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Gurugram News: कक्षा 2 से 4 तक के छात्रों की पढ़ाई को परखने की तैयारी
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-13 अक्तूबर से शुरू होगा विद्यार्थियों लर्निंग मूल्यांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसपीपी) ने निपुण हरियाणा मिशन की प्रगति का आकलन करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा अध्ययन कराने की घोषणा की है। इस अध्ययन के तहत कक्षा 2 से 4 तक के विद्यार्थियों की साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता का आकलन किया जाएगा। इस आकलन का उद्देश्य मिशन की समग्र प्रगति को जिला और राज्य स्तर पर आंकना और मॉनिटर करना है।
मूल्यांकन के लिए फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स का चयन राज्य के विभिन्न बीएड कॉलेजों से किया गया। प्रत्येक जिले में 55 विद्यालयों का प्रतिनिधिक नमूना लिया जाएगा, जिसमें ग्रामीण, शहरी, सह-शैक्षणिक, मॉडल और गैर-मॉडल स्कूल शामिल होंगे। लगभग एक हजार विद्यार्थियों (प्रति कक्षा 250-400) का परीक्षण किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 22 से 23 फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स नियुक्त होंगे, जो प्रतिदिन 2 से 3 विद्यालयों का दौरा कर सात या उससे अधिक विद्यार्थियों का परीक्षण करेंगे। यह प्रक्रिया 13 अक्तूबर से शुरू होकर 6 से 9 दिनों तक चलेगी।
विद्यालय प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक फील्ड इन्वेस्टिगेटर की उपस्थिति और मूल्यांकन गतिविधियों का दैनिक रिकॉर्ड गूगल फॉर्म के माध्यम से किया जाए। इसके अलावा, फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स द्वारा किए गए विद्यालय दौरे का विवरण निर्धारित प्रारूप में जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसपीपी) ने निपुण हरियाणा मिशन की प्रगति का आकलन करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा अध्ययन कराने की घोषणा की है। इस अध्ययन के तहत कक्षा 2 से 4 तक के विद्यार्थियों की साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता का आकलन किया जाएगा। इस आकलन का उद्देश्य मिशन की समग्र प्रगति को जिला और राज्य स्तर पर आंकना और मॉनिटर करना है।
मूल्यांकन के लिए फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स का चयन राज्य के विभिन्न बीएड कॉलेजों से किया गया। प्रत्येक जिले में 55 विद्यालयों का प्रतिनिधिक नमूना लिया जाएगा, जिसमें ग्रामीण, शहरी, सह-शैक्षणिक, मॉडल और गैर-मॉडल स्कूल शामिल होंगे। लगभग एक हजार विद्यार्थियों (प्रति कक्षा 250-400) का परीक्षण किया जाएगा। प्रत्येक जिले में 22 से 23 फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स नियुक्त होंगे, जो प्रतिदिन 2 से 3 विद्यालयों का दौरा कर सात या उससे अधिक विद्यार्थियों का परीक्षण करेंगे। यह प्रक्रिया 13 अक्तूबर से शुरू होकर 6 से 9 दिनों तक चलेगी।
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विद्यालय प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक फील्ड इन्वेस्टिगेटर की उपस्थिति और मूल्यांकन गतिविधियों का दैनिक रिकॉर्ड गूगल फॉर्म के माध्यम से किया जाए। इसके अलावा, फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स द्वारा किए गए विद्यालय दौरे का विवरण निर्धारित प्रारूप में जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराया जाएगा।
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