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Gurugram News: पैसा वापस न लेने वालों के लिए अलग से टावर निर्माण का मांगा प्लान

Mon, 28 Aug 2023 12:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Aug 2023 12:26 AM IST
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Plan sought for construction of separate tower for those who do not withdraw money
दो माह के भीतर प्लान देने की प्रक्रिया हो पूरी, मुख्यालय से आदेश के बाद पीड़ितों को मिलेगी राहत
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। जिला योजनाकार विभाग के मुख्यालय डीटीपी की ओर से नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को निर्देश जारी किया है कि दो महीने के अंदर एक टावर का निर्माण करने का प्लॉन दे। ऐसा नहीं करने पर सेक्टर-37 डी स्थित बसई पर जिस ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए लाइसेंस दिया गया था। उसे रद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मुख्यालय डीटीपी नरेंद्र कुमार ने जारी पत्र में कहा है कि सोसाइटी के खरीदारों ने लाइसेंस रद करने का अनुरोध किया है। इसलिए एनबीसीसी उन खरीदारों को ब्याज सहित राशि वापस करें, जो रिफंड करने की मांग कर रहे हैं। जो खरीदार पैसा नहीं लेकर फ्लैट चाहते हैं, उनके लिए टावर का निर्माण किया जाए। सात अगस्त को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक के साथ साथ हुई बैठक में एनबीसीसी के अधिकारी शामिल हुए थे। एनबीसीसी ने सिविल इंडिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की बात ही। लेकिन विभाग से कोई राहत नहीं मांगी गई है।
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सेक्टर-37डी में 18 एकड़ जमीन पर एनबीसीसी का रिहायशी ग्रीन व्यू प्रोजेक्ट वर्ष 2010 में लांच किया था। वर्ष 2016 में 14 मंजिल के सात टावरों में कुल 784 फ्लैट निर्माण पूरा हुआ। प्रोजेक्ट लांच होने के बाद 66 लाख रुपये की कीमत के फ्लैट करीब 260 लोगों ने बुक कराए। तीन साल की देरी से वर्ष 2018 में बुक कराने वालों को फ्लैट दे दिए गए, लेकिन घटिया निर्माण की शिकायतें भी आने लगीं। टॉवरों की दीवारों और छत से प्लास्टर झड़ने लगा। कई पिलर में दरार आ गई। यहां के निवासियों ने इस पूरे प्रोजेक्ट का स्ट्रक्चरल आडिट कराए जाने की मांग की। जिस पर एनबीसीसी ने सितंबर 2020 में आईआईटी दिल्ली से ऑडिट कराया। आईआईटी की टीम ने पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण पर ही सवाल खड़े कर दिए। एनबीसीसी ने इस रिपोर्ट को ही नकार दिया। उसके बाद आईआईटी रुड़की से ऑडिट कराया गया। इसने भी निर्माण में पूरी तरह खामियों की रिपोर्ट दी। ऑडिट के बाद यहां की टावरों को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया। मार्च 2022 में सोसाइटी को पूरी तरह खाली करवा लिया गया। खरीदार मार्केट रेट की देर से रिफंड मांग रहे है। नहीं तो एनबीसीसी दोबारा से फ्लैट का निर्माण करके दे।
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