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प्रिंस हत्याकांड : भोलू की जमानत पर सुनवाई टली
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गुरुग्राम। जिले के एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या के आरोपी भोलू की जमानत याचिका पर मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इसमें सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों पक्षों से कहा कि 23 सितंबर को पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में भी इस मामले में सुनवाई प्रस्तावित है। दोनों पक्ष उसमें उपस्थित हों। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद ही जमानत याचिका पर सुनवाई की जाएगी।
इस मामले में आरोपी भोलू के परिजन सर्वोच्च न्यायालय से जमानत पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सीबीआई और प्रिंस के परिजन आरोपी को जमानत देने का विरोध करते रहे हैं। आरोपी भोलू की ओर से पहले गुरुग्राम के जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। इसे खारिज करने के निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां से भी नाकामी ही हाथ लगी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस मामले में अभी सही मायने में सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है।
उधर, वारदात के चार साल बाद भी मामला इसी में उलझा है कि इसका गलत खुलासा करने वाले पुलिस के चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए या नहीं। हालांकि प्रदेश सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी है। यह अभी विचाराधीन है। दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या स्कूल परिसर में ही 8 सितंबर 2017 को गला रेतकर कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को आरोपी करार देते हुए गिरफ्तार कर लिया था। प्रिंस के परिजनों के अनुरोध पर जांच प्रदेश सरकार ने सीबीआई को सौंपी। सीबीआई ने अपनी जांच में पुलिस की पूरी थ्योरी को बदल डाला था। बस कंडक्टर अशोक को निर्दोष करार देते हुए सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं के छात्र भोलू को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
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इस मामले में आरोपी भोलू के परिजन सर्वोच्च न्यायालय से जमानत पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सीबीआई और प्रिंस के परिजन आरोपी को जमानत देने का विरोध करते रहे हैं। आरोपी भोलू की ओर से पहले गुरुग्राम के जिला एवं सत्र न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। इसे खारिज करने के निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, लेकिन वहां से भी नाकामी ही हाथ लगी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। इस मामले में अभी सही मायने में सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है।
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उधर, वारदात के चार साल बाद भी मामला इसी में उलझा है कि इसका गलत खुलासा करने वाले पुलिस के चार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए या नहीं। हालांकि प्रदेश सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी है। यह अभी विचाराधीन है। दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की हत्या स्कूल परिसर में ही 8 सितंबर 2017 को गला रेतकर कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक को आरोपी करार देते हुए गिरफ्तार कर लिया था। प्रिंस के परिजनों के अनुरोध पर जांच प्रदेश सरकार ने सीबीआई को सौंपी। सीबीआई ने अपनी जांच में पुलिस की पूरी थ्योरी को बदल डाला था। बस कंडक्टर अशोक को निर्दोष करार देते हुए सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं के छात्र भोलू को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया था।
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