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फर्जी दस्तावेज बनाकर सेवानिवृत्त अध्यापिका का 3 करोड़ में बेच दिया प्लॉट
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गुरुग्राम। फर्जी दस्तावेज बनाकर जालसाजों ने सेवानिवृत्त अध्यापिका के प्लॉट को 3 करोड़ रुपये में बेच दिया। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब खरीदार ने रजिस्ट्री की पुरानी चेन को वेरिफाई करना शुरू किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को रिपोर्ट दर्ज की। साथ ही मामले को जांच के लिए एसआईटी के पास भेज दिया है।
डिफेंस कॉलोनी दिल्ली निवासी विनीत सूरी ने बताया कि उनकी 84 वर्षीय माता दिल्ली शिक्षा विभाग की सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं। उन्होंने 1991 में सुशांत लोक में अंसल बिल्डर से प्लॉट खरीदा था। कुछ समय पहले उन्हें एक व्यक्ति ने फोन किया। फोन करने वाले ने बताया कि वह सुशांत लोक सी ब्लॉक स्थित एक प्लॉट खरीद रहा है। जो उनकी माता ने 2019 में बेचा था। विनीत ने प्लॉट बेचे जाने की बात से इंकार कर अपने स्तर पर जांच शुरू की गई। इसमें पाया कि राजीव जैन, अंकुश, सत्या सूरी, एस सी अरोड़ा, बिजेंद्र सिंह, संजय सिंह समेत अन्य ने उक्त प्लॉट की जीपीए पहले विनीत के नाम पर दिखा दी। इसके बाद इस जीपीए के आधार पर 2019 में प्लॉट को 3 करोड़ रुपये में बेच दिया। जानकारी लगने पर उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने बताया कि सुशांत लोक थाना क्षेत्र में इस तरह का यह आठवां मामला है। इनकी जांच के लिए पुलिस आयुक्त ने एसआईटी बनाई हुई है।
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डिफेंस कॉलोनी दिल्ली निवासी विनीत सूरी ने बताया कि उनकी 84 वर्षीय माता दिल्ली शिक्षा विभाग की सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं। उन्होंने 1991 में सुशांत लोक में अंसल बिल्डर से प्लॉट खरीदा था। कुछ समय पहले उन्हें एक व्यक्ति ने फोन किया। फोन करने वाले ने बताया कि वह सुशांत लोक सी ब्लॉक स्थित एक प्लॉट खरीद रहा है। जो उनकी माता ने 2019 में बेचा था। विनीत ने प्लॉट बेचे जाने की बात से इंकार कर अपने स्तर पर जांच शुरू की गई। इसमें पाया कि राजीव जैन, अंकुश, सत्या सूरी, एस सी अरोड़ा, बिजेंद्र सिंह, संजय सिंह समेत अन्य ने उक्त प्लॉट की जीपीए पहले विनीत के नाम पर दिखा दी। इसके बाद इस जीपीए के आधार पर 2019 में प्लॉट को 3 करोड़ रुपये में बेच दिया। जानकारी लगने पर उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने बताया कि सुशांत लोक थाना क्षेत्र में इस तरह का यह आठवां मामला है। इनकी जांच के लिए पुलिस आयुक्त ने एसआईटी बनाई हुई है।
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