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Gurugram News: बिल में जोड़ा 470 रुपये का सर्विस चार्ज, अब देना होगा 15 हजार का मुआवजा
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- उपभोक्ता आयोग ने सर्विस चार्ज को नियमों के विरुद्ध ठहराते हुए दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेस्तरां संचालक को खाने के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना भारी पड़ गया। बिल में 470 रुपये के सर्विस चार्ज जोड़ने पर अब उपभोक्ता को 15 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा। उपभोक्ता के खाने का छह हजार 117 रुपये का बिल आया था। उन्होंने सर्विस चार्ज जोड़ने का विरोध भी किया था। इसके बावजूद उससे भुगतान कराया गया था। इसके खिलाफ उपभोक्ता ने याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष ने यह आदेश दिया है।
सेक्टर-4 निवासी हर्षित ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि 31 दिसंबर 2024 को वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली के द्वारका सेक्टर-12ए स्थित कैफे अनकवर नामक रेस्तरां में गए थे। वहां पर उनका छह हजार 117 रुपये का बिल आया था। बिल में सर्विस चार्ज को जोड़ा गया था। इस पर उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के नियमों का उल्लंघन करने का हवाला भी दिया, लेकिन संचालक ने सर्विस चार्ज को नहीं हटाया। आयोग ने मामले को सुनने के बाद अपने आदेश में सीसीपीए के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ता से सर्विस चार्ज नहीं लिया जा सकता है। आदेश में कहा कि रेस्तरां या होटल खाने और पेय पदार्थ की कीमत में ही सर्विस चार्ज जोड़ा हुआ होता है। आयोग ने उपभोक्ता से लिए गए 470 रुपये को नौ प्रतिशत की ब्याज से वापस करने के साथ 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेस्तरां संचालक को खाने के बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना भारी पड़ गया। बिल में 470 रुपये के सर्विस चार्ज जोड़ने पर अब उपभोक्ता को 15 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा। उपभोक्ता के खाने का छह हजार 117 रुपये का बिल आया था। उन्होंने सर्विस चार्ज जोड़ने का विरोध भी किया था। इसके बावजूद उससे भुगतान कराया गया था। इसके खिलाफ उपभोक्ता ने याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष ने यह आदेश दिया है।
सेक्टर-4 निवासी हर्षित ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि 31 दिसंबर 2024 को वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली के द्वारका सेक्टर-12ए स्थित कैफे अनकवर नामक रेस्तरां में गए थे। वहां पर उनका छह हजार 117 रुपये का बिल आया था। बिल में सर्विस चार्ज को जोड़ा गया था। इस पर उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के नियमों का उल्लंघन करने का हवाला भी दिया, लेकिन संचालक ने सर्विस चार्ज को नहीं हटाया। आयोग ने मामले को सुनने के बाद अपने आदेश में सीसीपीए के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ता से सर्विस चार्ज नहीं लिया जा सकता है। आदेश में कहा कि रेस्तरां या होटल खाने और पेय पदार्थ की कीमत में ही सर्विस चार्ज जोड़ा हुआ होता है। आयोग ने उपभोक्ता से लिए गए 470 रुपये को नौ प्रतिशत की ब्याज से वापस करने के साथ 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
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