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Gurugram News: अंतिम दिन बिना टैक्स जमा किए वापस लौटे लोग
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प्रॉपर्टी आईडी में खामियों के चलते नहीं मिल सका छूट का लाभ, अब होगी सील करने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम में ब्याज माफी और 15 प्रतिशत छूट के साथ संपत्ति कर जमा करवाने की अंतिम तारीख 31 मार्च को समाप्त हो गई। आखिरी दिन प्रॉपर्टी आईडी में खामियों के चलते बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, आखिर में कई लोग बिना टैक्स जमा किए वापस लौट गए। निगम कार्यालय में छूट के साथ प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए लोगों का शाम तक आना जारी रहा।
नगर निगम हर साल लोगों से संपत्ति कर लेता है। संपत्ति कर को 31 मार्च तक जमा करवाने पर निगम की ओर से ब्याज माफी और 15 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही थी। ब्याज माफी और छूट का लाभ केवल उन्हीं प्रॉपर्टी मालिकों को मिलना था, जो अपने प्रॉपर्टी डाटा को ऑनलाइन पोर्टल पर सेल्फ सर्टिफाई करके प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करेंगे। इधर, प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से प्रॉपर्टी आईडी के डाटा में त्रुटियों की लगातार शिकायतें आ रही थी। निगम द्वारा समाधान की कोशिशों के बीच अंतिम तिथि तक बड़ी संख्या में लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हो सका। रविवार को लोगों की भीड़ निगम कार्यालय में टैक्स भुगतान के लिए पहुंची, लेकिन कई लोग आईडी की त्रुटियों को ठीक कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। समाधान न होने के चलते मायूस होकर वापस लौट गए।
लोगों ने बयां किया दर्द
केस 1 - पुराने निगम कार्यालय में सुभाष नगर निवासी मदन लाल ने बताया कि करीब 40 वर्षों से 102 वर्ग गज के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। कुछ वर्षों से उनका दिव्यांग बेटा तरसेन कुमार जीवन व्यापन के लिए घर में 36 फुट की परचून की दुकान चला रहा है। निरीक्षण के दौरान जिम्मेदारों ने प्रॉपर्टी आईडी में दुकान को 110 वर्ग गज का दिखाया है। शिकायत के बाद भी त्रुटि ठीक नहीं हुई। इसके बाद घर और बिजली बिल में दर्ज पता अलग-अलग होने पर भी दौड़ाया गया। आखिर दिन भी अप्रूवल के लिए दूसरे काउंटर पर भेजा गया, लेकिन वहां जिम्मेदारी की कुर्सी खाली थी। जिससे उन्हें छूट का लाभ नहीं मिला सकेगा। कुछ देर बाद मदन लाल बिना टैक्स जमा किए मायूस होकर लौट गए।
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केस 2 - राजीव नगर निवासी रोहित कुमार पीजी संचालक हैं। उन्होंने अपना पीजी चलाने के लिए एक व्यक्ति दे रखा है। एक माह पहले उन्होंने ऑनलाइन सत्यापन के लिए निगम के पोर्टल पर जाकर प्रॉपर्टी आईडी देखी तो उनका पीजी संचालक के नाम पर दर्ज था। इसके साथ ही पीजी को 134 वर्ग गज का दिखाया गया है। जबकि उसका क्षेत्रफल कम है। सेल्फ सर्टिफाई करने पर वह खुद ही दोषी हो जाएंगे। आईडी की त्रुटि ठीक करने के लिए शिकायत की तो दोबारा दस्तावेज लगाने की बात कही गई। उन्होंने प्रक्रिया पूरी की, लेकिन त्रुटि ठीक नहीं हुई। आखिर दिन फाइल लेकर निगम अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन समाधान नहीं मिला। आरोप लगाया कि निगम की गलती के चलते उन्हें छूट का लाभ नहीं मिल सका।
इनसेट
अब 18 प्रतिशत ब्याज और सील की कार्रवाई होगी
निगम अधिकारियों के मुताबिक जिन्होंने 31 मार्च तक प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है। उन सभी प्रॉपर्टीज की सूची अप्रैल माह में निगम तैयार करके कार्रवाई शुरू करेगा। इसके तहत 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी को सील करके उसकी नीलामी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
