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एमजीएफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करने पर एसएचओ तलब
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गुरुग्राम। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अनिल कुमार ने एसएचओ सिटी को अदालत के आदेश के बावजूद एमजीएफ बिल्डर तथा अन्य के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में तलब किया है। उन्हें रविवार को अदालत के सामने पेश होना होगा। साथ में यह बताना होगा कि 30 दिसंबर को अदालत की ओर से जो आदेश हुए हैं, उनके आधार पर अभी तक रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की गई है। साथ ही अदालत के समक्ष एफआईआर की कॉपी भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
एम3एम और स्टार सिटी रियल टेक की ओर से अदालत में दायर की गई याचिका के अनुसार नवंबर 2016 में एम3एम का एमजीएफ, वैरागी कंपनी तथा कुछ अन्य के साथ अनुबंध हुआ था। इस अनुबंध का आरोपी कंपनियों ने पालन नहीं किया, जिसमें उनके स्तर से करीब 200 करोड़ रुपये का घपला किया गया है। इस घपले का उल्लेख कई अनुबंधों में हुआ है। जिसमें 83 करोड़ रुपये नकद और खेड़कीदौला टोल के पास करीब आठ एकड़ जमीन का भी उल्लेख किया गया है। यह भी आरोप है कि पूर्व का एग्रीमेंट रद्द करने में एम3 एम का एक पूर्व कर्मी भी शामिल है। उसी के साथ रिफंडेबल अनुबंध रद्द किया गया और उसके स्थान नॉन रिफंडेबल का नया अनुबंध करके घपला किया गया है। इसी में चौमा गांव की 33 एकड़ जमीन का एक्सचेंज का भी उल्लेख किया गया है।
याचिका दायर करने वाले वकील कुलदीप कुमार कहना है कि अदालत ने एम3एम का पक्ष सुनने के बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश 30 दिसंबर 2021 को दिए थे। इस आदेश की प्रति सिटी थाने में उसी दिन रिसीव करा दी गई थी। फिर से अदालत में आदेशों की अवहेलना होने का आवेदन शनिवार दो दिया गया है। जिसका अदालत ने संज्ञान लेते हुए रविवार को सिटी थाने के एसएचओ कृष्ण कुमार को तलब किया है।
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एम3एम और स्टार सिटी रियल टेक की ओर से अदालत में दायर की गई याचिका के अनुसार नवंबर 2016 में एम3एम का एमजीएफ, वैरागी कंपनी तथा कुछ अन्य के साथ अनुबंध हुआ था। इस अनुबंध का आरोपी कंपनियों ने पालन नहीं किया, जिसमें उनके स्तर से करीब 200 करोड़ रुपये का घपला किया गया है। इस घपले का उल्लेख कई अनुबंधों में हुआ है। जिसमें 83 करोड़ रुपये नकद और खेड़कीदौला टोल के पास करीब आठ एकड़ जमीन का भी उल्लेख किया गया है। यह भी आरोप है कि पूर्व का एग्रीमेंट रद्द करने में एम3 एम का एक पूर्व कर्मी भी शामिल है। उसी के साथ रिफंडेबल अनुबंध रद्द किया गया और उसके स्थान नॉन रिफंडेबल का नया अनुबंध करके घपला किया गया है। इसी में चौमा गांव की 33 एकड़ जमीन का एक्सचेंज का भी उल्लेख किया गया है।
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याचिका दायर करने वाले वकील कुलदीप कुमार कहना है कि अदालत ने एम3एम का पक्ष सुनने के बाद एफआईआर दर्ज करने के आदेश 30 दिसंबर 2021 को दिए थे। इस आदेश की प्रति सिटी थाने में उसी दिन रिसीव करा दी गई थी। फिर से अदालत में आदेशों की अवहेलना होने का आवेदन शनिवार दो दिया गया है। जिसका अदालत ने संज्ञान लेते हुए रविवार को सिटी थाने के एसएचओ कृष्ण कुमार को तलब किया है।
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