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Gurugram News: सामाजिक सरोकारों में जुटीं सिंधी महिलाएं
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गुरुग्राम। शहर के सिंधी समाज के आयोजन चालीहा उत्सव में 19 जुलाई का कार्यक्रम नारी शक्ति को समर्पित है। शहर के सिंधी समाज की महिलाओं का योगदान सिंधी समाज के कार्यक्रमों के आयोजन में बहुत अहम रहा है। महिलाएं न केवल समाज के धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में नेतृत्व कर रही हैं बल्कि सिंधु घाटी सभ्यता से आए सिंधी परिवारों की पुरानी विरासतों, सांस्कृतिक परंपराओं और सिंधी भाषा, पकवान और रीति रिवाजों संरक्षण के लिए काम कर रही हैं। सिंधी समाज की महिलाएं सरोकारों के कार्यक्रम जैसे घरेलू सहायिकाओं के लिए मेडिकल कैंप और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। वे आसपास के जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रही हैं। संवाद
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महिलाएं बोलीं-लोगों को संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य
मैं सिंधी भाषा की कक्षाएं लेती हूं। छुट्टियों वाले दिन ये कक्षाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध होती हैं। हमारी कोशिश है कि सिंधी भाषा नई पीढ़ी सीख सके। ये कक्षाएं निशुल्क होती हैं। -कंचन लालवानी, अध्यक्ष कल्चरल कमेटी झूले लाल सेवा समिति
मैं जरूरतमंद बच्चों के लिए कक्षाएं आयोजित करती हूं। अपने आसपास के उन सभी जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हूं, जो ट्यूशन नहीं ले सकते, जिनका दाखिला स्कूल में नहीं हुआ है। -कांता मंगलानी
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मैं सिंधी यूथ विंग का संयोजन करती हूं। सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर उनके साथ आयोजन कराती हूं। युवा सिंधी संस्कृति, गौरवशाली इतिहास जान समझ सकें यह कोशिश होती है। -दिप्ती गुरनानी
समाज की ओर से मैं वंचित परिवारों के लिए मेडिकल कैंप के आयोजन का नेतृत्व करती हूं। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र की महिला श्रमिकों के लिए भी मेडिकल कैंप और जागरूकता शिविर का आयोजन कराती हूं। -डॉ. आशा पहिलाजानी
मैं फिल्मों में काम करती रही हूं। सिंधी समाज के आयोजनों में बच्चों और युवाओं को संगीत, नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार करती हूं। कोशिश होती है कि संगीत और नाटक के माध्यम से उन्हें सिंधी संस्कृति से जोड़ा जा सके। -अनीता शिवनानी
झूले लाल मंदिर के धार्मिक आयोजनों की जिम्मेदारी मेरी होती है। मंदिर की सभी धार्मिक आयोजन के कार्यक्रम मेरे नेतृत्व में होते हैं। पूरी कोशिश रहती है कि आयोजन के माध्यम से लोगों को संस्कृति के प्रति जागरूक किया जा सके।-
अंजना चांदवानी
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महिलाएं बोलीं-लोगों को संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य
मैं सिंधी भाषा की कक्षाएं लेती हूं। छुट्टियों वाले दिन ये कक्षाएं ऑनलाइन भी उपलब्ध होती हैं। हमारी कोशिश है कि सिंधी भाषा नई पीढ़ी सीख सके। ये कक्षाएं निशुल्क होती हैं। -कंचन लालवानी, अध्यक्ष कल्चरल कमेटी झूले लाल सेवा समिति
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मैं जरूरतमंद बच्चों के लिए कक्षाएं आयोजित करती हूं। अपने आसपास के उन सभी जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को निशुल्क पढ़ा रही हूं, जो ट्यूशन नहीं ले सकते, जिनका दाखिला स्कूल में नहीं हुआ है। -कांता मंगलानी
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मैं सिंधी यूथ विंग का संयोजन करती हूं। सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर उनके साथ आयोजन कराती हूं। युवा सिंधी संस्कृति, गौरवशाली इतिहास जान समझ सकें यह कोशिश होती है। -दिप्ती गुरनानी
समाज की ओर से मैं वंचित परिवारों के लिए मेडिकल कैंप के आयोजन का नेतृत्व करती हूं। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र की महिला श्रमिकों के लिए भी मेडिकल कैंप और जागरूकता शिविर का आयोजन कराती हूं। -डॉ. आशा पहिलाजानी
मैं फिल्मों में काम करती रही हूं। सिंधी समाज के आयोजनों में बच्चों और युवाओं को संगीत, नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार करती हूं। कोशिश होती है कि संगीत और नाटक के माध्यम से उन्हें सिंधी संस्कृति से जोड़ा जा सके। -अनीता शिवनानी
झूले लाल मंदिर के धार्मिक आयोजनों की जिम्मेदारी मेरी होती है। मंदिर की सभी धार्मिक आयोजन के कार्यक्रम मेरे नेतृत्व में होते हैं। पूरी कोशिश रहती है कि आयोजन के माध्यम से लोगों को संस्कृति के प्रति जागरूक किया जा सके।-
अंजना चांदवानी