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स्क्रीनिंग के बाद मिला प्रभु दर्शन का मौका
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गुरुग्राम। लॉकडाउन के समय से बंद किए धार्मिक स्थलों को बुधवार से खुलने पर शहरवासियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छोटे बड़े मंदिरों में रौनक लौटती दिखी। वहीं कृष्ण जन्माष्टमी के मौके ने इस खुशी में चार चांद लगाए। सुबह होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालु पहली आरती के साथ ही दर्शन करने पहुंचे। कई जगह मंदिरों को बुधवार को भी कपाट बंद रहे। वहीं कई मंदिरों को सुबह बंद रखने के बाद देर शाम खोल दिया गया। लोगों ने कोरोना महामारी के इस संकट को दूर भगाने की कामना की।
शीतला माता मंदिर, सुबह 9 बजे
शीतला माता मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नियमानुसार सभी को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। मास्क पहने हुए भक्त ही मंदिर में प्रवेश कर सके। दस साल से छोटे बच्चों के साथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार से ही वापस लौटा दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए लोगों ने माता के दर्शन किए। संक्रमण से बचने के लिए बार-बार मंदिर को सैनिटाइज किया गया। दूर से ही दर्शन करने का मौका दिया गया। इस दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार पर पुलिस भी तैनात रही।
सेक्टर-4 श्रीकृष्ण मंदिर, सुबह 11 बजे
सेक्टर-4 स्थित कृष्ण मंदिर के कपाट सुबह नहीं खोले गए। धार्मिक स्थलों को खुलने की सूचना के साथ ही श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर होने वाली भीड़ को देखते हुए बंद ही रखने का निर्णय लिया गया था। श्रद्धालु बंद कपाटों के बाहर से ही दर्शन कर लौटते नजर आए। वहीं देर शाम 6 बजे मंदिर को खोलने का निर्णय लिया गया। बचाव के लिए बड़े घेरा बनाया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। किसी को भी मंदिर की किसी भी प्रतिमा, वस्तु को छूने नहीं दिया गया। स्क्रीन के माध्यम से भी दर्शन कराए गए।
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इस्कॉन मंदिर, सोहना रोड, दोपहर 1 बजे
इस्कॉन मंदिर में भव्य सजावट की गई लेकिन श्रद्धालुओं के लिए देर रात तक भी पटों को बंद रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए प्रभु दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग की गई। सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे किसी को भी दर्शन नहीं करने दिए गए। इस्कॉन मंदिर द्वारा ऑनलाइन विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराया गया। ऑनलाइन ही श्रद्धालुओं को महाभिषेक देखने को मिला।
सेक्ट्रर- 10 ए श्रीकृष्ण मंदिर, शाम 7 बजे
श्रीकृष्ण मंदिर को लाइटिंग से सजाया गया। कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। भीड़ बहुत कम देखने को मिली। कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हालांकि नियमानुसार कार्य कराने के लिए पुलिस भी तैनात रही। वॉलंटियर की भी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। जगह-जगह सैनिटाइजर रखे गए। पंडित गोपाल कृष्ण कौशिक का कहना था कि लोगों में कोरोना महामारी को लेकर काफी जागरूकता है।
सिद्धेश्वर मंदिर, शाम 7:30 बजे
सिद्धेश्वर चौक स्थित सिद्धेश्वर मंदिर में फूलों और लाइटिंग के साथ भव्य सजावट की गई। वहीं बहुत ही कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों में भीड़ न करने की जागरूकता देखने को मिली। संक्रमण से बचने के लिए मंदिर कमेटी सदस्यों द्वारा पूरी व्यवस्था की गई। दूर से ही दर्शन करने का मौका लोगों को मिला। मंदिर में किसी को भी प्रसाद नहीं बांटा गया।
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शीतला माता मंदिर, सुबह 9 बजे
शीतला माता मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। नियमानुसार सभी को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया गया। मास्क पहने हुए भक्त ही मंदिर में प्रवेश कर सके। दस साल से छोटे बच्चों के साथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार से ही वापस लौटा दिया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए लोगों ने माता के दर्शन किए। संक्रमण से बचने के लिए बार-बार मंदिर को सैनिटाइज किया गया। दूर से ही दर्शन करने का मौका दिया गया। इस दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार पर पुलिस भी तैनात रही।
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सेक्टर-4 श्रीकृष्ण मंदिर, सुबह 11 बजे
सेक्टर-4 स्थित कृष्ण मंदिर के कपाट सुबह नहीं खोले गए। धार्मिक स्थलों को खुलने की सूचना के साथ ही श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे लेकिन कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर होने वाली भीड़ को देखते हुए बंद ही रखने का निर्णय लिया गया था। श्रद्धालु बंद कपाटों के बाहर से ही दर्शन कर लौटते नजर आए। वहीं देर शाम 6 बजे मंदिर को खोलने का निर्णय लिया गया। बचाव के लिए बड़े घेरा बनाया गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। किसी को भी मंदिर की किसी भी प्रतिमा, वस्तु को छूने नहीं दिया गया। स्क्रीन के माध्यम से भी दर्शन कराए गए।
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इस्कॉन मंदिर, सोहना रोड, दोपहर 1 बजे
इस्कॉन मंदिर में भव्य सजावट की गई लेकिन श्रद्धालुओं के लिए देर रात तक भी पटों को बंद रखा गया। श्रद्धालुओं के लिए प्रभु दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग की गई। सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे किसी को भी दर्शन नहीं करने दिए गए। इस्कॉन मंदिर द्वारा ऑनलाइन विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराया गया। ऑनलाइन ही श्रद्धालुओं को महाभिषेक देखने को मिला।
सेक्ट्रर- 10 ए श्रीकृष्ण मंदिर, शाम 7 बजे
श्रीकृष्ण मंदिर को लाइटिंग से सजाया गया। कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। भीड़ बहुत कम देखने को मिली। कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हालांकि नियमानुसार कार्य कराने के लिए पुलिस भी तैनात रही। वॉलंटियर की भी व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। जगह-जगह सैनिटाइजर रखे गए। पंडित गोपाल कृष्ण कौशिक का कहना था कि लोगों में कोरोना महामारी को लेकर काफी जागरूकता है।
सिद्धेश्वर मंदिर, शाम 7:30 बजे
सिद्धेश्वर चौक स्थित सिद्धेश्वर मंदिर में फूलों और लाइटिंग के साथ भव्य सजावट की गई। वहीं बहुत ही कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों में भीड़ न करने की जागरूकता देखने को मिली। संक्रमण से बचने के लिए मंदिर कमेटी सदस्यों द्वारा पूरी व्यवस्था की गई। दूर से ही दर्शन करने का मौका लोगों को मिला। मंदिर में किसी को भी प्रसाद नहीं बांटा गया।