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...बच्चे पूछते हैं क्या हमारा घर टूट जाएगा
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गुरुग्राम। रहने के लिए असुरक्षित घोषित की गई सेक्टर-37 डी स्थित ग्रीन ब्यू सोसाइटी के रहने वालों की जब बुधवार को लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त के साथ बैठक हुई तो माहौल बेहद भावनात्मक हो गया। सोसाइटी के निवासियों ने इस घटनाक्रम को लेकर बच्चों के द्वारा पूछे जाने वाले मासूम सवालों का भी हवाला दिया। जिनका साफ जवाब प्रशासन के पास भी नहीं था। बैठक में एनबीसीसी के पदाधिकारियों पर चिनटेल्स ग्रुप की तरह ही रिपोर्ट दर्ज कराने और एनबीसीसी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की गई।
बैठक में सोसाइटी के रहने वाले दीपक जैन ने कहा कि सोसाइटी को लेकर होने वाली चर्चाओं को बच्चे भी सुनते और पढ़ते हैं। वह पूछते हैं कि पापा क्या हमारा घर टूट जाएगा? इस पर हम लोग कहते हैं कि हां यह हो सकता है। बच्चे पूछते हैं कि घर क्यों तोड़ा जा रहा है। हम जवाब देते हैं कि इसको बनाने में कमी हुई है। बच्चे कहते हैं कि फिर तो सजा उनको मिलनी चाहिए, जिन्होंने यह गलत काम किया है, क्योंकि आप ही तो कहते हो कि जो गलत काम करता है उनको सजा मिलती है। बच्चों की इस सहज जिज्ञासा का उनके पास कोई जवाब नहीं होता है। ऐसे माहौल में रातों को नींद तक नहीं आती है। मानसिक कष्ट असहनीय हो गया है। परिवार का माहौल भी सहज नहीं रहा है। दीपक जैन ने कहा कि संविधान में व्यवस्था है कि भले ही 100 दोषी छूट जाएं लेकिन किसी बेगुनाह को सजा नहीं मिले। इस संदर्भ में अगर देखा जाए तो इस मामले में हमारा कोई कसूर नहीं है लेकिन हम एक प्रकार की सजा भुगत रहे हैं, जबकि दोषी कार्रवाई की परिधि में भी नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में चिनटेल्स सोसाइटी की तरह ही एनबीसीसी के पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज हो। हरियाणा में एनबीसीसी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। हरियाणा में जो भी एनबीसीसी की बिल्डिंग हैं, उनकी आईआईटी से जांच कराई जाए।
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बैठक में सोसाइटी के रहने वाले दीपक जैन ने कहा कि सोसाइटी को लेकर होने वाली चर्चाओं को बच्चे भी सुनते और पढ़ते हैं। वह पूछते हैं कि पापा क्या हमारा घर टूट जाएगा? इस पर हम लोग कहते हैं कि हां यह हो सकता है। बच्चे पूछते हैं कि घर क्यों तोड़ा जा रहा है। हम जवाब देते हैं कि इसको बनाने में कमी हुई है। बच्चे कहते हैं कि फिर तो सजा उनको मिलनी चाहिए, जिन्होंने यह गलत काम किया है, क्योंकि आप ही तो कहते हो कि जो गलत काम करता है उनको सजा मिलती है। बच्चों की इस सहज जिज्ञासा का उनके पास कोई जवाब नहीं होता है। ऐसे माहौल में रातों को नींद तक नहीं आती है। मानसिक कष्ट असहनीय हो गया है। परिवार का माहौल भी सहज नहीं रहा है। दीपक जैन ने कहा कि संविधान में व्यवस्था है कि भले ही 100 दोषी छूट जाएं लेकिन किसी बेगुनाह को सजा नहीं मिले। इस संदर्भ में अगर देखा जाए तो इस मामले में हमारा कोई कसूर नहीं है लेकिन हम एक प्रकार की सजा भुगत रहे हैं, जबकि दोषी कार्रवाई की परिधि में भी नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले में चिनटेल्स सोसाइटी की तरह ही एनबीसीसी के पदाधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज हो। हरियाणा में एनबीसीसी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। हरियाणा में जो भी एनबीसीसी की बिल्डिंग हैं, उनकी आईआईटी से जांच कराई जाए।
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