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Gurugram News: एनजीटी के आदेश को बीते दस साल, पेड़ों की जड़ों से नहीं हटा कंक्रीट

Tue, 14 Nov 2023 11:17 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Nov 2023 11:17 PM IST
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Ten years have passed since NGT's order, concrete has not been removed from the roots of trees.
कंक्रीट युक्त पेड़ पोषक तत्व के अभाव के कारण सूखने लगे
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विवेक कुमार सिंह


गुरुग्राम। एनजीटी का आदेश है कि किसी भी पेड़ के एक मीटर के दायरे को कंक्रीट से मुक्त रखा जाए जिससे पेड़ फले फूले और उसे पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिले। एनजीटी की इस बात पर दिल्ली उच्च न्यायालय भी मुहर लगा चुका है। वहीं गुरुग्राम में सिविल लाइन्स, डीएलएफ, सेक्टर-15 और सेक्टर-46 क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ों की जड़ों को कंक्रीट से बांध दिया गया है। कंक्रीट युक्त यह पेड़ पोषक तत्व के अभाव के कारण सूखने लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ वन विभाग हर वर्ष लाखों पौधे लगाने का दावा तो करता है लेकिन ऐसे मामलों में कतई गंभीर नहीं है। लगता है वन विभाग के अधिकारी एनजीटी के आदेश से वाकिफ ही नहीं है, जबकि एनजीटी की ओर से 23 अप्रैल 2013 को जारी हुए आदेश को अब दस साल बीत चुके हैं। हालांकि अधिकारी कंक्रीट हटाने के लिए अलग से बजट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।

वर्तमान में शहर की दूषित हवा को नियंत्रित करने के लिए पेड़ों की उपयोगिता को समझा जा सकता है, लेकिन वन विभाग हो या नगर निगम कोई भी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं। पर्यावरण प्रेमी कई बार अपने स्तर पर पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने का मुद्दा उठाते रहे हैं। इसके बावजूद बीते वर्षों में कंक्रीट हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है जिसका नतीजा है कि आज शहर में सैकड़ों पेड़ अपनी आखिरी सांसें गिन रहे हैं। बता दें कि पौधे अपनी जड़ के द्वारा मिट्टी से पानी को अवशोषित करते हैं। जल में पौधों के विकास के लिए अन्य आवश्यक पोषक भी मौजूद रहते हैं। पानी के सहारे पेड़ों का जीवन चलता है। ऐसे में पेड़ों की जड़ कंक्रीट में बंद होने के कारण जरूरी पोषण मिलने में बाधा उत्पन्न होती है जिससे यह पेड़ धीरे धीरे सूखने लगते हैं।
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स्लोगन पर जोर, जमीन पर हकीकत कुछ और

नगर निगम व वन विभाग की टीमें लाखों रुपये फूंककर शहर की दीवारों के जरिए वृक्ष बचाओ,धरती बचाओ का संदेश तो देती हैं लेकिन वह इन संदेशों पर खुद अमल नहीं करतीं जिसका परिणाम है कि आज शहर में सैकड़ों पेड़ कंक्रीट के कारण जीवन के लिए जूझते नजर आ रहे हैं।
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सरकार का ध्यान आकर्षित किया, पर काम नहीं हुआ : वैशाली
पर्यावरण चिंतक वैशाली के मुताबिक कंक्रीट डालने से पेड़ की जड़ संरचना को क्षति पहुंचती है। पानी और ऑक्सीजन लेने की पेड़ की क्षमता में कमी आती है। पर्याप्त भोजन नहीं मिलता, जिससे पेड़ों के विकास में बाधा आती है। वे कई बार वन विभाग को ऐसे पेड़ों की जानकारी दे चुकी हैं। टि्वटर के जरिये भी उन्होंने सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। इसके बावजूद काम नहीं हुआ।



वन विभाग समय समय पर अभियान चलाकर कंक्रीट में कैद पेड़ों को मुक्त करता रहा है लेकिन अभी भी शहर के कई इलाकों में ऐसे पेड़ मौजूद हैं जिनकी जड़ कंक्रीट में कैद है। निकट भविष्य में ऐसे पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाकर एनजीटी के आदेश का पालन किया जाएगा।
- राजीव तेजियान, डीएफओ गुरुग्राम
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