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Gurugram News: भ्रष्टाचार के आरोपों से नाराज तहसीलदारों की हड़ताल, जिले में रजिस्ट्री समेत सभी काम ठप
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तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने जताया विरोध, कहा- बिना किसी जांच और सबूत के बताया जा रहा भ्रष्टाचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के कथित आरोपों और फरीदाबाद की एक महिला तहसीलदार के खिलाफ दर्ज केस होने के बाद जिले के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने भी हड़ताल कर दी। इससे सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य ठप रहे। हड़ताल से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, पहले से तय टोकन के आधार पर कुछ रजिस्ट्रियां की गईं, लेकिन अन्य सभी कार्य नहीं हुए। तहसीलदारों का कहना है कि उन्हें जबरन बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। बिना किसी जांच और सबूत के भ्रष्टाचार में संलिप्त दिखाया जा रहा है, जो न सिर्फ गलत है बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। हरियाणा रेवेन्यू अधिकारी एसोसिएशन के एक सदस्य ने बताया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो सामूहिक अवकाश मंगलवार को भी जारी रहेगा। इसका सीधा असर तहसीलों के कामकाज पर पड़ेगा और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
भ्रष्टाचार सूची में 47 तहसीलदार और 370 पटवारी शामिल
राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की ओर से प्रदेशभर में 47 तहसीलदारों और 370 पटवारियों के नाम एक सूची में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, तहसीलदारों के 404 और पटवारियों के 152 दलालों के नाम भी सार्वजनिक किए जा चुके हैं। तहसीलदारों का कहना है कि सूची में नाम डालने के बावजूद अब तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
पटवारियों ने भी जताया विरोध, अतिरिक्त हल्का का काम किया बंद
तहसीलदारों की हड़ताल के समर्थन में पटवारियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की और अतिरिक्त हल्का का काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार को लेकर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिना किसी आधार के सभी कर्मचारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
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काम ठप रहने से आम लोगों को हुई परेशानी
तहसील कार्यालयों में हड़ताल के कारण आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रजिस्ट्री कराने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कई लोगों के नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्य भी अटक गए।
सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
नूंह जिले की छह तहसीलों में सामान्य दिनों में औसतन 60 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं, जिनसे सरकार को भारी राजस्व मिलता है। तावडू तहसील में सबसे ज्यादा हर रोज लगभग 20 रजिस्ट्रियां होती है। सोमवार को तहसील में काम करवाने पहुंचे अयूब, यूनुस, इखलास और मुबारिक जैसे कई लोगों ने बताया कि उन्हें पहले से अवकाश की जानकारी नहीं दी गई थी। इससे वे दिनभर परेशान होते रहे।
पटवारियों ने जिला उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र
द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो संगठन जिला नूंह की ओर से जिला उपायुक्त को पांच विभिन्न मांगों को लेकर मांग पत्र सौंपा गया। इसमें मुख्य रूप से गिरदावरी के दौरान प्रत्येक पटवारी को सहायक उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। नूंह के पटवारी को ई गिरदावरी जैसे तकनीकी कार्यों के लिए उच्च गुणवत्ता के टैबलेट उपलब्ध कराने के साथ-साथ राजस्व रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए मैच कुर्सी अलमारी आदि फर्नीचर की मांग रखी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के कथित आरोपों और फरीदाबाद की एक महिला तहसीलदार के खिलाफ दर्ज केस होने के बाद जिले के तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने भी हड़ताल कर दी। इससे सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्य ठप रहे। हड़ताल से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, पहले से तय टोकन के आधार पर कुछ रजिस्ट्रियां की गईं, लेकिन अन्य सभी कार्य नहीं हुए। तहसीलदारों का कहना है कि उन्हें जबरन बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। बिना किसी जांच और सबूत के भ्रष्टाचार में संलिप्त दिखाया जा रहा है, जो न सिर्फ गलत है बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है। हरियाणा रेवेन्यू अधिकारी एसोसिएशन के एक सदस्य ने बताया कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो सामूहिक अवकाश मंगलवार को भी जारी रहेगा। इसका सीधा असर तहसीलों के कामकाज पर पड़ेगा और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
भ्रष्टाचार सूची में 47 तहसीलदार और 370 पटवारी शामिल
राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की ओर से प्रदेशभर में 47 तहसीलदारों और 370 पटवारियों के नाम एक सूची में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, तहसीलदारों के 404 और पटवारियों के 152 दलालों के नाम भी सार्वजनिक किए जा चुके हैं। तहसीलदारों का कहना है कि सूची में नाम डालने के बावजूद अब तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिससे राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है।
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पटवारियों ने भी जताया विरोध, अतिरिक्त हल्का का काम किया बंद
तहसीलदारों की हड़ताल के समर्थन में पटवारियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की और अतिरिक्त हल्का का काम बंद कर दिया। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार को लेकर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बिना किसी आधार के सभी कर्मचारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
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काम ठप रहने से आम लोगों को हुई परेशानी
तहसील कार्यालयों में हड़ताल के कारण आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रजिस्ट्री कराने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कई लोगों के नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्य भी अटक गए।
सरकार को हो रहा राजस्व का नुकसान
नूंह जिले की छह तहसीलों में सामान्य दिनों में औसतन 60 से अधिक रजिस्ट्रियां होती हैं, जिनसे सरकार को भारी राजस्व मिलता है। तावडू तहसील में सबसे ज्यादा हर रोज लगभग 20 रजिस्ट्रियां होती है। सोमवार को तहसील में काम करवाने पहुंचे अयूब, यूनुस, इखलास और मुबारिक जैसे कई लोगों ने बताया कि उन्हें पहले से अवकाश की जानकारी नहीं दी गई थी। इससे वे दिनभर परेशान होते रहे।
पटवारियों ने जिला उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र
द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो संगठन जिला नूंह की ओर से जिला उपायुक्त को पांच विभिन्न मांगों को लेकर मांग पत्र सौंपा गया। इसमें मुख्य रूप से गिरदावरी के दौरान प्रत्येक पटवारी को सहायक उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। नूंह के पटवारी को ई गिरदावरी जैसे तकनीकी कार्यों के लिए उच्च गुणवत्ता के टैबलेट उपलब्ध कराने के साथ-साथ राजस्व रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए मैच कुर्सी अलमारी आदि फर्नीचर की मांग रखी।