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शिक्षिकों ने सीखी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रोग्रामिंग तकनीक
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गुरुग्राम। विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा देने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एआई) में निपुण बना रहा है। इसके लिए शुक्रवार को एससीईआरटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में एआई के संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रयोग करने की दिशा में काम किया गया। विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी देने के लिए शिक्षकों को तकनीकी प्रोग्रामिंग कराई गई।
प्रदेश के 13 जिलों के 30 शिक्षकों ने भाग लिया। एसआरएफ फाउंडेशन ने शिक्षकों को एआई किट दी। इसके माध्यम से शिक्षकों को सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट बनाने की जानकारी दी गई। इस दौरान शिक्षकों ने कम समय में देश-विदेश की समस्याओं को एआई के माध्यम से सुलझाने पर विचार किया। साथ ही रोबोटिक्स, होम ऑटोमेशन, स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी, ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम व अन्य विषयों पर प्रोग्रामिंग रन करना सिखाया गया। एससीईआरटी की टेक्निकल विंग से कार्यक्रम समन्वयक मनोज कौशिक ने बताया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने इस कार्यशाला में भाग लिया है।
शिक्षकों के प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रोग्रामिंग पर काम कराया जाएगा। प्रोजेक्ट इंजीनियर मनीषा और आकृति ने बताया कि शिक्षकों को प्रोग्रामिंग रन करना सिखाया गया है। धीरे-धीरे बड़े समूहों में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा जाएगा। इस दौरान एसआरफ निदेशक सुरेश रेड्डी, मैनेजर राकेश और मेंटर मनीष कुमार और
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एससीईआरटी की ओर से डिप्टी डायरेक्टर रविंद्र अलावाधी सहित दीप्ति बोकन, अंशु सिंगला एवं पूनम यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उपरोक्त कार्यक्रम अटल टिंकरिंग लैब के अंतर्गत चयनित विद्यालयों के लिए किया गया। एजुकेशन टेक्नोलॉजी विंग एससीईआरटी द्वारा आयोजित इस श्रृंखला का यह चौथा प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा।
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प्रदेश के 13 जिलों के 30 शिक्षकों ने भाग लिया। एसआरएफ फाउंडेशन ने शिक्षकों को एआई किट दी। इसके माध्यम से शिक्षकों को सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट बनाने की जानकारी दी गई। इस दौरान शिक्षकों ने कम समय में देश-विदेश की समस्याओं को एआई के माध्यम से सुलझाने पर विचार किया। साथ ही रोबोटिक्स, होम ऑटोमेशन, स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी, ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम व अन्य विषयों पर प्रोग्रामिंग रन करना सिखाया गया। एससीईआरटी की टेक्निकल विंग से कार्यक्रम समन्वयक मनोज कौशिक ने बताया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने इस कार्यशाला में भाग लिया है।
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शिक्षकों के प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रोग्रामिंग पर काम कराया जाएगा। प्रोजेक्ट इंजीनियर मनीषा और आकृति ने बताया कि शिक्षकों को प्रोग्रामिंग रन करना सिखाया गया है। धीरे-धीरे बड़े समूहों में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा जाएगा। इस दौरान एसआरफ निदेशक सुरेश रेड्डी, मैनेजर राकेश और मेंटर मनीष कुमार और
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एससीईआरटी की ओर से डिप्टी डायरेक्टर रविंद्र अलावाधी सहित दीप्ति बोकन, अंशु सिंगला एवं पूनम यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उपरोक्त कार्यक्रम अटल टिंकरिंग लैब के अंतर्गत चयनित विद्यालयों के लिए किया गया। एजुकेशन टेक्नोलॉजी विंग एससीईआरटी द्वारा आयोजित इस श्रृंखला का यह चौथा प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा।