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Gurugram News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भर रहे ओवरलोड वाहन
Mon, 16 Jun 2025 12:19 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:19 AM IST
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नूंह। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से फर्राटा भर रहे हैं। कई बार यहां बड़ा हादसा होने के बाद कुछ सख्ती देखी गई, लेकिन कुछ दिन बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। ओवरलोड वाहनों से सड़क भी खराब हो रही है। वहीं ये वाहन हादसों को भी अंजाम दे रहे हैं। वहीं, वाहनों की ओवरलोडिंग का पता लगाने के लिए बनाए गए दो धर्मकांटे भी अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं।
बता दें, इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 फरवरी 2023 को दोसा से की, नौ मार्च 2019 को सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसके निर्माण कार्य की शुरुआत की थी। लाखों करोड़ खर्च करने के बाद भी अभी ययां काफी खामियां हैं जो लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही हैं।
हरियाणा के गुरुग्राम, पलवल व नूंह जिले से होकर गुजरने वाले देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे के पहले चरण में 12,150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 246 किलोमीटर लंबा सेक्शन चालू हुआ है। दिल्ली से मुंबई तक लगभग 1380 किलोमीटर लंबे आठ लेन के इस एक्सप्रेस वे का 129 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा से गुजरा है। यह एक्सप्रेसवे मेवात के करीब 40 किलोमीटर के क्षेत्र से निकल रहा है।
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लोगों का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को रोका जाए। इसके लिए एक्सप्रेसवे पर जहां उतार-चढ़ाव बनाए गए हैं वहां पर धर्मकांटे लगाए गए हैं। ताकि इन धर्मकांटे से गाड़ी का कांटा हो सके और ओवरलोड और अंडरलोड का पता चल सके।
मेवात में दो धर्मकांटे बनाए गए हैं, एक कांटा नूंह के जयसिंहपुर और एक फिरोजपुर झिरका में है। लेकिन ये दोनों ही कांटे अभी तक शुरू नहीं किए गए हैं। फिरोजपुर झिरका से ओवरलोड डंपर इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं।
हालात ये है कि इस एक्सप्रेस वे पर कई जगह पुल बने हुए हैं। इसके साथ सड़क नीचे बैठ गई है। जानकारों का कहना है कि कई बार यहां गाड़ी स्पीड में होने के कारण अनियंत्रित हो जाती है। जिसके कारण दुर्घटना हो रही है। पिछले महीने यहां एक पिकअप ने 11 लोगों को टक्कर मार दी थी। जिसमें से करीब सात लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने यहां शिकंजा कसा था। लेकिन अब अधिकारियों का ध्यान इस ओर से हट गया है और फिर से ओवरलोड वाहन चलना शुरू हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को रोक जाए।
ओवरलोडिंग को रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस बारे में सख्ती बरती जाएगी। लाखों रुपये के चालान काटे भी गए हैं। धर्मकांटे शुरू कराने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की है। रोड सेफ्टी की बैठक में यह मुद्दा उठा है। -मनीष सहगल, आरटीए नूंह
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बता दें, इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 फरवरी 2023 को दोसा से की, नौ मार्च 2019 को सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसके निर्माण कार्य की शुरुआत की थी। लाखों करोड़ खर्च करने के बाद भी अभी ययां काफी खामियां हैं जो लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही हैं।
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हरियाणा के गुरुग्राम, पलवल व नूंह जिले से होकर गुजरने वाले देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे के पहले चरण में 12,150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 246 किलोमीटर लंबा सेक्शन चालू हुआ है। दिल्ली से मुंबई तक लगभग 1380 किलोमीटर लंबे आठ लेन के इस एक्सप्रेस वे का 129 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा से गुजरा है। यह एक्सप्रेसवे मेवात के करीब 40 किलोमीटर के क्षेत्र से निकल रहा है।
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लोगों का कहना है कि इस एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को रोका जाए। इसके लिए एक्सप्रेसवे पर जहां उतार-चढ़ाव बनाए गए हैं वहां पर धर्मकांटे लगाए गए हैं। ताकि इन धर्मकांटे से गाड़ी का कांटा हो सके और ओवरलोड और अंडरलोड का पता चल सके।
मेवात में दो धर्मकांटे बनाए गए हैं, एक कांटा नूंह के जयसिंहपुर और एक फिरोजपुर झिरका में है। लेकिन ये दोनों ही कांटे अभी तक शुरू नहीं किए गए हैं। फिरोजपुर झिरका से ओवरलोड डंपर इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं।
हालात ये है कि इस एक्सप्रेस वे पर कई जगह पुल बने हुए हैं। इसके साथ सड़क नीचे बैठ गई है। जानकारों का कहना है कि कई बार यहां गाड़ी स्पीड में होने के कारण अनियंत्रित हो जाती है। जिसके कारण दुर्घटना हो रही है। पिछले महीने यहां एक पिकअप ने 11 लोगों को टक्कर मार दी थी। जिसमें से करीब सात लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने यहां शिकंजा कसा था। लेकिन अब अधिकारियों का ध्यान इस ओर से हट गया है और फिर से ओवरलोड वाहन चलना शुरू हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही को रोक जाए।
ओवरलोडिंग को रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस बारे में सख्ती बरती जाएगी। लाखों रुपये के चालान काटे भी गए हैं। धर्मकांटे शुरू कराने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की है। रोड सेफ्टी की बैठक में यह मुद्दा उठा है। -मनीष सहगल, आरटीए नूंह