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धान की जगह वैकल्पिक फसलें उगाएं, पानी बचाएं
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गुरुग्राम। जिला उपायुक्त डा. यश गर्ग ने किसानों से अपील की है कि वे ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की जगह वैकल्पिक फसल उगाएं और अगली पीढ़ी के लिए भू-जल बचाएं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फसल विविधीकरण अपनाने पर किसानों को 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का विशेष अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा।
जिला बागवानी अधिकारी पिंकी यादव ने बताया कि जिस किसान ने वर्ष-2020-21 में गिरदावरी रिपोर्ट अनुसार धान लगाया था और इस वर्ष 2021-22 में उसी खसरा /किला नंबर में बागवानी फसल लगाते हैं, इस योजना के तहत पात्रता सुनिश्चित करते हैं। इस योजना के तहत गठित कमेटी द्वारा सर्वे करने पर 2 हजार रुपये की पहली किश्त पंजीकरण के सत्यापन एवं बागवानी फसल उगाने पर दी जाएगी।
इसके बाद बागवानी फसल का निरीक्षण करने उपरांत 5 हजार रुपये की दूसरी किस्त अनुदान के रूप में दी जाती है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी या टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर भी संपर्क कर सकते हैं। अनुदान राशि डीबीटी द्वारा सीधे किसान के खाते में जमा होगी।
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जिला बागवानी अधिकारी पिंकी यादव ने बताया कि जिस किसान ने वर्ष-2020-21 में गिरदावरी रिपोर्ट अनुसार धान लगाया था और इस वर्ष 2021-22 में उसी खसरा /किला नंबर में बागवानी फसल लगाते हैं, इस योजना के तहत पात्रता सुनिश्चित करते हैं। इस योजना के तहत गठित कमेटी द्वारा सर्वे करने पर 2 हजार रुपये की पहली किश्त पंजीकरण के सत्यापन एवं बागवानी फसल उगाने पर दी जाएगी।
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इसके बाद बागवानी फसल का निरीक्षण करने उपरांत 5 हजार रुपये की दूसरी किस्त अनुदान के रूप में दी जाती है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नजदीकी उद्यान विकास अधिकारी या टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर भी संपर्क कर सकते हैं। अनुदान राशि डीबीटी द्वारा सीधे किसान के खाते में जमा होगी।
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