मार्च के अंतिम दिन प्राॅपर्टी टैक्स जमा करने वालों के लिए अलग-अलग तीन स्थानों पर सेंटर खोले गए । छूट का लाभ लेने वालों की संख्या अधिक रही। सोमवार को आगे की रणनीति तय की जाएगी। - लक्ष्मण जेटीओ, नगर निगम गुरुग्राम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम में ब्याज माफी और 15 प्रतिशत छूट के साथ संपत्ति कर जमा करवाने की अंतिम तारीख 31 मार्च को समाप्त हो गई। आखिरी दिन प्रॉपर्टी आईडी में खामियों के चलते बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, आखिर में कई लोग बिना टैक्स जमा किए वापस लौट गए। निगम कार्यालय में छूट के साथ प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए लोगों का शाम तक आना जारी रहा।
नगर निगम हर साल लोगों से संपत्ति कर लेता है। संपत्ति कर को 31 मार्च तक जमा करवाने पर निगम की ओर से ब्याज माफी और 15 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही थी। ब्याज माफी और छूट का लाभ केवल उन्हीं प्रॉपर्टी मालिकों को मिलना था, जो अपने प्रॉपर्टी डाटा को ऑनलाइन पोर्टल पर सेल्फ सर्टिफाई करके प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान करेंगे। इधर, प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से प्रॉपर्टी आईडी के डाटा में त्रुटियों की लगातार शिकायतें आ रही थी। निगम द्वारा समाधान की कोशिशों के बीच अंतिम तिथि तक बड़ी संख्या में लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हो सका। रविवार को लोगों की भीड़ निगम कार्यालय में टैक्स भुगतान के लिए पहुंची, लेकिन कई लोग आईडी की त्रुटियों को ठीक कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। समाधान न होने के चलते मायूस होकर वापस लौट गए।
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लोगों ने बयां किया दर्द
केस 1 - पुराने निगम कार्यालय में सुभाष नगर निवासी मदन लाल ने बताया कि करीब 40 वर्षों से 102 वर्ग गज के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। कुछ वर्षों से उनका दिव्यांग बेटा तरसेन कुमार जीवन व्यापन के लिए घर में 36 फुट की परचून की दुकान चला रहा है। निरीक्षण के दौरान जिम्मेदारों ने प्रॉपर्टी आईडी में दुकान को 110 वर्ग गज का दिखाया है। शिकायत के बाद भी त्रुटि ठीक नहीं हुई। इसके बाद घर और बिजली बिल में दर्ज पता अलग-अलग होने पर भी दौड़ाया गया। आखिर दिन भी अप्रूवल के लिए दूसरे काउंटर पर भेजा गया, लेकिन वहां जिम्मेदारी की कुर्सी खाली थी। जिससे उन्हें छूट का लाभ नहीं मिला सकेगा। कुछ देर बाद मदन लाल बिना टैक्स जमा किए मायूस होकर लौट गए।
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केस 2 - राजीव नगर निवासी रोहित कुमार पीजी संचालक हैं। उन्होंने अपना पीजी चलाने के लिए एक व्यक्ति दे रखा है। एक माह पहले उन्होंने ऑनलाइन सत्यापन के लिए निगम के पोर्टल पर जाकर प्रॉपर्टी आईडी देखी तो उनका पीजी संचालक के नाम पर दर्ज था। इसके साथ ही पीजी को 134 वर्ग गज का दिखाया गया है। जबकि उसका क्षेत्रफल कम है। सेल्फ सर्टिफाई करने पर वह खुद ही दोषी हो जाएंगे। आईडी की त्रुटि ठीक करने के लिए शिकायत की तो दोबारा दस्तावेज लगाने की बात कही गई। उन्होंने प्रक्रिया पूरी की, लेकिन त्रुटि ठीक नहीं हुई। आखिर दिन फाइल लेकर निगम अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन समाधान नहीं मिला। आरोप लगाया कि निगम की गलती के चलते उन्हें छूट का लाभ नहीं मिल सका।
इनसेट
अब 18 प्रतिशत ब्याज और सील की कार्रवाई होगी
निगम अधिकारियों के मुताबिक जिन्होंने 31 मार्च तक प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है। उन सभी प्रॉपर्टीज की सूची अप्रैल माह में निगम तैयार करके कार्रवाई शुरू करेगा। इसके तहत 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्रॉपर्टी को सील करके उसकी नीलामी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।
मार्च के अंतिम दिन प्राॅपर्टी टैक्स जमा करने वालों के लिए अलग-अलग तीन स्थानों पर सेंटर खोले गए । छूट का लाभ लेने वालों की संख्या अधिक रही। सोमवार को आगे की रणनीति तय की जाएगी। - लक्ष्मण जेटीओ, नगर निगम गुरुग्राम।