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Gurugram News: जेल काटी, लाठियां खाई ...अब राम मंदिर बनने से मिला सुकून
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अयोध्या के लिए निकले थे कार सेवक, मुरादाबाद में किया गया था लाठी चार्ज
जिस-जिस पर थी लखनऊ की टिकट, उसी को भेजा गया जेल
प्रेमचंद पाल्मी
पटौदी। कार सेवा के लिए पटौदी से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। इनमें से कुछ जहां अयोध्या पहुंचने में कामयाब हो गए, वहीं कुछ को मुरादाबाद स्टेशन पर ही रोक दिया गया। उन पर लाठी चार्ज किया गया और बाद में जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। 15 दिन बाद आधी रात को जेल से रिहा करके फिर स्टेशन पर छोड़ दिया गया। अपनी इन्हीं यादों को साझा करते हुए इन लोगों का कहना है कि उस समय खून बहाकर दर्द सहा था, मगर अब जब राम मंदिर बनने जा रहा है तो उन्हें सुकून भी मिला है।
नगर परिषद पटौदी मंडी के पूर्व पार्षद राजेन्द्र गुप्ता बताते हैं कि 33 साल पहले अक्टूबर माह 1990 में अयोध्या के लिए लगभग दो दर्जन रामभक्त कार सेवक निकले थे। उनके साथ नगर परिषद पटौदी मंडी के अनिल भारती, बासपदमका निवासी मुकेश यादव और सुरेश कुमार भी गुरुग्राम स्टेशन से ही लखनऊ के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। जैसे ही मुरादाबाद ट्रेन पहुंची तो पुलिस ने अचानक ही डिब्बे में चेकिंग शुरू कर दी। जिन-जिन लोगों के पास लखनऊ की टिकट थी उन सभी को ट्रेन से जबरन उतार लिया गया। इसके बाद पुलिस उन्हें गाड़ी में बिठाकर ले गई और 15 दिनों के लिए जेल में बंद कर दिया। अनिल बताते हैं कि हम सभी को यातनाएं दी गईं, हम पर लाठी चार्ज भी हुआ।
15 दिनों बाद रात 12 बजे हमारे हाथों पर मोहर लगाकर मुरादाबाद स्टेशन पर वापसी के लिए छोड़ दिया गया। 33 साल पुराना यह मंजर आज भी याद है। अब खुशी इस बात की है कि 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इन सभी लोगों का कहना है कि 22 जनवरी को हम अपने घरों में रहकर ही दिवाली की तरह जश्न मनाएंगे।
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जिस-जिस पर थी लखनऊ की टिकट, उसी को भेजा गया जेल
प्रेमचंद पाल्मी
पटौदी। कार सेवा के लिए पटौदी से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। इनमें से कुछ जहां अयोध्या पहुंचने में कामयाब हो गए, वहीं कुछ को मुरादाबाद स्टेशन पर ही रोक दिया गया। उन पर लाठी चार्ज किया गया और बाद में जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। 15 दिन बाद आधी रात को जेल से रिहा करके फिर स्टेशन पर छोड़ दिया गया। अपनी इन्हीं यादों को साझा करते हुए इन लोगों का कहना है कि उस समय खून बहाकर दर्द सहा था, मगर अब जब राम मंदिर बनने जा रहा है तो उन्हें सुकून भी मिला है।
नगर परिषद पटौदी मंडी के पूर्व पार्षद राजेन्द्र गुप्ता बताते हैं कि 33 साल पहले अक्टूबर माह 1990 में अयोध्या के लिए लगभग दो दर्जन रामभक्त कार सेवक निकले थे। उनके साथ नगर परिषद पटौदी मंडी के अनिल भारती, बासपदमका निवासी मुकेश यादव और सुरेश कुमार भी गुरुग्राम स्टेशन से ही लखनऊ के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। जैसे ही मुरादाबाद ट्रेन पहुंची तो पुलिस ने अचानक ही डिब्बे में चेकिंग शुरू कर दी। जिन-जिन लोगों के पास लखनऊ की टिकट थी उन सभी को ट्रेन से जबरन उतार लिया गया। इसके बाद पुलिस उन्हें गाड़ी में बिठाकर ले गई और 15 दिनों के लिए जेल में बंद कर दिया। अनिल बताते हैं कि हम सभी को यातनाएं दी गईं, हम पर लाठी चार्ज भी हुआ।
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15 दिनों बाद रात 12 बजे हमारे हाथों पर मोहर लगाकर मुरादाबाद स्टेशन पर वापसी के लिए छोड़ दिया गया। 33 साल पुराना यह मंजर आज भी याद है। अब खुशी इस बात की है कि 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इन सभी लोगों का कहना है कि 22 जनवरी को हम अपने घरों में रहकर ही दिवाली की तरह जश्न मनाएंगे।
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