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प्रदूषण की समस्या बरकरार, एक्यूआई @344

Wed, 17 Nov 2021 11:15 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:15 PM IST
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Pollution problem continues, AQI  344, Manesar's AQI declines compared to a day ago
गुरुग्राम। पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की तरफ से करीब 2 माह पहले जारी किए गए ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान (ग्रैप) के नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है। नतीजा यह है कि शहर की आबोहवा लगातार खराब स्थिति में बनी हुई है। जिम्मेदार अधिकारी ग्रैप का पालन कराने के प्रति गंभीर नहीं हैं और न ही प्रशासन के आला अधिकारी इसके क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे हैं।
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नगर निगम आयुक्त ने बैठक कर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी। उसके बाद निगमायुक्त ने भी खुद के आदेशों के क्रियान्वयन को लेकर कोई सख्त कदम नहीं उठाया। नतीजा यह है कि लगातार गिरते तापमान के बीच प्रदूषण की स्थिति एक जैसी बनी हुई है। ग्रैप में उल्लिखित बिंदुओं के मुताबिक किसी भी सूरत में निर्माण कार्य नहीं होने हैं लेकिन शहर के अलग-अलग इलाकों में निर्माण कार्य लगातार चल रहे हैं। इसमें अधिकांश भवन संबंधी निर्माण कार्य शामिल हैं। इसी क्रम में बुधवार को भी शहर के राजेंद्रा पार्क, सेक्टर-5 में निर्माण जारी रहा, जिसको देखने वाला कोई नहीं है और न ही किसी तरह का कोई अंकुश ही लग पा रहा है। प्रदूषण में बढ़ोतरी के चलते अस्पतालों में भी सांस व दमा संबंधी मरीजों की भीड़ बढ़ रही है।
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पानी के छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति
ग्रैप के मुताबिक धूल को ऊपर उड़ने से रोकने के लिए सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव कराया जाना है लेकिन शहर में ऐसा नहीं हो रहा है। इन दिनों सोहना रोड, महावीर चौक, अतुल कटारिया रोड व न्यू रेलवे रोड समेकत पुराने शहर के अधिकांश इलाकों में सबसे ज्यादा धूल उड़ रही है। प्रशासन इन जगहों पर सिर्फ एक-दो बार पानी का छिड़काव कर खानापूर्ति कर रहा है। ऐसे में पानी के छिड़काव के बमुश्किल 1 घंटे के अंदर ही स्थिति फिर से पहले जैसी हो जाती है और ऐसी स्थिति में प्रदूषण से भी राहत नहीं मिल रही है। इन नियमों की समीक्षा करने वाला कोई नहीं है।
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सिर्फ उद्योगों पर पाबंदियों से नहीं बनेगी बात :
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एचएसपीसीबी (हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की तरफ से कोयले पर आधारित इकाइयों पर रोक, डीजल जनरेटर पर रोक समेत उद्योगों पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। इसको लेकर उद्योग जगत के लोगों में असंतोष का भाव है। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेएन मंगला ने कहा कि हम शासन-प्रशासन से अलग नहीं हैं लेकिन उद्योगों से इतर प्रदूषण में बढ़ोतरी के तमाम कारक हैं। उन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इसमें सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव, लालबत्ती पर वाहनों का बंद किया जाना, ढाबों में कोयले इत्यादि के प्रयोग व खुले में कूड़ा जलाने पर रोक समेत अन्य बिंदु शामिल हैं।
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