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Gurugram News: बिल्डर को भुगतान पूरा पर बिजली का काम अधूरा
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33 केवी कनेक्शन की मांग तेज, आठ साल से 1800 परिवार 11 केवी सप्लाई पर हैं निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित एटीएस ककून सोसाइटी के निवासियों ने 33 केवी बिजली कनेक्शन की मांग तेज कर दी है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर को 33 केवी बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूरा भुगतान किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। वर्तमान में सोसाइटी को केवल 11 केवी का बिजली कनेक्शन मिला हुआ है।
निवासियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से बिजली कटौती और महंगी डीजी (डीजल जनरेटर) सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में डीजल की कीमत बढ़ने के बाद डीजी से मिलने वाली बिजली की लागत लगभग 30 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई है, जिससे निवासियों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि फ्लैट खरीदते समय बिल्डर ने 33 केवी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन आज तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि एटीएस ककून और कैलेडियम, दोनों सोसाइटियों को एक ही 11 केवी कनेक्शन से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
निवासियों के अनुसार, पिछले करीब आठ वर्षों से बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर अस्थायी और अपर्याप्त बना हुआ है। दोनों सोसाइटियों के लगभग 1800 परिवार अभी भी 11 केवी बिजली कनेक्शन पर निर्भर हैं। गर्मियों के दौरान प्रतिदिन छह से 10 घंटे तक बिजली कटौती होती है, जिससे लोगों को महंगे डीजी पर निर्भर होना पड़ता है। इससे उनका खर्च कई गुना बढ़ जाता है। इस संबंध में कई बार बिजली निगम और नगर योजनाकार विभाग को शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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33 केवी कनेक्शन नहीं होने के कारण बिजली कटौती के दौरान सोसाइटी के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। -पीपी सिंह, अध्यक्ष, एटीएस ककून सोसाइटी
बेहतर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को लेकर पिछले आठ वर्षों में कई अधिकारियों को शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। -रंजीत सिंह, आरडब्ल्यूए सदस्य, एटीएस ककून सोसाइटी
गर्मी के मौसम में छह घंटे से अधिक बिजली कटौती होने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -राजन सखूजा, उपाध्यक्ष, एटीएस ककून सोसाइटी
आठ वर्षों से लोग 11 केवी कनेक्शन पर ही निर्भर हैं। बिजली कटौती होने पर डीजी का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा बिल्डर ने नियमों के अनुसार सोलर पैनल प्लांट भी स्थापित नहीं किया है। -अजय अग्रवाल, निवासी, एटीएस ककून सोसाइटी
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संवाद न्यूज एजेंसी
न्यू गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित एटीएस ककून सोसाइटी के निवासियों ने 33 केवी बिजली कनेक्शन की मांग तेज कर दी है। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर को 33 केवी बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूरा भुगतान किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी बिजली व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। वर्तमान में सोसाइटी को केवल 11 केवी का बिजली कनेक्शन मिला हुआ है।
निवासियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से बिजली कटौती और महंगी डीजी (डीजल जनरेटर) सप्लाई की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में डीजल की कीमत बढ़ने के बाद डीजी से मिलने वाली बिजली की लागत लगभग 30 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई है, जिससे निवासियों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि फ्लैट खरीदते समय बिल्डर ने 33 केवी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन आज तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। स्थिति यह है कि एटीएस ककून और कैलेडियम, दोनों सोसाइटियों को एक ही 11 केवी कनेक्शन से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
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निवासियों के अनुसार, पिछले करीब आठ वर्षों से बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर अस्थायी और अपर्याप्त बना हुआ है। दोनों सोसाइटियों के लगभग 1800 परिवार अभी भी 11 केवी बिजली कनेक्शन पर निर्भर हैं। गर्मियों के दौरान प्रतिदिन छह से 10 घंटे तक बिजली कटौती होती है, जिससे लोगों को महंगे डीजी पर निर्भर होना पड़ता है। इससे उनका खर्च कई गुना बढ़ जाता है। इस संबंध में कई बार बिजली निगम और नगर योजनाकार विभाग को शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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33 केवी कनेक्शन नहीं होने के कारण बिजली कटौती के दौरान सोसाइटी के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। -पीपी सिंह, अध्यक्ष, एटीएस ककून सोसाइटी
बेहतर बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग को लेकर पिछले आठ वर्षों में कई अधिकारियों को शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। -रंजीत सिंह, आरडब्ल्यूए सदस्य, एटीएस ककून सोसाइटी
गर्मी के मौसम में छह घंटे से अधिक बिजली कटौती होने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। -राजन सखूजा, उपाध्यक्ष, एटीएस ककून सोसाइटी
आठ वर्षों से लोग 11 केवी कनेक्शन पर ही निर्भर हैं। बिजली कटौती होने पर डीजी का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा बिल्डर ने नियमों के अनुसार सोलर पैनल प्लांट भी स्थापित नहीं किया है। -अजय अग्रवाल, निवासी, एटीएस ककून सोसाइटी