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Nuh Violence: गोली नहीं धारदार हथियार से हुई थी नायब इमाम की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा
Sun, 06 Aug 2023 10:05 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 06 Aug 2023 10:05 AM IST
सार
नूंह हिंसा के बाद गुरुग्राम में निर्माणाधीन मस्जिद के नायब इमाम मोहम्मद साद की हत्या को लेकर नया खुलासा हुआ है। इमाम की हत्या गोली मारकर नहीं की गई। धारदार हथियार से इमाम को मार डाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
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मृतक इमाम हाफिज साद
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
गुरुग्राम में 31 जुलाई को नूंह में भड़की हिंसा के बाद गुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित निर्माणाधीन मस्जिद के नायब इमाम मोहम्मद साद की हत्या गोली लगने से नहीं बल्कि धारदार हथियारों के हमले से हुई थी। इस बात का खुलासा साद के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद हुआ है।
इससे पहले प्रशासन ने कहा था कि मो. साद की मौत की वजह गोली लगना है। मो. साद के शव का पोस्टमार्टम प्रशासन द्वारा गठित किए गए मेडिकल बोर्ड ने किया है। इसकी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दी गई है। घटना को लेकर भी कई तरह की बातें कही जा रही थीं। पुलिस को इस बात का शक था कि मो. साद पर गोली से भी हमला हुआ है।
इसलिए शव का एक्सरे भी कराया गया। प्रशासन की ओर से शव के पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपक माथुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया। इस मेडिकल बोर्ड में डॉ. सुधीर और डॉ. ललित भी शामिल थे। बोर्ड ने जब पोस्टमार्टम किया तो मो. साद की मौत के कारण के विषय में दूसरी ही बात सामने आई।
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जाहिर हुआ कि मो. साद पर धारदार हथियार से जबरदस्त तरीके से हमला किया गया। उसके शरीर में कहीं भी गोली नहीं मिली साथ ही गोली आर-पार निकल जाने की बात भी सामने नहीं आई।
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इससे पहले प्रशासन ने कहा था कि मो. साद की मौत की वजह गोली लगना है। मो. साद के शव का पोस्टमार्टम प्रशासन द्वारा गठित किए गए मेडिकल बोर्ड ने किया है। इसकी रिपोर्ट पुलिस प्रशासन को सौंप दी गई है। घटना को लेकर भी कई तरह की बातें कही जा रही थीं। पुलिस को इस बात का शक था कि मो. साद पर गोली से भी हमला हुआ है।
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इसलिए शव का एक्सरे भी कराया गया। प्रशासन की ओर से शव के पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीपक माथुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया गया। इस मेडिकल बोर्ड में डॉ. सुधीर और डॉ. ललित भी शामिल थे। बोर्ड ने जब पोस्टमार्टम किया तो मो. साद की मौत के कारण के विषय में दूसरी ही बात सामने आई।
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जाहिर हुआ कि मो. साद पर धारदार हथियार से जबरदस्त तरीके से हमला किया गया। उसके शरीर में कहीं भी गोली नहीं मिली साथ ही गोली आर-पार निकल जाने की बात भी सामने नहीं आई।
दोनों होमगार्डों की मौत उपद्रवियों की पिटाई से हुई
सोमवार को नूंह की हिंसा में उपद्रवियों के हमले का शिकार हुए होमगार्ड नीरज और गुरुसेवक का पोस्टमार्टम भी गुरुग्राम में ही हुआ था। हिंसा में घायल होने के बाद दोनों को गुरुग्राम के मेदांता मेडिसिटी में भर्ती कराया गया। यहीं पर इनकी मौत हो गई। इनके पोस्टमार्टम में इनकी मौत की वजह पिटाई और ब्लंट चोट (वह चोट जो किसी धारदार हथियार या धातु की किसी रॉड आदि से नहीं लगी) निकल कर आई है। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस प्रशासन को भेज दी गई है।
सोमवार को नूंह की हिंसा में उपद्रवियों के हमले का शिकार हुए होमगार्ड नीरज और गुरुसेवक का पोस्टमार्टम भी गुरुग्राम में ही हुआ था। हिंसा में घायल होने के बाद दोनों को गुरुग्राम के मेदांता मेडिसिटी में भर्ती कराया गया। यहीं पर इनकी मौत हो गई। इनके पोस्टमार्टम में इनकी मौत की वजह पिटाई और ब्लंट चोट (वह चोट जो किसी धारदार हथियार या धातु की किसी रॉड आदि से नहीं लगी) निकल कर आई है। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस प्रशासन को भेज दी गई है।
डीएसपी व इंस्पेक्टर की हालत में सुधार
नूंह में पथराव के दौरान घायल पुलिस कर्मियों को मेदांता अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां पर उपचार के दौरान गोली लगने से घायल इंस्पेक्टर व डीएसपी की छुट्टी हो गई है। पुलिस टीम की ओर से दस लोगों को उपचार के लिए दाखिल कराया गया था। जिसमें से चार लोगों का ही अस्पताल में उपचार चल रहा है। पथराव के दौरान होडल डीएसपी सज्जन सिंह, निरीक्षक अजय प्रबंधक थाना खेड़की दौला, निरीक्षक देवेन्द्र प्रबंधक थाना आईएमटी मानेसर, निरीक्षक अनिल प्रभारी अपराध शाखा सेक्टर-40, एसआई अरुण थाना खेड़की दौला, एसआई दीपक थाना आईएमटी मानेसर, एसआई देवेन्द्र थाना खेड़की दौला, एएसआई राजेश प्रवाचक, डीसीपी मानेसर, हवलदार शेर सिंह (थाना खेड़की दौला) व सिपाही पवन (थाना खेड़की दौला) गंभीर रूप से घायल हुए थे।
नूंह में पथराव के दौरान घायल पुलिस कर्मियों को मेदांता अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां पर उपचार के दौरान गोली लगने से घायल इंस्पेक्टर व डीएसपी की छुट्टी हो गई है। पुलिस टीम की ओर से दस लोगों को उपचार के लिए दाखिल कराया गया था। जिसमें से चार लोगों का ही अस्पताल में उपचार चल रहा है। पथराव के दौरान होडल डीएसपी सज्जन सिंह, निरीक्षक अजय प्रबंधक थाना खेड़की दौला, निरीक्षक देवेन्द्र प्रबंधक थाना आईएमटी मानेसर, निरीक्षक अनिल प्रभारी अपराध शाखा सेक्टर-40, एसआई अरुण थाना खेड़की दौला, एसआई दीपक थाना आईएमटी मानेसर, एसआई देवेन्द्र थाना खेड़की दौला, एएसआई राजेश प्रवाचक, डीसीपी मानेसर, हवलदार शेर सिंह (थाना खेड़की दौला) व सिपाही पवन (थाना खेड़की दौला) गंभीर रूप से घायल हुए थे।
जिनको उपचार के लिए मेदांता अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां से हालत में सुधार होने के बाद लोगों को छुट्टी दे दी गई है। मेदांता अस्पताल प्रबंधन के अनुसार घायलों की हालत ठीक होने के कारण छुट्टी की गई।