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Gurugram News: स्कूलों को अब अनुदान राशि का देना होगा पूरा हिसाब
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समग्र शिक्षा अनुदान के उपयोग को लेकर जारी निर्देश, गड़बड़ी मिलने पर स्कूल मुखिया की होगी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम/फरीदाबाद। समग्र शिक्षा योजना के तहत प्राप्त अनुदान राशि के सही उपयोग को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यह नियम गुरुग्राम सहित प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे। स्कूलों में अनुदान की राशि मिलने के बाद उसका पूरा हिसाब निर्धारित फार्म में भरना होगा। इसमें यह बताना होगा कि कितनी राशि मिली, कब मिली और किस काम में खर्च की गई।
हर खर्च का बिल नंबर, समान का विवरण और भुगतान की जानकारी दर्ज करनी होगी। हर खर्च के साथ बिल नंबर, फर्म का नाम व पता, खरीदी गई सामग्री का विवरण, भुगतान का तरीका और खर्च की गई राशि लिखना अनिवार्य होगा। सभी बिलों और कागजातों पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर करवाना और स्कूल मुखिया की मोहर लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही खरीदे गए सामान की प्रविष्टि स्टॉक रजिस्टर में करना भी जरूरी होगा, ताकि भविष्य में किसी जांच के दौरान पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
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अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग ने सभी विद्यालयों को समय से प्रमाण पत्र जमा कराने के निर्देश दिए हैं ताकि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे। - सत्यनारायण यादव, एपीसी, समग्र शिक्षा विभाग गुरुग्राम।
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गुरुग्राम/फरीदाबाद। समग्र शिक्षा योजना के तहत प्राप्त अनुदान राशि के सही उपयोग को लेकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यह नियम गुरुग्राम सहित प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों पर लागू होंगे। स्कूलों में अनुदान की राशि मिलने के बाद उसका पूरा हिसाब निर्धारित फार्म में भरना होगा। इसमें यह बताना होगा कि कितनी राशि मिली, कब मिली और किस काम में खर्च की गई।
हर खर्च का बिल नंबर, समान का विवरण और भुगतान की जानकारी दर्ज करनी होगी। हर खर्च के साथ बिल नंबर, फर्म का नाम व पता, खरीदी गई सामग्री का विवरण, भुगतान का तरीका और खर्च की गई राशि लिखना अनिवार्य होगा। सभी बिलों और कागजातों पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर करवाना और स्कूल मुखिया की मोहर लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही खरीदे गए सामान की प्रविष्टि स्टॉक रजिस्टर में करना भी जरूरी होगा, ताकि भविष्य में किसी जांच के दौरान पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
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अनुदान राशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभाग ने सभी विद्यालयों को समय से प्रमाण पत्र जमा कराने के निर्देश दिए हैं ताकि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे। - सत्यनारायण यादव, एपीसी, समग्र शिक्षा विभाग गुरुग्राम।