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Gurugram News: पनीर डेयरी से निकलने वाली भाप और गंदे पानी की बदबू से लोग परेशान
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लोगों ने कहा इसे औद्योगिक क्षेत्र में किया जाए शिफ्ट, बीमारियों का बना रहता है खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। जिले में कई जगह रिहायशी इलाकों के बीच या आस-पास पनीर बनाने की कई डेयरी चल रही हैं। इनमें से कई डेयरी पर फर्जी पनीर भी बनाया जाता है, जिन पर समय-समय पर विभाग द्वारा छापा मार कर कार्रवाई की जाती है। वहीं, ज्यादातर जगह पनीर तो सही बनाया जाता है, लेकिन मानकों और नियमों का ध्यान नहीं रखा जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें से निवासियों की मुख्य परेशानी है डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी और उससे फैलनी वाली बदबू। साथ ही इससे बीमारियों फैलने का भी खतरा बना रहता है।
इसी तरह की समस्या से गांव मांडीखेड़ा के लोग परेशान है। निवासियों का कहना है कि गांव स्थित भोले बाबा फूड प्रोडक्ट्स नाम की पनीर डेयरी से निकलने वाली भाप और गंदे पानी की बदबू से भी लोगों का जीना दुश्वार है। यह डेयरी अल आफिया मांडीखेड़ा अस्पताल के साथ लगी हुई है। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में मरीजों का आवागमन रहता है। काफी बार मांडीखेड़ा अस्पताल के डॉक्टर इस डेयरी का दौरा कर चुके हैं, उस समय इकट्ठा हुए पानी में मिट्टी डाल देते हैं। लेकिन, थोड़े समय बाद फिर वहीं हाल हो जाता है। इस वजह से मरीज और डॉक्टर दोनों परेशान हैं। इसे बंद करवाने के काफी प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन यह डेयरी खुलेआम बिना कोई बोर्ड लगाए धड़ल्ले से चल रही है, फूड सेफ्टी विभाग का इस और कोई ध्यान नही है।
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डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में हो जाता है जमा, बच्चे हो रहे बीमार
मांडीखेड़ा गांव की महिलाओं का कहना है कि पनीर की डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी उनके घरों के पास बने खाली प्लॉटों में जमा हो जाता है। जिसकी बदबू से यहां पर रहना बड़ा मुश्किल है। हमारे बच्चे बीमार रहते हैं, उल्टियां आती है। इस डेयरी को आबादी से दूर ले जाने की ग्रामीण मांग कर रहे हैं। महिलाओं ने यह भी बताया कि काफी बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन ये बंद नहीं हो पाती है।
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1967 से यहीं पर कर रहे है कारोबार
इस मामले पर भोले बाबा फूड प्रोडक्ट्स फर्म के प्रोपराइटर ने कहा कि हम 1967 से अपना कारोबार करते आ रहे हैं। पहले तो सफेदी का भट्टा चालू किया। उसके बाद दूध खरीदा और बेचा आखिर में पनीर निकाल कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है। उन्होंने बताया कि सेफ्टी टैंक बनाया हुआ है, डेयरी से निकलने वाला बदबूदार गंदा पानी सेफ्टी टैंक से स्टील के टैंकर में भरकर यहां से 5 किलोमीटर दूर किराये पर खेत लिया हुआ है, वहां पर डाला जाता है। अगर फिर भी लोगों को परेशानी हो रही है तो दो महीने के अंदर इंडीस्ट्रीज एरिया में ले जाने का काम करेंगे ताकी आमजन को परेशानी ना हो।
