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Gurugram News: कमला नेहरु पार्क का डेढ़ साल में सिर्फ 25 प्रतिशत काम हुआ पूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सदर बाजार स्थित कमला नेहरु पार्क में डेढ़ साल से चल रहा काम
गुरुग्राम। सदर बाजार स्थित कमला नेहरु पार्क में बच्चों के लिए स्विमिंग पूल बनाने का काम पिछले डेढ़ साल चल रहा है। सरकार की लापरवाही और ठेकेदार की सुस्ती ने इस प्रोजेक्ट को अधर में लटका दिया है।
जिला खेल कार्यालय का दावा है कि निर्माण कार्य 70 फीसदी पूरा हो चुका है लेकिन हकीकत में जमीन पर तस्वीर कुछ और ही कहती है। निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों का कहना है कि अब तक सिर्फ 25 प्रतिशत काम ही निपट पाया है और इस पूल को पूरी तरह तैयार होने में अभी कम से कम डेढ़ साल और लग सकते हैं। गर्मियों का मौसम बीत गया, मगर बच्चों को स्विमिंग सिखाने के नाम पर सिर्फ झूठे वादे और अधूरा निर्माण ही दिख रहा है। इस देरी से शहर के वे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जो तैराकी सीखना चाहते हैं लेकिन प्राइवेट स्विमिंग अकादमियों की ऊंची फीस भरने में सक्षम नहीं हैं। बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि अगर यह स्विमिंग पूल समय पर तैयार हो जाता, तो उन्हें स्थानीय स्तर पर सस्ती और सुलभ सुविधा मिल पाती। अब सवाल ये है कि जब सरकार करोड़ों रुपये की योजनाओं का ऐलान करती है तो फिर जमीनी स्तर पर ये काम क्यों लटक जाते हैं?
वर्जन
स्वीमिंग पूल का काम लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आने वाले समय में जल्द ही तैराकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। -गिरीराज, उप निदेशक खेल विभाग, गुरुग्राम
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सदर बाजार स्थित कमला नेहरु पार्क में डेढ़ साल से चल रहा काम
गुरुग्राम। सदर बाजार स्थित कमला नेहरु पार्क में बच्चों के लिए स्विमिंग पूल बनाने का काम पिछले डेढ़ साल चल रहा है। सरकार की लापरवाही और ठेकेदार की सुस्ती ने इस प्रोजेक्ट को अधर में लटका दिया है।
जिला खेल कार्यालय का दावा है कि निर्माण कार्य 70 फीसदी पूरा हो चुका है लेकिन हकीकत में जमीन पर तस्वीर कुछ और ही कहती है। निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों का कहना है कि अब तक सिर्फ 25 प्रतिशत काम ही निपट पाया है और इस पूल को पूरी तरह तैयार होने में अभी कम से कम डेढ़ साल और लग सकते हैं। गर्मियों का मौसम बीत गया, मगर बच्चों को स्विमिंग सिखाने के नाम पर सिर्फ झूठे वादे और अधूरा निर्माण ही दिख रहा है। इस देरी से शहर के वे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जो तैराकी सीखना चाहते हैं लेकिन प्राइवेट स्विमिंग अकादमियों की ऊंची फीस भरने में सक्षम नहीं हैं। बच्चों और अभिभावकों का कहना है कि अगर यह स्विमिंग पूल समय पर तैयार हो जाता, तो उन्हें स्थानीय स्तर पर सस्ती और सुलभ सुविधा मिल पाती। अब सवाल ये है कि जब सरकार करोड़ों रुपये की योजनाओं का ऐलान करती है तो फिर जमीनी स्तर पर ये काम क्यों लटक जाते हैं?
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वर्जन
स्वीमिंग पूल का काम लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। आने वाले समय में जल्द ही तैराकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। -गिरीराज, उप निदेशक खेल विभाग, गुरुग्राम
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