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पुलिस ने चिता से शव उठाकर कराया पोस्टमार्टम
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गुरुग्राम। एक व्यक्ति की हत्या कर चोरी छिपे अंतिम संस्कार करने की सूचना पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को शव उठाकर पोस्टमार्टम कराया। शुक्रवार को परिजनों का बयान लेकर सौंप दिया गया। शमशान घाट में अंतिम क्रिया करते वक्त आचार्य ने चोट के निशान देखकर पुलिस को सूचना दी थी। सेक्टर-10 थाना प्रभारी ने बताया कि शराब के नशे में गिरने से मौत होने की बात सामने आई है। फिलहाल धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बदायूं के गांव शिबू निवासी पूरण ने बताया कि उसका भाई श्यामलाल गांव गढ़ी हरसरू में अजीत की हलवाई की दुकान पर गत्ते के डिब्बे बनाने का कार्य करता था। वह शराब पीने का आदी था। 21 सितंबर की रात को अजीत ने पूरण को फोन करके बताया कि श्यामलाल शराब के नशे में गिर गया, जिसे काफी चोट लगी है। उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
आरोप है कि श्यामलाल को अस्पताल ले जाने की बजाय वह अपने घर ले गए, जिसके बाद 23 सितंबर को उसकी मौत हो गई। परिजन उसका अंतिम संस्कार करने के लिए गुरुग्राम के मदनपुर रोड स्थित राम बाग शमशान घाट ले गए। यहां अंतिम संस्कार करने के दौरान आचार्य ने गंगाजल डालने के लिए शव के मुंह से कफन हटाया, तो चोट के कई निशान मिले। आचार्य ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिसे पोस्टमार्टम और परिजनों से बयान लेने के बाद सौंप दिया गया।
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उत्तर प्रदेश के बदायूं के गांव शिबू निवासी पूरण ने बताया कि उसका भाई श्यामलाल गांव गढ़ी हरसरू में अजीत की हलवाई की दुकान पर गत्ते के डिब्बे बनाने का कार्य करता था। वह शराब पीने का आदी था। 21 सितंबर की रात को अजीत ने पूरण को फोन करके बताया कि श्यामलाल शराब के नशे में गिर गया, जिसे काफी चोट लगी है। उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।
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आरोप है कि श्यामलाल को अस्पताल ले जाने की बजाय वह अपने घर ले गए, जिसके बाद 23 सितंबर को उसकी मौत हो गई। परिजन उसका अंतिम संस्कार करने के लिए गुरुग्राम के मदनपुर रोड स्थित राम बाग शमशान घाट ले गए। यहां अंतिम संस्कार करने के दौरान आचार्य ने गंगाजल डालने के लिए शव के मुंह से कफन हटाया, तो चोट के कई निशान मिले। आचार्य ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिसे पोस्टमार्टम और परिजनों से बयान लेने के बाद सौंप दिया गया।
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