{"_id":"5f5d08008ebc3e1c1b4f115e","slug":"swami-agnivesh-merges-with-five-elements-gurgaon-news-noi5358318133","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वामी अग्निवेश पंचतत्व में विलीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वामी अग्निवेश पंचतत्व में विलीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोहना/गुरुग्राम। हरियाणा के पूर्व मंत्री व आर्य सभा के संस्थापक स्वामी अग्निवेश (81) का शनिवार शाम करीब चार बजे गांव बहल्पा स्थित अग्निलोक आश्रम में वैदिक रीति रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्यवेश ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले आश्रम में आर्य सभा के महामंत्री प्रोफेसर बिट्ठल राव समेत दिल्ली और हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आर्य समाज की हस्तियों ने स्वामी अग्निवेश के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्वामी अग्निवेश के पार्थिव शरीर को दिल्ली में जंतर-मंतर रोड स्थित आर्य प्रतिनिधि सभा के कार्यालय में अंतिम दर्शनार्थ रखा गया था। दोपहर करीब पौने तीन बजे पार्थिव शरीर को बहल्पा स्थित अग्निलोक आश्रम लाया गया। यहां भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहा। कोरोना संक्रमण की परवाह किए बिना लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए और नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने वाले स्वामी अग्निवेश को विजनर्स लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय थे। लीवर सिरोसिस से पीड़ित होने के कारण उनका स्वास्थय लगातार गिरता जा रहा था। सोमवार को उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक अंतिम समय में उनके शरीर के प्रमुख अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था। शुक्रवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वामी अग्निवेश के पार्थिव शरीर को दिल्ली में जंतर-मंतर रोड स्थित आर्य प्रतिनिधि सभा के कार्यालय में अंतिम दर्शनार्थ रखा गया था। दोपहर करीब पौने तीन बजे पार्थिव शरीर को बहल्पा स्थित अग्निलोक आश्रम लाया गया। यहां भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए लोगों का जमावड़ा लगा रहा। कोरोना संक्रमण की परवाह किए बिना लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए और नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने वाले स्वामी अग्निवेश को विजनर्स लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। यह सम्मान पाने वाले वह पहले भारतीय थे। लीवर सिरोसिस से पीड़ित होने के कारण उनका स्वास्थय लगातार गिरता जा रहा था। सोमवार को उन्हें दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक अंतिम समय में उनके शरीर के प्रमुख अंगों ने कार्य करना बंद कर दिया था। शुक्रवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।
विज्ञापन