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ग्राउंड फ्लोर फ्लैट के बाहर मलबे का ढ़ेर देख सहम रहे लोग
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गुरुग्राम। चिनटेल्स पैराडाइसो के डी टावर के पार्क में मलबे का बड़ा ढेर लग गया है। यहां से गुजरने वाला हर शख्स इसे देखकर अंदर तक सहम जा रहा है। यहां रहने वाले सभी लोगों के मन में इस बात का डर बैठ गया है कि कहीं इमारत का कोई और हिस्सा अचानक से न गिरने लगे। एहतियातन यहां आसपास पहुंचने वाले लोगों को दूर से निकलने की सख्त हिदायत दी जा रही है। दो दर्जन पुलिस कर्मी यहां सुरक्षा व्यवस्था संभाल हुए हैं। टॉवर को पूरा खाली करा दिया गया है। बीते बृहस्पतिवार की शाम इसी टॉवर की छठवीं मंजिल का फर्श अचानक धड़धड़ा कर गिर गया था और पहली मंजिल पर फंस गया था। जिसमें दो महिलाओं की मौत और एक अधिकारी घायल हो गए थे। एनडीआरएफ की टीम ने यहां बृहस्पतिवार से ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। लगभग 54 घंटे तक राहत बचाव कार्य को पूरी सावधानी से अंजाम दिया गया।
रविवार को पहली मंजिल का मलबा नीचे ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट के फर्श में गिराया गया। उसके बाद मलबे को फ्लैट से पार्क की ओर बाहर निकाला गया। जिससे इस टॉवर के सामने के पार्क में मलबे का बड़ा ढेर लग गया है। इस ढेर में कई तरह की निर्माण सामग्री दिख रही है, जो पूरी तरह से धूल धुसरित हो चुकी है। मलबे को मशीनों की मदद से किनारे कर दिया गया है, ताकि रास्ता साफ हो सके। जांच अधिकारियों की सहूलियत के लिए ये काम जल्द से जल्द निपटाया गया। इस टावर में आवाजाही की मनाही है। बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इमारत की सुरक्षा जांच होने तक यहां के निवासियों को आने-जाने से रोक दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम ने पूरी सावधानी से बचाव कार्य पूरा किया, ताकि कोई और घटना न हो। इस कार्य को कुछ इस ढंग से अंजाम दिया गया कि इमारत के किसी भी हिस्से को कोई बड़ा नुकसान न हो। अन्यथा नींव से आपस में जुड़े इन टॉवरों को नुकसान हो सकता था और कोई दूसरा बड़ा हादसा हो सकता था।
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रविवार को पहली मंजिल का मलबा नीचे ग्राउंड फ्लोर के फ्लैट के फर्श में गिराया गया। उसके बाद मलबे को फ्लैट से पार्क की ओर बाहर निकाला गया। जिससे इस टॉवर के सामने के पार्क में मलबे का बड़ा ढेर लग गया है। इस ढेर में कई तरह की निर्माण सामग्री दिख रही है, जो पूरी तरह से धूल धुसरित हो चुकी है। मलबे को मशीनों की मदद से किनारे कर दिया गया है, ताकि रास्ता साफ हो सके। जांच अधिकारियों की सहूलियत के लिए ये काम जल्द से जल्द निपटाया गया। इस टावर में आवाजाही की मनाही है। बैरिकेडिंग लगा दी गई है। इमारत की सुरक्षा जांच होने तक यहां के निवासियों को आने-जाने से रोक दिया गया है। एनडीआरएफ की टीम ने पूरी सावधानी से बचाव कार्य पूरा किया, ताकि कोई और घटना न हो। इस कार्य को कुछ इस ढंग से अंजाम दिया गया कि इमारत के किसी भी हिस्से को कोई बड़ा नुकसान न हो। अन्यथा नींव से आपस में जुड़े इन टॉवरों को नुकसान हो सकता था और कोई दूसरा बड़ा हादसा हो सकता था।
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