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Gurugram News: सोहना विधायक का सरपंच से मंत्री तक का सफर रहा है संघर्ष मय रहा
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सोहना विधायक का सरपंच से मंत्री तक का सफर रहा है संघर्ष मय रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। प्रदेश सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले सोहना विधायक संजय सिंह का राजनीतिक सफर संघर्ष मय रहा है। जिन्होंने अपनी राजनीति की शुरूआत गांव के सरपंच का चुनाव जीत कर की थी। उन्होंने तीन बार विधानसभा का चुनाव हारकर भी हिम्मत नहीं हारी थी। वर्ष 2019 में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में सोहना क्षेत्र से चौथी बार राजनीतिक पारी खेली और भाजपा की टिकट पर चुनाव जीत कर विधानसभा में पहुंचे।
उनके पिता की पहचान मेवात क्षेत्र में अलग थी। अपने समय के दिग्गज नेता कंवर सूरजपाल सिंह के पुत्र संजय सिंह का जन्म नूंह के गांव उजीना में 4 नवंबर 1975 को हुआ था। जिन्होंने सोहना व तावडू से अपनी स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी राजनीतिक ललक बचपन से ही थी। जिनके पिता सूरजपाल सिंह करीब 25 वर्षों तक उजीना गांव के सरपंच रहे थे। बताते हैं कि सरपंच पद पर रहते हुए सूरजपाल सिंह ने सैकड़ों युवाओं को शिक्षक भर्ती कराकर रोजगार दिलाया था। ऐसे युवा आज भी उनको भूलते नहीं हैं। लोगों के प्यार की बदौलत सूरजपाल सिंह ने वर्ष 1996 में तावडू विधानसभा से चुनाव लड़ा और वे विजयी रहे। तथा उनको पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बंसीलाल के मंत्रिमंडल में राजस्व विभाग का वजीर बनाया गया। अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए संजय सिंह ने वर्ष 1997 में उजीना गांव से सरपंच पद का चुनाव लड़ा और उन्होंने विजय पताका फहरा डाली। उसके बाद उनके कदम राजनीति में कभी रुके नहीं। तथा वर्ष 2004 में भाजपा की टिकट पर तावडू विधानसभा से चुनाव लड़ा था।
समर्थकों ने मनाई खुशी
सोहना के विधायक संजय सिंह को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिए जाने पर कस्बे में भाजपाइयों व समर्थकों ने जमकर खुशी मनाई। जिन्होंने आतिशबाजी छोड़ कर मिठाइयां बांटी। इस अवसर पर पूर्व पार्षद डॉक्टर सतीश तंवर, पूर्व पार्षद नागेश मुखी, भाजपा मण्डल प्रधान गौरव चुघ, मुकेश सैनी, दिनेश गुप्ता, राधेश्याम सक्सेना, राकेश जैन रोकी आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। प्रदेश सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने वाले सोहना विधायक संजय सिंह का राजनीतिक सफर संघर्ष मय रहा है। जिन्होंने अपनी राजनीति की शुरूआत गांव के सरपंच का चुनाव जीत कर की थी। उन्होंने तीन बार विधानसभा का चुनाव हारकर भी हिम्मत नहीं हारी थी। वर्ष 2019 में सम्पन्न विधानसभा चुनाव में सोहना क्षेत्र से चौथी बार राजनीतिक पारी खेली और भाजपा की टिकट पर चुनाव जीत कर विधानसभा में पहुंचे।
उनके पिता की पहचान मेवात क्षेत्र में अलग थी। अपने समय के दिग्गज नेता कंवर सूरजपाल सिंह के पुत्र संजय सिंह का जन्म नूंह के गांव उजीना में 4 नवंबर 1975 को हुआ था। जिन्होंने सोहना व तावडू से अपनी स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी राजनीतिक ललक बचपन से ही थी। जिनके पिता सूरजपाल सिंह करीब 25 वर्षों तक उजीना गांव के सरपंच रहे थे। बताते हैं कि सरपंच पद पर रहते हुए सूरजपाल सिंह ने सैकड़ों युवाओं को शिक्षक भर्ती कराकर रोजगार दिलाया था। ऐसे युवा आज भी उनको भूलते नहीं हैं। लोगों के प्यार की बदौलत सूरजपाल सिंह ने वर्ष 1996 में तावडू विधानसभा से चुनाव लड़ा और वे विजयी रहे। तथा उनको पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बंसीलाल के मंत्रिमंडल में राजस्व विभाग का वजीर बनाया गया। अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए संजय सिंह ने वर्ष 1997 में उजीना गांव से सरपंच पद का चुनाव लड़ा और उन्होंने विजय पताका फहरा डाली। उसके बाद उनके कदम राजनीति में कभी रुके नहीं। तथा वर्ष 2004 में भाजपा की टिकट पर तावडू विधानसभा से चुनाव लड़ा था।
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समर्थकों ने मनाई खुशी
सोहना के विधायक संजय सिंह को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिए जाने पर कस्बे में भाजपाइयों व समर्थकों ने जमकर खुशी मनाई। जिन्होंने आतिशबाजी छोड़ कर मिठाइयां बांटी। इस अवसर पर पूर्व पार्षद डॉक्टर सतीश तंवर, पूर्व पार्षद नागेश मुखी, भाजपा मण्डल प्रधान गौरव चुघ, मुकेश सैनी, दिनेश गुप्ता, राधेश्याम सक्सेना, राकेश जैन रोकी आदि मौजूद रहे।
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