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एसटीएफ जांच की टीम संक्रमित, फर्जी आरसी मामले की जांच रूकी
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गुरुग्राम। चोरी की लग्जरी गाड़ियों के फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बनाने के मामले में जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम कोरोना वायरस से संक्रमित हो गई है, जिसके कारण इस मामले की जांच फिलहाल रुक गई है। तीन जुलाई को फर्जी आरसी बनाने वाले गिरोह के सरगना अमित व रमेश को एसटीएफ गुरुग्राम प्रोडक्शन वारंट पर चंडीगढ़ से यहां लेकर आने वाली थी, लेकिन टीम के संक्रमित होने के कारण एसटीएफ ने कोर्ट से अगस्त में प्रोडक्शन वारंट लेने की गुजारिश की।
अब इस मामले में अगली तारीख छह अगस्त लगी है। उसके बाद रिमांड पर लेकर एसटीएफ आगे की जांच करेगी। एसटीएफ डीआईजी सतीश बालन ने भी इसकी पुष्टि की। गुरुग्राम एसटीएफ ने 22 जून 2020 को चोरी की लग्जरी गाड़ियों की फर्जी तरीके से आरसी तैयार कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया था। इस मामले को लेकर प्रदेश के चार जिले में जांच चल रही है।
जांच दल के एसटीएफ इंस्पेक्टर अब कोरोना संक्रमित हो गए है। टीम के अन्य सदस्य और इंस्पेक्टर का परिवार भी संक्रमित हो गए है। वहीं, गिरोह के मुख्य आरोपियों को 3 जुलाई को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाना था, जिसे फिलहाल अगली तारीख तक टाल दिया गया है।
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नंबर में छेड़खानी के बाद बनाते थे आरसी
डीआईजी बालन ने बताया कि रिमांड पर लिए गए गिरोह का एक सरगना रमेश बामल से पूछताछ में पता चला है कि लग्जरी गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर बदल देते थे। गाड़ी को चोरी करने के बाद मैकेनिक के पास ले जाकर चेसिस और इंजन पर डाले गए असली नंबरों में छेड़छाड़ कर बदल देते थे। बदले गए नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर असली आरसी बनवा देते थे। उन्होंने कहा कि अभी मामले की जांच चल रही है। इसलिए और अधिक जानकारी नहीं दे सकते।
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अब इस मामले में अगली तारीख छह अगस्त लगी है। उसके बाद रिमांड पर लेकर एसटीएफ आगे की जांच करेगी। एसटीएफ डीआईजी सतीश बालन ने भी इसकी पुष्टि की। गुरुग्राम एसटीएफ ने 22 जून 2020 को चोरी की लग्जरी गाड़ियों की फर्जी तरीके से आरसी तैयार कराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया था। इस मामले को लेकर प्रदेश के चार जिले में जांच चल रही है।
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जांच दल के एसटीएफ इंस्पेक्टर अब कोरोना संक्रमित हो गए है। टीम के अन्य सदस्य और इंस्पेक्टर का परिवार भी संक्रमित हो गए है। वहीं, गिरोह के मुख्य आरोपियों को 3 जुलाई को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाना था, जिसे फिलहाल अगली तारीख तक टाल दिया गया है।
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नंबर में छेड़खानी के बाद बनाते थे आरसी
डीआईजी बालन ने बताया कि रिमांड पर लिए गए गिरोह का एक सरगना रमेश बामल से पूछताछ में पता चला है कि लग्जरी गाड़ियों के इंजन और चेसिस नंबर बदल देते थे। गाड़ी को चोरी करने के बाद मैकेनिक के पास ले जाकर चेसिस और इंजन पर डाले गए असली नंबरों में छेड़छाड़ कर बदल देते थे। बदले गए नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर असली आरसी बनवा देते थे। उन्होंने कहा कि अभी मामले की जांच चल रही है। इसलिए और अधिक जानकारी नहीं दे सकते।