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संतोष विवि के संचालक को तीसरी बार लिया रिमांड पर
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गुरुग्राम। संतोष विश्वविद्यालय के संचालक डॉ. संतोष महालिंगम की 35 करोड़ के गबन के मामले में चली आ रही पुलिस रिमांड सोमवार को पूरी हुई। इसके साथ ही डीएलएफ फेज तीन की पुलिस ने अदालत में पेश कर दो दिन की और रिमांड पर लिया है। पुलिस जांच से जुड़े दस्तावेज बरामद करने के लिए दोबारा से चेन्नई लेकर जाएगी। इससे पहले उसकी निशानदेही पर चेन्नई व त्रिवेंद्र में दबिश दे चुकी है। उसे अन्य कागजात बरामद करना है।
पुलिस की ओर से संतोष विश्वविद्यालय से जुड़े पी महालिंगम के परिवार वालों की ओर से 35 करोड़ के गबन के की जांच के दौरान हुए एक के बाद एक खुलासे से उसके तार विदेशों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी पी महालिंगम, डॉ.पीएन नारंगम, बेटी शर्मिला आनंद व संतोष ट्रस्ट की संचालिका का डिटेल बीओ इमीग्रेशन में भेजा गया है। एडवोकेट प्रशांत यादव के अनुसार पुलिस की ओर से जांच के दौरान अब लोन लेने के दौरान लगाए गए कुछ कागजात बरामद कर लिया गया है।
बता दें कि पीएम फिनकैप लिमिटेड के निदेशक राजेश गुलाटी ने दो जुलाई को डीएलएफ फेज-तीन थाना पुलिस को संतोष संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मैसर्स एसीबी(इंडिया ग्रुप) की नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से मार्च 2015 में रसूकदारी का प्रमाण देते हुए राजनीतिक और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के साथ फोटो दिखाकर व अन्य साजिशों के तहत उनकी कंपनी से 35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इस पर 24 प्रतिशत ब्याज दर देने को कहा था।
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संतोष विश्वविद्यालय के संचालक के खिलाफ दर्ज मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सोमवार को उसकी दो दिन की रिमांड बढ़ा दी गई है। इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
करण गोयल , एसीपी डीएलएफ, गुरुग्राम।
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पुलिस की ओर से संतोष विश्वविद्यालय से जुड़े पी महालिंगम के परिवार वालों की ओर से 35 करोड़ के गबन के की जांच के दौरान हुए एक के बाद एक खुलासे से उसके तार विदेशों से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी पी महालिंगम, डॉ.पीएन नारंगम, बेटी शर्मिला आनंद व संतोष ट्रस्ट की संचालिका का डिटेल बीओ इमीग्रेशन में भेजा गया है। एडवोकेट प्रशांत यादव के अनुसार पुलिस की ओर से जांच के दौरान अब लोन लेने के दौरान लगाए गए कुछ कागजात बरामद कर लिया गया है।
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बता दें कि पीएम फिनकैप लिमिटेड के निदेशक राजेश गुलाटी ने दो जुलाई को डीएलएफ फेज-तीन थाना पुलिस को संतोष संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि मैसर्स एसीबी(इंडिया ग्रुप) की नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से मार्च 2015 में रसूकदारी का प्रमाण देते हुए राजनीतिक और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों के साथ फोटो दिखाकर व अन्य साजिशों के तहत उनकी कंपनी से 35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इस पर 24 प्रतिशत ब्याज दर देने को कहा था।
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संतोष विश्वविद्यालय के संचालक के खिलाफ दर्ज मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सोमवार को उसकी दो दिन की रिमांड बढ़ा दी गई है। इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
करण गोयल , एसीपी डीएलएफ, गुरुग्राम।