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Gurugram News: रोजा उपवास नहीं, अपनी बुराइयों पर जीत हासिल करना है
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रमजान के पहले जुमे की नमाज पूरे उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रमजान के पहले जुमे की नमाज पूरे उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। शहर की प्रमुख मस्जिदों, जैसे सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद, राजीव चौक ईदगाह और शंकर चौक समेत जिले के करीब 61 स्थानों पर सामूहिक नमाज हुई।
भीड़ अधिक होने के कारण जामा मस्जिद और ईदगाह में दो बार, जबकि लेजर वैली ग्राउंड में तीन बार नमाज पढ़ी गई। लेजर वैली में सरस मेले के कारण जगह की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। जामा मस्जिद के इमाम जान मुहम्मद ने खुत्बे में बताया कि रोजा केवल उपवास नहीं, बल्कि अपनी बुराइयों पर जीत हासिल करना है। उन्होंने रमजान के पहले दस दिनों (अशरा-ए-रहमत) में अल्लाह की दया के महत्व पर प्रकाश डाला।
गुरुग्राम इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल हसीब कासमी ने लेजर वैली में नमाज के दौरान भाईचारे और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म मानता है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी नमाज स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नमाज के बाद सदर बाजार में रौनक रही, जहां लोगों ने खजूर, इत्र और टोपियों की जमकर खरीदारी की। जामा मस्जिद में आम लोगों के लिए इफ्तार का विशेष आयोजन भी किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रमजान के पहले जुमे की नमाज पूरे उत्साह और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। शहर की प्रमुख मस्जिदों, जैसे सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद, राजीव चौक ईदगाह और शंकर चौक समेत जिले के करीब 61 स्थानों पर सामूहिक नमाज हुई।
भीड़ अधिक होने के कारण जामा मस्जिद और ईदगाह में दो बार, जबकि लेजर वैली ग्राउंड में तीन बार नमाज पढ़ी गई। लेजर वैली में सरस मेले के कारण जगह की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। जामा मस्जिद के इमाम जान मुहम्मद ने खुत्बे में बताया कि रोजा केवल उपवास नहीं, बल्कि अपनी बुराइयों पर जीत हासिल करना है। उन्होंने रमजान के पहले दस दिनों (अशरा-ए-रहमत) में अल्लाह की दया के महत्व पर प्रकाश डाला।
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गुरुग्राम इमाम संगठन के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल हसीब कासमी ने लेजर वैली में नमाज के दौरान भाईचारे और एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसानियत को सबसे बड़ा धर्म मानता है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी नमाज स्थलों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नमाज के बाद सदर बाजार में रौनक रही, जहां लोगों ने खजूर, इत्र और टोपियों की जमकर खरीदारी की। जामा मस्जिद में आम लोगों के लिए इफ्तार का विशेष आयोजन भी किया गया।
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