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16 अधिकारियों और ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस
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गुुरुग्राम। एक ही काम का दो बार बिल भुगतान करने के मामले में नगर निगम प्रशासन ने 16 अधिकारियों और ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। नोटिस जारी होने के बाद से ही निगम के अधिकारियों व ठेकेदारों में बेचैनी का आलम है। हालांकि, नोटिस के बाद क्या कार्रवाई होगी, यह कोई नहीं जानता। अधिकारियों व ठेकेदारों को 10 दिन के अंदर अपना जवाब देना होगा और उसी के आधार पर निगम प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
खास बात यह है कि सभी अधिकारी और ठेकेदार नोटिस का जवाब निगम की विजिलेंस टीम के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, घोटाला उजागर होने के बाद ठेकेदार ने ब्याज समेत निगम के खाते में 45 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। इससे पहले ही स्पष्ट हो गया है कि नगर वर्क ऑर्डर के नाम पर निगम में जबरदस्त घोटाला किया गया है। समय पर इसका खुलासा न होने पर निगम को लाखों की चपत लगनी तय थी।
यह था मामला
मालूम हो कि नगर निगम की तरफ से 23 नवंबर 2018 को पालम विहार के शीतला माता रोड पर सीवर लाइन डालने, मैनहोल बनाने और रोड बनाने के लिए एक टेंडर निकाला गया था। टेंडर को नगर निगम के ठेकेदार यशपाल ग्रोवर को 3 फीसदी ज्यादा कीमत पर करीब 50 लाख रुपये में दे दिया गया था। यह कार्य नगर निगम की वरिष्ठ उप महापौर के वार्ड में किया गया था, जिसमें उप महापौर ने कार्य के लिए अपना संतुष्टि पत्र भी बिल में लगाया गया था। कार्य की एवज में ठेकेदार को 16 सितंबर 2019 को करीब 47 लाख रुपये का पहला भुगतान कर दिया गया।
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दोबारा किया भुगतान
बिल के भुगतान के सिर्फ दो माह बाद ठेकेदार ने दोबारा बिल लेने के लिए निगम में आवेदन कर दिया। इस पर निगम के सभी अधिकारियों ने अपनी आंख बंद कर इसी वर्क ऑर्डर से दोबारा 15 नवंबर 2019 को करीब 44 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। ऐसे में एक ही काम के लिए कुल करीब 91 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। निगम ठेकेदार ने दोनों बिल अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाया है।
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खास बात यह है कि सभी अधिकारी और ठेकेदार नोटिस का जवाब निगम की विजिलेंस टीम के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, घोटाला उजागर होने के बाद ठेकेदार ने ब्याज समेत निगम के खाते में 45 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं। इससे पहले ही स्पष्ट हो गया है कि नगर वर्क ऑर्डर के नाम पर निगम में जबरदस्त घोटाला किया गया है। समय पर इसका खुलासा न होने पर निगम को लाखों की चपत लगनी तय थी।
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यह था मामला
मालूम हो कि नगर निगम की तरफ से 23 नवंबर 2018 को पालम विहार के शीतला माता रोड पर सीवर लाइन डालने, मैनहोल बनाने और रोड बनाने के लिए एक टेंडर निकाला गया था। टेंडर को नगर निगम के ठेकेदार यशपाल ग्रोवर को 3 फीसदी ज्यादा कीमत पर करीब 50 लाख रुपये में दे दिया गया था। यह कार्य नगर निगम की वरिष्ठ उप महापौर के वार्ड में किया गया था, जिसमें उप महापौर ने कार्य के लिए अपना संतुष्टि पत्र भी बिल में लगाया गया था। कार्य की एवज में ठेकेदार को 16 सितंबर 2019 को करीब 47 लाख रुपये का पहला भुगतान कर दिया गया।
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दोबारा किया भुगतान
बिल के भुगतान के सिर्फ दो माह बाद ठेकेदार ने दोबारा बिल लेने के लिए निगम में आवेदन कर दिया। इस पर निगम के सभी अधिकारियों ने अपनी आंख बंद कर इसी वर्क ऑर्डर से दोबारा 15 नवंबर 2019 को करीब 44 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। ऐसे में एक ही काम के लिए कुल करीब 91 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। निगम ठेकेदार ने दोनों बिल अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवाया है।