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Gurugram News: सरस आजीविका मेला... तीन दिन शेष, उमड़ी भीड़

Sun, 22 Feb 2026 11:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:11 PM IST
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Saras Aajeevika Mela... Three days left, crowds gathered
कालीघाट पेंटिंग की खास शैली और रंगों के मिलाप लोगों को कर रहा है प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर के सेक्टर-26 स्थित लेजर वेली पार्क में आयोजित सरस आजीविका मेले में इस बार पश्चिम बंगाल की पारंपरिक कालीघाट पेंटिंग लोगों को आकर्षित कर रही है। मेले में हर राज्यों से आई महिलाओं की ओर से अनेक प्रकार की वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए हैं, लेकिन कालीघाट पेंटिंग की खास शैली और रंगों के मिलाप लोगों को प्रभावित कर रहा है।
यह पेंटिंग मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के कोलकाता की पारंपरिक लोक कला है। इस पेंटिंग को पेपर, लकड़ी और कपड़े जैसे अनेक चीजों पर बनाई जाती है। कालीघाट पेंटिंग मेंं देवी-देवताओं, सामाजिक विषयों और लोक जीवन को प्रमुखता से दर्शाया जाता है। इसकी पहचान सादगी, गहरे रंगों का प्रयोग और स्पष्टता से बनाई जाती है।
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मेले में मौजूद कलाकारों ने बताया कि इस पेंटिंग को बनाने में तीन दिन से ज्यादा का समय लगता है। कागज पर कलाकृतियों को आसानी से किया जाता है। वहीं, कपड़ों पर बनने में सबसे ज्यादा मेहनत और समय लगता है। मेले में आए लोगों ने कहा कि ऐसी पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलना चाहिए। सरस आजीविका मेला स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को अपनी कला प्रदर्शित करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर प्रदान कर रही हैं।
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राजस्थान की मिट्टी की खुशबू में घुला शहर
राजस्थान के स्टॉल पर मिट्टी से बने विभिन्न प्रकार के बर्तन जैसे बोतल, हांडी, गिलास, कढ़ाई और फ्लावर पॉट उपलब्ध हैं। इसके साथ ही लोहे के बर्तनों में कढ़ाई, तवा, फ्राई पैन और इडली कढ़ाई भी लोगों की पसंद बन रहे हैं। वहीं, 32 कली और 52 कली के पारंपरिक घाघरे लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। हजारों वर्षों पुरानी मीनाकारी कढ़ाई आज भी चर्चा में है। राजस्थान की कांथा बेडशीट भी उच्च मांग में है। इसके अलावा गुजरात पारंपरिक व्यंजनों तक सीमित नहीं, बल्कि हस्तशिल्प और वस्त्र कला के लिए भी पहचान बना रहा है। हैंडलूम से तैयार एंब्रॉयडरी वाली सिल्क साड़ियां, जिनकी कीमत चार हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक है। एक साड़ी पर दो कारीगर महीनों तक मेहनत करते हैं। बंधेज सूट, कढ़ाई वाली कुर्तियां और विशेष रूप से पटोला साड़ी ग्राहकों की पहली पसंद हैं, जिन्हें लोग नाम लेकर मांग रहे हैं।



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