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Gurugram News: स्वच्छता व विकास के वादों ने तोड़ा दम
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साढ़े दस महीने बाद भी बदहाली के आंसू रो रही पटौदी-हेलीमंडी जनता, कूड़े के अंबार से अस्तित्व पर संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। नगर परिषद गठन के साढ़े दस माह बाद भी पटौदी-हेलीमंडी और इससे जुड़े 10 गांवों की सूरत नहीं बदली है। मार्च 2025 में हुए चुनावों के समय जनता ने इस उम्मीद में मतदान किया था कि परिषद बनने से क्षेत्र स्वच्छता के मामले में मिसाल बनेगा, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके उलट है।
पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। सबसे खराब स्थिति पटौदी-रेवाड़ी मार्ग की है, जहां मुख्य सड़क किनारे अवैध रूप से कूड़ा फेंका जा रहा है। इस कारण उठने वाली बदबू ने राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर कर दिया है। स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है कि उनके द्वारा चुने गए पार्षद और नगर परिषद प्रशासन इस समस्या के प्रति पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। अवैध रूप से गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विकास और स्वच्छता के जो वादे किए गए थे, वे अब दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह अव्यवस्था भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। क्षेत्र की जनता अब बदलाव और जवाबदेही की मांग कर रही है।
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सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। आगामी एक फरवरी को साफ-सफाई को लेकर टेंडर छोड़ा जाएगा। इसके बाद पटौदी-हेलीमंडी और सभी 10 गांवों में कूड़े के ढेर पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे। - प्रवीण ठाकरिया, चेयरमैन, नगर परिषद
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संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। नगर परिषद गठन के साढ़े दस माह बाद भी पटौदी-हेलीमंडी और इससे जुड़े 10 गांवों की सूरत नहीं बदली है। मार्च 2025 में हुए चुनावों के समय जनता ने इस उम्मीद में मतदान किया था कि परिषद बनने से क्षेत्र स्वच्छता के मामले में मिसाल बनेगा, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके उलट है।
पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। सबसे खराब स्थिति पटौदी-रेवाड़ी मार्ग की है, जहां मुख्य सड़क किनारे अवैध रूप से कूड़ा फेंका जा रहा है। इस कारण उठने वाली बदबू ने राहगीरों और वाहन चालकों का निकलना दूभर कर दिया है। स्थानीय निवासियों में गहरा रोष है कि उनके द्वारा चुने गए पार्षद और नगर परिषद प्रशासन इस समस्या के प्रति पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। अवैध रूप से गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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विकास और स्वच्छता के जो वादे किए गए थे, वे अब दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह अव्यवस्था भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। क्षेत्र की जनता अब बदलाव और जवाबदेही की मांग कर रही है।
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सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। आगामी एक फरवरी को साफ-सफाई को लेकर टेंडर छोड़ा जाएगा। इसके बाद पटौदी-हेलीमंडी और सभी 10 गांवों में कूड़े के ढेर पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे। - प्रवीण ठाकरिया, चेयरमैन, नगर परिषद