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मरे हुए व्यक्ति के हस्ताक्षर से तैयार कागजात पर खरीदा प्लाट और लिया चार करोड़ का लोन
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गुरुग्राम। साइबर सिटी में ठगों ने मरे हुए व्यक्ति के बेटे के नाम ट्रांसफर प्लॉट खरीदने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं ठग ने फाइनेंस कंपनी से प्लॉट के नाम पर चार करोड़ रुपये का लोन लिया है। असली मालिक जब मौके पर पहुंचा तो पूरी वारदात का खुलासा हुआ। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद सुशांतलोक थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 70 साल की महिला सीमा सहगल ने बताया कि वह फिलहाल सेक्टर-53 गोल्फ कोर्स रोड स्थित विपुल बेलमोंट सोसाइटी में रहती हैं। इनका 420 वर्ग मीटर का एक प्लॉट सुशांत लोक सी ब्लॉक में है। महिला का कहना है कि ये प्लॉट उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल सहगल के साथ अंसल बिल्डर से खरीदा था। पहले ये प्लॉट दोनों के नाम पर था लेकिन साल 2016 में पति की मौत के बाद सीमा के नाम पर हो गया। इसके लिए पति ने 5 अगस्त 2009 को वसीयत बना दी थी। इतने सालों से वह इसकी देखरेख कर रही थीं। जनवरी 2019 से आरडब्ल्यूए को मेंटेनेंस चार्ज भी दे रही हैं।
आरोप है कि 3 अक्तूबर को महिला का बेटा सुमित प्लॉट पर गया तो वहां बोर्ड लगा था। बोर्ड पर लिखा था कि ये प्लॉट पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस के पास गिरवी है। बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क हुआ तो व्यक्ति ने खुद को वकील संजीव शर्मा बताया। उसने अपने सीनियर अमरजीत से बात कराई जो फाइनेंस कंपनी का लीगल हेड बता रहा था। अमरजीत ने महिला को बताया कि गिरधारी लाल सहगल ने ये प्लॉट अपने बेटे सुमित सहगल के नाम पर साल 2019 में ट्रांसफर कर दिया था। सुमित ने यह प्लॉट किसी गंभीर नामक व्यक्ति को बेचा। गंभीर की पूरी डिटेल मांगी तो नहीं बताई गई।
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फिर बताया कि गंभीर ने उनकी कंपनी से 4 करोड़ रुपये का लोन इस प्लॉट को गिरवी रखकर लिया और फिर लोन नहीं भरा। जबकि सुमित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। साथ ही महिला के पति की मौत भी साल 2016 में हो चुकी है तो ऐसे में वो 2019 में प्लॉट ट्रांसफर कैसे कर सकते हैं। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। जिस पर सुशांत लोक थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर साजिश के तहत ठगी करने का मामला दर्ज किया है।
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पुलिस के अनुसार, 70 साल की महिला सीमा सहगल ने बताया कि वह फिलहाल सेक्टर-53 गोल्फ कोर्स रोड स्थित विपुल बेलमोंट सोसाइटी में रहती हैं। इनका 420 वर्ग मीटर का एक प्लॉट सुशांत लोक सी ब्लॉक में है। महिला का कहना है कि ये प्लॉट उन्होंने अपने पति गिरधारी लाल सहगल के साथ अंसल बिल्डर से खरीदा था। पहले ये प्लॉट दोनों के नाम पर था लेकिन साल 2016 में पति की मौत के बाद सीमा के नाम पर हो गया। इसके लिए पति ने 5 अगस्त 2009 को वसीयत बना दी थी। इतने सालों से वह इसकी देखरेख कर रही थीं। जनवरी 2019 से आरडब्ल्यूए को मेंटेनेंस चार्ज भी दे रही हैं।
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आरोप है कि 3 अक्तूबर को महिला का बेटा सुमित प्लॉट पर गया तो वहां बोर्ड लगा था। बोर्ड पर लिखा था कि ये प्लॉट पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस के पास गिरवी है। बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क हुआ तो व्यक्ति ने खुद को वकील संजीव शर्मा बताया। उसने अपने सीनियर अमरजीत से बात कराई जो फाइनेंस कंपनी का लीगल हेड बता रहा था। अमरजीत ने महिला को बताया कि गिरधारी लाल सहगल ने ये प्लॉट अपने बेटे सुमित सहगल के नाम पर साल 2019 में ट्रांसफर कर दिया था। सुमित ने यह प्लॉट किसी गंभीर नामक व्यक्ति को बेचा। गंभीर की पूरी डिटेल मांगी तो नहीं बताई गई।
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फिर बताया कि गंभीर ने उनकी कंपनी से 4 करोड़ रुपये का लोन इस प्लॉट को गिरवी रखकर लिया और फिर लोन नहीं भरा। जबकि सुमित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। साथ ही महिला के पति की मौत भी साल 2016 में हो चुकी है तो ऐसे में वो 2019 में प्लॉट ट्रांसफर कैसे कर सकते हैं। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। जिस पर सुशांत लोक थाना पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर साजिश के तहत ठगी करने का मामला दर्ज किया है।