फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   The claim was rejected due to mismatch in forensic investigation, now Rs 35 lakh will have to be paid

Gurugram News: फोरेंसिक जांच में मिलान न होने पर खारिज किया था क्लेम,अब देने होंगे 35 लाख रुपये

Mon, 25 Aug 2025 12:29 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 25 Aug 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
The claim was rejected due to mismatch in forensic investigation, now Rs 35 lakh will have to be paid
उपभोक्ता आयोग से
विज्ञापन

- उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को दिया आदेश, बाइक को बचाने में डिवाइडर से टकरा गई थी कार

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सड़क हादसे में क्षतिग्रस्त हुई जगुआर कंपनी की गाड़ी का फोरेंसिक दुर्घटना जांच में मिलान न होने के आधार पर रोके गए क्लेम को ब्याज समेत देना होगा। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को 35 लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से देने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।

दिल्ली के वसंत कुंज निवासी दिनेश शर्मा ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि 14 अक्तूबर 2022 को उसका चालक ओम प्रकाश कार से खेटावास से गुरुग्राम जा रहा था। रात करीब 11 बजे फर्रुखनगर मार्केट के पास अचानक से एक बाइक गाड़ी के सामने आ गई। बाइक चालक को बचाने के दौरान गाड़ी अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। चालक ने इसके बारे में पुलिस को सूचना दी थी।
विज्ञापन


सर्विस सेंटर पर कार को ठीक करने के लिए 80 लाख रुपये का खर्च बताया गया था। शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया। कंपनी की तरफ से क्षतिग्रस्त हुई गाड़ी के कारण को जानने के लिए फोरेंसिक जांच विशेषज्ञ नियुक्त किए गए। उन्होंने जांच में पाया कि जो कारण गाड़ी के क्षतिग्रस्त होने के लिए बताया गया है और उसकी क्षतिग्रस्त होने की हालत आपस में मिलान नहीं होती है। ऐसे में तथ्य गलत बताने और तथ्य छुपाने पर उनका आवेदन खारिज कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि बीमा कंपनी क्लेम खारिज करने के आधार को साबित नहीं कर सकी। साथ ही बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह याचिका दायर करने की तिथि से नौ प्रतिशत की दर से 35 लाख रुपये दें। इसके अलावा शिकायतकर्ता को होने वाली मानसिक परेशानी के लिए दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च हुए 55 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed