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Gurugram News: धुंध, धूल और हड़ताल... बिगड़ रहा शहर का हाल
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फोटो
जलाकर खत्म किया जा रहा कूड़ा, आसमान पर दिन भर छाया रहा स्मॉग, नहीं किया जा रहा पानी का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कचरा सिटी बने शहर में एक ओर जहां कूड़े को जलाकर खत्म किया जा रहा है। वहीं रही सही कचरा, धुंध और धूल ने पूरी कर दी है। शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। सोमवार को शहर में न्यूनतम एक्यूआई 166 और अधिकतम 356 रहा।
प्रदूषण का स्तर ग्रैप के लेवल टू तक पहुंच गया है। दूसरी ओर नगर निगम के सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर जगह-जगह दिख रहा है। सदर बाजार से लेकर पुराने नगर निगम के दफ्तर और कॉलोनियों में काफी मात्रा में कूड़ा जमा है। कुछ जगहों पर थोड़ी-थाेड़ी मात्रा में मिलाजुला कचरा जलाकर खत्म करने की भी सूचना है। मिले जुले कचरे में पाॅलिथीन की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह धुआं हवा को जहरीला कर सकता है। ठंड बढ़ने के साथ शहर में वायु प्रदूषण का असर दिखने लगा है। सुबह और शाम आसमान में धुंध का असर है और दृश्यता भी कम हो गई है।
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सरस आजीविका मेले में पार्किंग में उड़ रहा धूल का गुबार
सेक्टर-29 स्थित महाराणा प्रताप पार्क के पास लगे आजीविका मेले में काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले के पीछे गाड़ियों की बड़ी पार्किंग की व्यवस्था है। मेले में प्रवेश करने से पहले पार्किंग में उड़ती हुई धूल लोगों को परेशान करती है। पार्किंग में घास नहीं है, जमीन की मिट्टी सूखी हुई और रेतीली है। यहां पानी के छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बढ़ रही है सांस और फेफड़े संबंधित रोगियों की संख्या
जिला अस्पताल में इस हफ्ते आने वाले सांस और फेफड़े संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के छाती और सांस रोग विशेषज्ञ डाॅ. वरुण यादव कहते हैं कि पिछले हफ्ते 10 से 15 मरीज सांस और फेफड़े संबंधित रोगों के इलाज के लिए आ रहे थे। इस हफ्ते ओपीडी में 30 से 35 मरीज आने लगे हैं। प्रदूषण को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। गुरुग्राम में वैसे भी धूल ज्यादा है। आने वाले दिनों में हवा प्रदूषित होगी तो मरीज दोगुने हो सकते हैं। अस्थमा ग्रस्त लोग, सीओपीडी और जिन्हें खांसी, सर्दी और एलर्जी की शिकायत हो वे पूरी सावधानी रखें। अस्थमा ग्रस्त बच्चों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
डाक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल बचाव की जरूरत है बल्कि हमारे सामूहिक प्रयास होने चाहिए कि हवा प्रदूषित न हो। पटाखों का प्रयोग नहीं किया जाए। कोई भी ऐसा कार्य नहीं हो जिससे प्रदूषण और ज्यादा बढ़े।
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मिलकर करेंगे प्रदूषण का मुकाबला
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा कि यह उपायुक्त का भी आदेश है कि जगह-जगह पानी का छिड़काव किया जाए। तापमान कम होने के कारण प्रदूषणकारी तत्व कम ऊंचाई पर संघनित होने लगे हैं। इसलिए धुंध का असर दिखने लगा है। हवा चलती और तापमान बढ़ता तो यह प्रदूषण का असर कम होता। हम सब को मिलकर प्रदूषण से बचाव के उपाय करने होंगे।
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जलाकर खत्म किया जा रहा कूड़ा, आसमान पर दिन भर छाया रहा स्मॉग, नहीं किया जा रहा पानी का छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कचरा सिटी बने शहर में एक ओर जहां कूड़े को जलाकर खत्म किया जा रहा है। वहीं रही सही कचरा, धुंध और धूल ने पूरी कर दी है। शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। सोमवार को शहर में न्यूनतम एक्यूआई 166 और अधिकतम 356 रहा।
प्रदूषण का स्तर ग्रैप के लेवल टू तक पहुंच गया है। दूसरी ओर नगर निगम के सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर जगह-जगह दिख रहा है। सदर बाजार से लेकर पुराने नगर निगम के दफ्तर और कॉलोनियों में काफी मात्रा में कूड़ा जमा है। कुछ जगहों पर थोड़ी-थाेड़ी मात्रा में मिलाजुला कचरा जलाकर खत्म करने की भी सूचना है। मिले जुले कचरे में पाॅलिथीन की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह धुआं हवा को जहरीला कर सकता है। ठंड बढ़ने के साथ शहर में वायु प्रदूषण का असर दिखने लगा है। सुबह और शाम आसमान में धुंध का असर है और दृश्यता भी कम हो गई है।
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सरस आजीविका मेले में पार्किंग में उड़ रहा धूल का गुबार
सेक्टर-29 स्थित महाराणा प्रताप पार्क के पास लगे आजीविका मेले में काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मेले के पीछे गाड़ियों की बड़ी पार्किंग की व्यवस्था है। मेले में प्रवेश करने से पहले पार्किंग में उड़ती हुई धूल लोगों को परेशान करती है। पार्किंग में घास नहीं है, जमीन की मिट्टी सूखी हुई और रेतीली है। यहां पानी के छिड़काव की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बढ़ रही है सांस और फेफड़े संबंधित रोगियों की संख्या
जिला अस्पताल में इस हफ्ते आने वाले सांस और फेफड़े संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल के छाती और सांस रोग विशेषज्ञ डाॅ. वरुण यादव कहते हैं कि पिछले हफ्ते 10 से 15 मरीज सांस और फेफड़े संबंधित रोगों के इलाज के लिए आ रहे थे। इस हफ्ते ओपीडी में 30 से 35 मरीज आने लगे हैं। प्रदूषण को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। गुरुग्राम में वैसे भी धूल ज्यादा है। आने वाले दिनों में हवा प्रदूषित होगी तो मरीज दोगुने हो सकते हैं। अस्थमा ग्रस्त लोग, सीओपीडी और जिन्हें खांसी, सर्दी और एलर्जी की शिकायत हो वे पूरी सावधानी रखें। अस्थमा ग्रस्त बच्चों के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
डाक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल बचाव की जरूरत है बल्कि हमारे सामूहिक प्रयास होने चाहिए कि हवा प्रदूषित न हो। पटाखों का प्रयोग नहीं किया जाए। कोई भी ऐसा कार्य नहीं हो जिससे प्रदूषण और ज्यादा बढ़े।
मिलकर करेंगे प्रदूषण का मुकाबला
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा कि यह उपायुक्त का भी आदेश है कि जगह-जगह पानी का छिड़काव किया जाए। तापमान कम होने के कारण प्रदूषणकारी तत्व कम ऊंचाई पर संघनित होने लगे हैं। इसलिए धुंध का असर दिखने लगा है। हवा चलती और तापमान बढ़ता तो यह प्रदूषण का असर कम होता। हम सब को मिलकर प्रदूषण से बचाव के उपाय करने होंगे।