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Gurugram News: जालसाजों को सिम कार्ड व बैंक खाते मुहैया कराने वाला आरोपी गिरफ्तार
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आरोपी ने फर्जी पते पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगों को दिए
5000 रुपये प्रत्येक खाते पर लेता था कमीशन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस ने साइबर ठगों को सिम कार्ड व बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोपी ने फर्जी पते पर सिम कार्ड जारी करवाकर और बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को मुहैया कराए थे। साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों व जांच के आधार पर आरोपी की पहचान की। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के जहानाबाद निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है, जोकि वर्तमान में दिल्ली के नजफगढ़ में रहता है।
आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपी बिहार से लोगों को बुलाकर उनके आधार कार्ड में गलत पता अपडेट करवाता था और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को उपलब्ध करवाता था। इसके बदले आरोपी को प्रत्येक बैंक खाते पर पांच हजार रुपये कमीशन मिलता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मामले में ठगी गई राशि में से 70 हजार रुपये एक ऐसे बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर खुद आरोपी विकास कुमार के नाम पर जारी सिम कार्ड का था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने आधार कार्ड पर पता बदलवाकर उक्त सिम कार्ड जारी करवाया था और बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। मामले में शिकायतकर्ता ने साइबर पुलिस को शिकायत दी थी कि 10 जून को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को गूगल प्रमोशन डिपार्टमेंट का कर्मचारी बताकर टेलीग्राम एप के माध्यम से लिंक भेजा। उक्त लिंक के जरिये शिकायतकर्ता के साथ एक लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।
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आरोपी से साइबर ठगी में प्रयोग किए गए सिम कार्ड, बैंक खातों, अन्य आरोपियों व साइबर ठगी नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। - गौरव फोगाट, एसीपी साइबर अपराध, गुरुग्राम।
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5000 रुपये प्रत्येक खाते पर लेता था कमीशन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पश्चिम की पुलिस ने साइबर ठगों को सिम कार्ड व बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोपी ने फर्जी पते पर सिम कार्ड जारी करवाकर और बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को मुहैया कराए थे। साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों व जांच के आधार पर आरोपी की पहचान की। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के जहानाबाद निवासी विकास कुमार के रूप में हुई है, जोकि वर्तमान में दिल्ली के नजफगढ़ में रहता है।
आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह साइबर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़ा हुआ है। आरोपी बिहार से लोगों को बुलाकर उनके आधार कार्ड में गलत पता अपडेट करवाता था और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को उपलब्ध करवाता था। इसके बदले आरोपी को प्रत्येक बैंक खाते पर पांच हजार रुपये कमीशन मिलता था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मामले में ठगी गई राशि में से 70 हजार रुपये एक ऐसे बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसमें पंजीकृत मोबाइल नंबर खुद आरोपी विकास कुमार के नाम पर जारी सिम कार्ड का था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने आधार कार्ड पर पता बदलवाकर उक्त सिम कार्ड जारी करवाया था और बाद में उसे एक अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। मामले में शिकायतकर्ता ने साइबर पुलिस को शिकायत दी थी कि 10 जून को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को गूगल प्रमोशन डिपार्टमेंट का कर्मचारी बताकर टेलीग्राम एप के माध्यम से लिंक भेजा। उक्त लिंक के जरिये शिकायतकर्ता के साथ एक लाख रुपये की साइबर ठगी की थी।
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आरोपी से साइबर ठगी में प्रयोग किए गए सिम कार्ड, बैंक खातों, अन्य आरोपियों व साइबर ठगी नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। - गौरव फोगाट, एसीपी साइबर अपराध, गुरुग्राम।
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