{"_id":"69d166959aaf980040013aaa","slug":"only-1060-quintals-of-wheat-procured-in-four-days-gurgaon-news-c-25-1-mwt1001-111051-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: चार दिन में केवल 1060 क्विंटल गेहूं की खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: चार दिन में केवल 1060 क्विंटल गेहूं की खरीद
विज्ञापन
मंडी में किसानों की कम आवक के कारण बाजार में पसरा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद शुरुआती चार दिनों में केवल 1060 क्विंटल गेहूं ही समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जा सका है। मंडी में किसानों की कम आवक के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
व्यापारियों के अनुसार सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है लेकिन खेतों से आने वाला गेहूं अभी अधिक नमी वाला है। नमी के कारण तौल और सुखाने में परेशानी आ रही है, इसलिए किसान फिलहाल फसल मंडी में लाने से बच रहे हैं। मार्केट कमेटी के सचिव राजवीर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे फसल बेचने से पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराएं और गेट पास के लिए ई-खरीद मोबाइल एप का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि मंडी में किसानों के लिए बिजली, पानी, बैठने और ठहरने की सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
फोटो। मंडी में सूखता गेहूं
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद शुरुआती चार दिनों में केवल 1060 क्विंटल गेहूं ही समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदा जा सका है। मंडी में किसानों की कम आवक के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
व्यापारियों के अनुसार सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है लेकिन खेतों से आने वाला गेहूं अभी अधिक नमी वाला है। नमी के कारण तौल और सुखाने में परेशानी आ रही है, इसलिए किसान फिलहाल फसल मंडी में लाने से बच रहे हैं। मार्केट कमेटी के सचिव राजवीर सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे फसल बेचने से पहले ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर पंजीकरण जरूर कराएं और गेट पास के लिए ई-खरीद मोबाइल एप का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि मंडी में किसानों के लिए बिजली, पानी, बैठने और ठहरने की सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विज्ञापन
फोटो। मंडी में सूखता गेहूं