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Gurugram News: समय पर फ्लैट नहीं देने पर बिल्डर को देना होगा ब्याज
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हरेरा ने ओशियन सेवन बिल्डटेक को दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित ओएसबी एक्सप्रेसवे टावर्स प्रोजेक्ट के आवंटियों को अब तक घर का कब्जा नहीं मिला है। हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के सदस्य अशोक सांगवान ने ओशियन सेवन बिल्डटेक को आदेश दिया है कि खरीदारों को देरी की अवधि के लिए ब्याज चुकाया जाए। हरेरा में याचिका दायर कर पीड़ितों ने शिकायत की थी कि बिल्डर ने साल 2016 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लाइसेंस लेकर मई 2017 में आवंटित पत्र जारी किया था।
अफोर्डेबल हाउसिंग नियमावली के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट को बिल्डर ने 30 मई 2022 तक फ्लैट का कब्जा देने का वादा किया था लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ है। बिल्डर ने सफाई दी कि एनजीटी के आदेशों के चलते हर साल करीब तीन महीने निर्माण बंद रहता है और कोविड-19 महामारी के दौरान लगभग 36 महीने काम प्रभावित रहा। बैंक खातों के फ्रीज होने से भी प्रोजेक्ट की प्रगति पर असर पड़ा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हरेरा ने निर्देश दिए कि मई 2022 से कब्जा न देने की स्थिति में खरीदारों को 11.10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 90 दिनों के भीतर दिया जाए। खरीदारों की कोई बकाया राशि है तो उसे 60 दिनों में अदा किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित ओएसबी एक्सप्रेसवे टावर्स प्रोजेक्ट के आवंटियों को अब तक घर का कब्जा नहीं मिला है। हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के सदस्य अशोक सांगवान ने ओशियन सेवन बिल्डटेक को आदेश दिया है कि खरीदारों को देरी की अवधि के लिए ब्याज चुकाया जाए। हरेरा में याचिका दायर कर पीड़ितों ने शिकायत की थी कि बिल्डर ने साल 2016 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लाइसेंस लेकर मई 2017 में आवंटित पत्र जारी किया था।
अफोर्डेबल हाउसिंग नियमावली के तहत शुरू किए गए प्रोजेक्ट को बिल्डर ने 30 मई 2022 तक फ्लैट का कब्जा देने का वादा किया था लेकिन तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ है। बिल्डर ने सफाई दी कि एनजीटी के आदेशों के चलते हर साल करीब तीन महीने निर्माण बंद रहता है और कोविड-19 महामारी के दौरान लगभग 36 महीने काम प्रभावित रहा। बैंक खातों के फ्रीज होने से भी प्रोजेक्ट की प्रगति पर असर पड़ा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हरेरा ने निर्देश दिए कि मई 2022 से कब्जा न देने की स्थिति में खरीदारों को 11.10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 90 दिनों के भीतर दिया जाए। खरीदारों की कोई बकाया राशि है तो उसे 60 दिनों में अदा किया जाए।
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