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जमा कराई गई रकम ब्याज सहित वापस करने के आदेश
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गुरुग्राम। दो बिजली उपभोक्ताओं पर लगाए गए बिजली चोरी के आदेश को गुरुग्राम की सिविल अदालत ने खारिज ही नहीं किया बल्कि जमा कराई गई राशि को ब्याज सहित वापस करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद पीड़ित कनेक्शन धारकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर उत्पीड़न का केस दायर करने का फैसला लिया है।
डीएलएफ निवासी देवेंद्र कुमार के मामले में 184607 रुपये 24 फीसदी ब्याज के साथ वापस करने और सिही गांव निवासी भूप सिंह के मामले में अदालत ने 43,904 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए हैं।
डीएलएफ फेज-2 निवासी देवेंद्र कुमार पर बिजली निगम के अधिकारियों ने 21 जून 2015 को मीटर का सर्किट डिसकनेक्ट करने का आरोप लगाया था। साथ ही मीटर टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिया था। इसी के साथ-साथ 184607 रुपये की पेनल्टी जमा करने के आदेश किए थे। इस राशि को जमा न करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी थी। उस समय तो देवेंद्र ने धनराशि जमा कर दी। साथ ही अदालत में केस फाइल कर दिया। इस मामले में सिविल जज सुमित्रा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बिजली विभाग की कार्रवाई को गलत बताया। साथ ही वसूली गई राशि 24 फीसदी ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए।
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एडवोकेट क्षितिज मेहता ने बताया कि गांव सिही निवासी भूप सिंह पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए एक जुलाई 2015 को 43,904 रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इस मामले में भी सिविल जज जूनियर डिवीजन हरजोत कौर ने भी दोनों पक्षों को सुनने के बाद बिजली चोरी के आरोप को गलत माना है। इस मामले में पेनल्टी की राशि को छह फीसदी ब्याज के साथ पीड़ित को वापस करने के आदेश दिए हैं।
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डीएलएफ निवासी देवेंद्र कुमार के मामले में 184607 रुपये 24 फीसदी ब्याज के साथ वापस करने और सिही गांव निवासी भूप सिंह के मामले में अदालत ने 43,904 रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए हैं।
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डीएलएफ फेज-2 निवासी देवेंद्र कुमार पर बिजली निगम के अधिकारियों ने 21 जून 2015 को मीटर का सर्किट डिसकनेक्ट करने का आरोप लगाया था। साथ ही मीटर टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिया था। इसी के साथ-साथ 184607 रुपये की पेनल्टी जमा करने के आदेश किए थे। इस राशि को जमा न करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी थी। उस समय तो देवेंद्र ने धनराशि जमा कर दी। साथ ही अदालत में केस फाइल कर दिया। इस मामले में सिविल जज सुमित्रा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बिजली विभाग की कार्रवाई को गलत बताया। साथ ही वसूली गई राशि 24 फीसदी ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए।
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एडवोकेट क्षितिज मेहता ने बताया कि गांव सिही निवासी भूप सिंह पर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए एक जुलाई 2015 को 43,904 रुपये की पेनल्टी लगाई थी। इस मामले में भी सिविल जज जूनियर डिवीजन हरजोत कौर ने भी दोनों पक्षों को सुनने के बाद बिजली चोरी के आरोप को गलत माना है। इस मामले में पेनल्टी की राशि को छह फीसदी ब्याज के साथ पीड़ित को वापस करने के आदेश दिए हैं।