपी तलब
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शहरी स्थानीय निकाय विभाग की निगरानी में होगी जांच

संवाद न्यूज एजेंसी

तावडू। नगर पालिका में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के मामले में लंबे समय से अटकी जांच को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद दोबारा गति मिली है। कोर्ट के आदेश पर जिला नगर आयुक्त नूंह ने पूर्व चेयरपर्सन, दो पूर्व सचिव, कनिष्ठ अभियंता सहित सभी आरोपी अधिकारियों को 10 नवंबर को जांच के लिए तलब किया है। यह जांच शहरी स्थानीय निकाय विभाग की निगरानी में होगी, जिसमें विकास कार्यों के नाम पर सार्वजनिक धन के गबन के आरोपों की गहन पड़ताल की जाएगी।

मामला तावडू नगर पालिका के पूर्व मनोनीत पार्षद कृष्ण सहरावत की शिकायत से जुड़ा है। सहरावत ने 2023 में तत्कालीन डीएमसी नूंह को भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पूर्व चेयरपर्सन के कार्यकाल के दौरान विकास परियोजनाओं में अनियमितताओं और करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगाया गया था। तत्कालीन डीएमसी ने जांच शुरू की, लेकिन उनके तबादले के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अप्रैल 2025 में सहरावत ने फिर से जिला नगर आयुक्त को पत्र लिखकर जांच दोबारा शुरू करने की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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इसके बाद सहरावत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 30 सितंबर को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को तीन महीने के अंदर जांच पूरी करने और रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय, पंचकूला को पक्षकार बनाते हुए सख्त हिदायत दी कि जांच को तार्किक अंत तक पहुंचाया जाए। निदेशालय ने 13 अक्तूबर को जिला नगर आयुक्त नूंह को निर्देश जारी किए, जिसके बाद आयुक्त ने 28 अक्तूबर को सभी संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जांच में लापरवाही बरतने पर आरोपी स्वयं जिम्मेदार होंगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि पूर्व चेयरपर्सन के कार्यकाल में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन किया गया। मैंने सभी सबूत पहले ही सौंप दिए थे, लेकिन जांच रुक गई। अब कोर्ट के हस्तक्षेप से न्याय की उम्मीद है। हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि भविष्य में कोई अधिकारी जनता के पैसे न लूट सके।
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सहरावत ने तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता पर विशेष आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी भय के भ्रष्टाचार किया। तावडू नगर पालिका के सचिव को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतकर्ता सहित सभी को सूचित करें और 10 नवंबर को सभी रिकॉर्ड के साथ आयुक्त के समक्ष पेश हों। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक कोर्ट के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध रिपोर्ट मांग रहे हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है। वहीं पूर्व नगर पालिका चेयरपर्सन का कहना है कि आपसी रंजिश में शिकायतकर्ता आदतन शिकायतकर्ता है। इस मामले में प्रशासन ने पूर्व में कई बार जांच की है, जांच हो चुकी है। फिर भी वह निष्पक्ष जांच के लिए हमेशा तैयार हैं।
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