{"_id":"64cba7e9d8697d4b4c0ee485","slug":"peace-in-nuh-police-raid-continues-exemption-given-in-curfew-gurgaon-news-c-24-1-noi1094-11440-2023-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: नूंह में शांति, पुलिस की छापामारी जारी, कर्फ्यू में दी गई छूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: नूंह में शांति, पुलिस की छापामारी जारी, कर्फ्यू में दी गई छूट
विज्ञापन
अब तक 45 एफआईआर दर्ज, 139 आरोपियों को किया गिरफ्तार
सिंगार, मेवली, जलालपुर तथा शिकारपुर में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में गठित 8 टीमों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में की जा रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। सांप्रदायिक हिंसा के चार दिन बाद बृहस्पतिवार को नूंह जिले में शांति रही। इस दौरान पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च करते हुए अपनी छापामारी जारी रखी और काफी आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। इसके साथ ही चार गांव सिंगार, मेवली, जलालपुर और शिकारपुर में सर्च ऑपरेशन चलाकर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में आठ टीमों का गठन किया गया है। जो अलग-अलग कार्रवाई कर रही हैं। इसके अलावा जिले में तीन डीएसपी स्तर के अधिकारियों की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है, जो गहनता से मामले की जांच कर रही है। जिले में अब तक इस मामले में 45 एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ ही 139 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इसके अलावा इस घटनाक्रम में 70 लोग घायल हुए हैं जबकि 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गई है।
दूसरी ओर नूंह में जारी कर्फ्यू में बृहस्पतिवार को तीन घंटों की ढील दी गई। लोगों को जरूरत का सामान खरीदने के लिए तीन घंटों की छूट दी गई थी। सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक मिली इस छूट के बाद लोगों ने जल्दी-जल्दी अपनी जरूरतों का सामान खरीदा। हालांकि बाजार में ज्यादातर दुकानदारों ने दुकान नहीं खोली। ऐसे में कई लोगों को खाली हाथ भी लौटना पड़ा। सब्जी मंडी में सब्जी बाहर से न आने के कारण लोगों को सब्जी नहीं मिली।
विज्ञापन
इसके साथ ही जिले में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की 34 कंपनियां तैनात की गई हैं। जिला में पुलिस बल द्वारा लगातार फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है और लोगों से अमन व चैन बनाए रखने की अपील की जा रही है।
-- -- -- -
शेर सिंह डागर
फोटो- नूंह- होडल पसरा हुआ सन्नाटा। - संवाद सहयोगी
- सुरक्षा को लेकर मुस्तैदी के साथ खड़े जवान। - संवाद सहयोगी
विज्ञापन
सिंगार, मेवली, जलालपुर तथा शिकारपुर में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में गठित 8 टीमों द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में की जा रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। सांप्रदायिक हिंसा के चार दिन बाद बृहस्पतिवार को नूंह जिले में शांति रही। इस दौरान पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च करते हुए अपनी छापामारी जारी रखी और काफी आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। इसके साथ ही चार गांव सिंगार, मेवली, जलालपुर और शिकारपुर में सर्च ऑपरेशन चलाकर कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।
हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की अध्यक्षता में आठ टीमों का गठन किया गया है। जो अलग-अलग कार्रवाई कर रही हैं। इसके अलावा जिले में तीन डीएसपी स्तर के अधिकारियों की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है, जो गहनता से मामले की जांच कर रही है। जिले में अब तक इस मामले में 45 एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ ही 139 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इसके अलावा इस घटनाक्रम में 70 लोग घायल हुए हैं जबकि 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गई है।
विज्ञापन
दूसरी ओर नूंह में जारी कर्फ्यू में बृहस्पतिवार को तीन घंटों की ढील दी गई। लोगों को जरूरत का सामान खरीदने के लिए तीन घंटों की छूट दी गई थी। सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक मिली इस छूट के बाद लोगों ने जल्दी-जल्दी अपनी जरूरतों का सामान खरीदा। हालांकि बाजार में ज्यादातर दुकानदारों ने दुकान नहीं खोली। ऐसे में कई लोगों को खाली हाथ भी लौटना पड़ा। सब्जी मंडी में सब्जी बाहर से न आने के कारण लोगों को सब्जी नहीं मिली।
विज्ञापन
इसके साथ ही जिले में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की 34 कंपनियां तैनात की गई हैं। जिला में पुलिस बल द्वारा लगातार फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है और लोगों से अमन व चैन बनाए रखने की अपील की जा रही है।
शेर सिंह डागर
फोटो- नूंह- होडल पसरा हुआ सन्नाटा। - संवाद सहयोगी
- सुरक्षा को लेकर मुस्तैदी के साथ खड़े जवान। - संवाद सहयोगी