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बंधवाड़ी कचरे के प्लांट से फिर रिसने लगा जहरीला पानी

Thu, 23 Jan 2020 11:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 11:12 PM IST
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pollution
गुरुग्राम। गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड स्थित गांव बंधवाड़ी के कचरा निस्तारण प्लांट में एक बार फिर से कचरे से लीचेट(काला पानी) प्लांट की चारदिवारी से बाहर बहने लगा है। पर्यावरणविदों का आरोप है कि बंधवाड़ी प्लांट के कचरे से निकले वाले जहरीले पानी से वन्य जीवों की मौत हो रही है। मंगलवार को प्लांट के पास एक मादा गीदड़ मृत हालत में मिली। पर्यावरणविदों को आशंका है कि इसकी मौत प्लांट के बाहर बह रहे लीचेट का पानी पीने से हुई है। इससे भूमि, भूजल और पर्यावरण पर गहरा असर पड़ रहा है। पर्यावरणविदों ने इसको लेकर नगर निगम और वन विभाग में शिकायत देकर इसे पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताया है।
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बंधवाड़ी में बने कचरे के पहाड़ों से निकल रहा लीचेट अब वन्य जीवों के लिए खतरा बन गया है। बारिश के कारण कचरे से निकलने वाले लीचेट का सही से प्रबंध नहीं होने के कारण लीचेट आस-पास के वनों में बह रहा है। लीचेट का पानी पीने से वन्य जीवों की मौत भी हो रही है। ईको ग्रीन कंपनी ने बंधवाड़ी में पड़े लाखों टन कचरे को पॉलीथिन से ढक दिया है, लेकिन इस कूड़े का निस्तारण का कार्य शुरू नहीं कर पाई है। ऐसे में पीछे की तरफ से जहरीला पानी निकलकर अरावली में पहुंच गया। इस प्लांट के बिल्कुल पीछे एक वॉटर बॉडी है। यहां भी लीचेट एकत्रित हो गया है। ऐसे में भूमि के साथ-साथ भूजल, वातावरण के प्रदूषित होने का खतरा मंडरा रहा है।
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एक मादा गीदड़ मिला मृत अवस्था में....
पर्यावरणविद् वैशाली राणा चंद्रा ने कहा कि इस प्लांट के संचालन में अब तक हरियाणा सरकार नाकाम साबित हुई है। गुरुग्राम और फरीदाबाद से रोजाना करीब दो हजार टन कचरा यहां पहुंच रहा है। कचरा निस्तारण नहीं होने से अब यहां से जहरीला पानी निकलकर अरावली में पहुंच गया है। सूचना मिलने पर वह जब मौके पर पहुंचीं तो उन्होंने एक मादा जैकल (गीदड़) को भी मृत अवस्था में पाया। वह गर्भवती थी। आरोप है कि या तो उसकी मौत इस जहरीले पानी को पीने से हुई है या प्लांट में लगी जेसीबी की चपेट में आई है। क्योंकि मृत गीदड़ के पास से जेसीबी के टायरोंश के निशान हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) को इस दिशा में संज्ञान लेना चाहिए।
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