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पिछले साल भोले बाबा फूड प्रोडक्ट्स पनीर डेयरी की जांच की गई थी। सैंपल फेल आया था, जिसकी एवज में जुर्माना भी किया गया था। अगर लोगों को परेशानी हो रही है और शिकायत है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस उनके पास मौजूद था। उसे भी जांचा गया था। डेयरी से निकलने वाला बदबूदार पानी जैसे तथ्यों की जांच प्रदूषण विभाग देखता है। -डॉ. रमेश चंद चौहान, एफ.एस.ओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। जिले में कई जगह रिहायशी इलाकों के बीच या आस-पास पनीर बनाने की कई डेयरी चल रही हैं। इनमें से कई डेयरी पर फर्जी पनीर भी बनाया जाता है, जिन पर समय-समय पर विभाग द्वारा छापा मार कर कार्रवाई की जाती है। वहीं, ज्यादातर जगह पनीर तो सही बनाया जाता है, लेकिन मानकों और नियमों का ध्यान नहीं रखा जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें से निवासियों की मुख्य परेशानी है डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी और उससे फैलनी वाली बदबू। साथ ही इससे बीमारियों फैलने का भी खतरा बना रहता है।
इसी तरह की समस्या से गांव मांडीखेड़ा के लोग परेशान है। निवासियों का कहना है कि गांव स्थित भोले बाबा फूड प्रोडक्ट्स नाम की पनीर डेयरी से निकलने वाली भाप और गंदे पानी की बदबू से भी लोगों का जीना दुश्वार है। यह डेयरी अल आफिया मांडीखेड़ा अस्पताल के साथ लगी हुई है। यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में मरीजों का आवागमन रहता है। काफी बार मांडीखेड़ा अस्पताल के डॉक्टर इस डेयरी का दौरा कर चुके हैं, उस समय इकट्ठा हुए पानी में मिट्टी डाल देते हैं। लेकिन, थोड़े समय बाद फिर वहीं हाल हो जाता है। इस वजह से मरीज और डॉक्टर दोनों परेशान हैं। इसे बंद करवाने के काफी प्रयास किए जा चुके हैं, लेकिन यह डेयरी खुलेआम बिना कोई बोर्ड लगाए धड़ल्ले से चल रही है, फूड सेफ्टी विभाग का इस और कोई ध्यान नही है।
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डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में हो जाता है जमा, बच्चे हो रहे बीमार
मांडीखेड़ा गांव की महिलाओं का कहना है कि पनीर की डेयरी से निकलने वाला गंदा पानी उनके घरों के पास बने खाली प्लॉटों में जमा हो जाता है। जिसकी बदबू से यहां पर रहना बड़ा मुश्किल है। हमारे बच्चे बीमार रहते हैं, उल्टियां आती है। इस डेयरी को आबादी से दूर ले जाने की ग्रामीण मांग कर रहे हैं। महिलाओं ने यह भी बताया कि काफी बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन ये बंद नहीं हो पाती है।
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1967 से यहीं पर कर रहे है कारोबार
इस मामले पर भोले बाबा फूड प्रोडक्ट्स फर्म के प्रोपराइटर ने कहा कि हम 1967 से अपना कारोबार करते आ रहे हैं। पहले तो सफेदी का भट्टा चालू किया। उसके बाद दूध खरीदा और बेचा आखिर में पनीर निकाल कर अपने परिवार का पालन पोषण करते है। उन्होंने बताया कि सेफ्टी टैंक बनाया हुआ है, डेयरी से निकलने वाला बदबूदार गंदा पानी सेफ्टी टैंक से स्टील के टैंकर में भरकर यहां से 5 किलोमीटर दूर किराये पर खेत लिया हुआ है, वहां पर डाला जाता है। अगर फिर भी लोगों को परेशानी हो रही है तो दो महीने के अंदर इंडीस्ट्रीज एरिया में ले जाने का काम करेंगे ताकी आमजन को परेशानी ना हो।
पिछले साल भोले बाबा फूड प्रोडक्ट्स पनीर डेयरी की जांच की गई थी। सैंपल फेल आया था, जिसकी एवज में जुर्माना भी किया गया था। अगर लोगों को परेशानी हो रही है और शिकायत है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। लाइसेंस उनके पास मौजूद था। उसे भी जांचा गया था। डेयरी से निकलने वाला बदबूदार पानी जैसे तथ्यों की जांच प्रदूषण विभाग देखता है। -डॉ. रमेश चंद चौहान, एफ.एस.ओ