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Gurugram News: बारिश के कारण दोपहर तक फीका रहा मेला, शाम ने दी थोड़ी जान
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सरस मेले में शाम को भीड़ के साथ लौटी रौनक, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक सामग्री बन रही आकर्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। लैजरवैली ग्राउंड में इन दिनों आयोजित सरस आजीविका मेला 2026 रंग-बिरंगी स्टॉलों, लोक संगीत और पारंपरिक हस्तशिल्प से गुलजार है। देशभर से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी कला और उद्यमिता का प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को सुबह से दोपहर तक हुई बारिश के कारण मेले में चहल-पहल कुछ कम रही, लेकिन बारिश थमते ही शाम को फिर से रौनक लौट आई। मेले में हस्तनिर्मित उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र, आभूषण, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक सामग्री आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। रुद्राक्ष माला, सजावटी मूर्ति और सजावटी सामान की स्टॉलों पर विशेष भीड़ देखी जा रही है।
मध्यप्रदेश पवेलियन के स्टॉल नंबर 229 पर लड़कों बाई की ओर से बनाई गई पीतल की शिव-पार्वती प्रतिमाएं खास ध्यान खींच रही हैं। वे बताती हैं कि मूर्ति निर्माण की प्रक्रिया जटिल है पहले पीतल को सांचे में ढाला जाता है और पूरी प्रतिमा तैयार होने में करीब पांच दिन लगते हैं। पिछले 15-20 वर्षों से इस कला से जुड़ी लड़कों बाई आज लखपति दीदी के रूप में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। मूर्तियों के अलावा घर को सजाने के लिए उत्पाद भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।
एनर्जी रिचार्ज ड्रिंक की अधिक मांग
मेले के फूड कोर्ट में विशेष ठंडाई आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसे एनर्जी रिचार्ज ड्रिंक कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें केसर, बादाम, पिस्ता, खसखस, शंखपुष्पी, काली मिर्च और सौंफ को दूध में मिलाकर तैयार किया जाता है। आयोजकों के अनुसार यह पेय दिमाग को शांत रखने और शरीर में ऊर्जा बढ़ाने में सहायक है। इसके अलावा पारंपरिक मिठाइयों और क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है। परिवारों और बच्चों के लिए सुरक्षित व मनोरंजक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। लैजरवैली ग्राउंड में इन दिनों आयोजित सरस आजीविका मेला 2026 रंग-बिरंगी स्टॉलों, लोक संगीत और पारंपरिक हस्तशिल्प से गुलजार है। देशभर से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी कला और उद्यमिता का प्रदर्शन कर रही हैं। बुधवार को सुबह से दोपहर तक हुई बारिश के कारण मेले में चहल-पहल कुछ कम रही, लेकिन बारिश थमते ही शाम को फिर से रौनक लौट आई। मेले में हस्तनिर्मित उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र, आभूषण, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक सामग्री आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। रुद्राक्ष माला, सजावटी मूर्ति और सजावटी सामान की स्टॉलों पर विशेष भीड़ देखी जा रही है।
मध्यप्रदेश पवेलियन के स्टॉल नंबर 229 पर लड़कों बाई की ओर से बनाई गई पीतल की शिव-पार्वती प्रतिमाएं खास ध्यान खींच रही हैं। वे बताती हैं कि मूर्ति निर्माण की प्रक्रिया जटिल है पहले पीतल को सांचे में ढाला जाता है और पूरी प्रतिमा तैयार होने में करीब पांच दिन लगते हैं। पिछले 15-20 वर्षों से इस कला से जुड़ी लड़कों बाई आज लखपति दीदी के रूप में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। मूर्तियों के अलावा घर को सजाने के लिए उत्पाद भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।
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एनर्जी रिचार्ज ड्रिंक की अधिक मांग
मेले के फूड कोर्ट में विशेष ठंडाई आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसे एनर्जी रिचार्ज ड्रिंक कहा जा रहा है, क्योंकि इसमें केसर, बादाम, पिस्ता, खसखस, शंखपुष्पी, काली मिर्च और सौंफ को दूध में मिलाकर तैयार किया जाता है। आयोजकों के अनुसार यह पेय दिमाग को शांत रखने और शरीर में ऊर्जा बढ़ाने में सहायक है। इसके अलावा पारंपरिक मिठाइयों और क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है। परिवारों और बच्चों के लिए सुरक्षित व मनोरंजक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
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