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स्कूल ने खंड शिक्षा अधिकारी के लिए नहीं खोला गेट
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गुरुग्राम। सेक्टर-5 स्थित ज्ञान दीप वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी के आने पर भी गेट नहीं खोला गया। उस समय कई अभिभावक भी स्कूल के गेट पर मौजूद थे। नियम-134ए के तहत गरीब बच्चों के दाखिले के संदर्भ में गुरुग्राम खंड शिक्षा अधिकारी शील कुमारी और राजकीय स्कूल भीमगढ़ खेड़ी के प्रधानाचार्य नवीन जानकारी लेने पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षा गार्ड ने स्कूल का गेट नहीं खोला। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन से फोन पर बात भी की। ऐसे में अधिकारी स्कूल से वापस लौट आए।
नियम-134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिलों को लेकर अधिकारियों की किरकिरी हो रही है। हाईकोर्ट में कोर्ट का हवाला देकर निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे और वह अभिभावकों व बच्चों को स्कूल गेट से ही वापस लौटा रहे हैं। बृहस्पतिवार को अभिभावकों ने कई निजी स्कूलों में पहुंचकर प्रबंधन से बच्चों को दाखिला देने की मांग की।
स्कूल गेट नहीं खोलने पर अभिभावकों ने पुलिस को भी बुलाया। पुलिसकर्मियों ने स्कूल प्रबंधन से गेट खोलने के लिए कहा, लेकिन पुलिस के कहने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने गेट नहीं खोला। ऐसे में अभिभावक भी वापस लौट गए। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी शील कुमारी ने बताया कि कोर्ट केस की बात कहकर निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई है।
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उपायुक्त ने कोर्ट केस का दिया हवाला
गरीब तबके के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की गुहार लगाने के लिए बृहस्पतिवार को अभिभावक जिला उपायुक्त से मिलने पहुंचे। 5 अभिभावकों की कमेटी ने उपायुक्त के समक्ष अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निजी स्कूलों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के अंतर्गत 66 स्कूलों का हाईकोर्ट में केस होने का हवाला देते हुए उन पर दाखिले को लेकर दबाव नहीं बनाने की बात कही है। एडवोकेट कुलभूषण भारद्वाज ने बताया कि उपायुक्त ने अभिभावकों को कहा कि जब तक कोर्ट में केस है, दाखिले को लेकर जिला स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। ऐसे में अभिभावक वापस लौट आए।
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नियम-134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिलों को लेकर अधिकारियों की किरकिरी हो रही है। हाईकोर्ट में कोर्ट का हवाला देकर निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे और वह अभिभावकों व बच्चों को स्कूल गेट से ही वापस लौटा रहे हैं। बृहस्पतिवार को अभिभावकों ने कई निजी स्कूलों में पहुंचकर प्रबंधन से बच्चों को दाखिला देने की मांग की।
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स्कूल गेट नहीं खोलने पर अभिभावकों ने पुलिस को भी बुलाया। पुलिसकर्मियों ने स्कूल प्रबंधन से गेट खोलने के लिए कहा, लेकिन पुलिस के कहने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने गेट नहीं खोला। ऐसे में अभिभावक भी वापस लौट गए। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी शील कुमारी ने बताया कि कोर्ट केस की बात कहकर निजी स्कूल दाखिला नहीं दे रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई है।
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उपायुक्त ने कोर्ट केस का दिया हवाला
गरीब तबके के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की गुहार लगाने के लिए बृहस्पतिवार को अभिभावक जिला उपायुक्त से मिलने पहुंचे। 5 अभिभावकों की कमेटी ने उपायुक्त के समक्ष अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निजी स्कूलों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के अंतर्गत 66 स्कूलों का हाईकोर्ट में केस होने का हवाला देते हुए उन पर दाखिले को लेकर दबाव नहीं बनाने की बात कही है। एडवोकेट कुलभूषण भारद्वाज ने बताया कि उपायुक्त ने अभिभावकों को कहा कि जब तक कोर्ट में केस है, दाखिले को लेकर जिला स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता। ऐसे में अभिभावक वापस लौट आए।