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Gurugram News: बिजवासन टोल पर यूटर्न नहीं होने से चालकों को परेशानी
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कर्मियों को मोबाइल से स्कैन करना पड़ा, रॉन्ग साइड से लौटना पड़ रहा,
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा बिजवासन (दिल्ली) पर दूसरे दिन भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम पर फास्टैग स्कैन में दिक्कत रही। कर्मियों को मोबाइल से स्कैन करना पड़ा। वहीं, टोल के पास गुरुग्राम की ओर से यूटर्न नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। उन्हें या 220 रुपये का टोल देना पड़ रहा है या रॉन्ग साइड वापस लौटना पड़ रहा है।
द्वारका एक्सप्रेसवे बिजवासन टोल रविवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ था। सोमवार को भी टोल पर फास्टैग स्कैन की समस्या बनी रही। टोल पर लगे कैमरे कई वाहनों को स्कैन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में टोल पर तैनात कर्मचारियों को नंबर मोबाइल से स्कैन करना पड़ रहा है। ऐसे में वाहनों को टोल से निकलने में देर हो रही है। टोल कंपनी के अनुसार तीन सेकेंड में वाहन को क्रॉस करने का लक्ष्य है। इसके लिए टोल पर अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं।
यूटर्न नहीं होने से परेशानी
टोल के पास पहले यूटर्न बना हुआ था। ऐसे में लोग यूटर्न लेकर वापस गुरुग्राम की ओर से लौट पा रहे थे। टोल प्रबंधन के अनुसार हाईस्पीड कॉरिडोर होने से टोल से पहले बने यूटर्न से हादसे हो रहे थे और करीब बीस हादसे के बाद पुलिस ने इसे बंद करा दिया। ऐसे में जो लोग मेन कॉरिडोर से टोल पहुंच गए, उन्हें टोल का भुगतान करना होगा या रांग साइड एक्सप्रेसवे से वापस होना होगा। ऐसे में रांग साइड आने पर चालान और हादसा होने की आशंका बनी रहती है। सोमवार को भी कई लोग टोल से बचने के लिए वापस रॉन्ग साइड लौटे।
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एमसीडी टोल
एनएचएआई का टोल मॉडर्न और साफ सुथरा बना हुआ है। एमसीडी टूटे बैरिकेड लगाकर टोल के पास ही टैक्स वसूल कर रही है। कर्मचारियों ने बताया कि जल्द स्थायी इंतजाम होंगे।
30 हजार वाहन गुजरे
टोल पर एक घंटे में चार हजार वाहन गुजरने की क्षमता है। हालांकि पहले दिन औसतन 2500 से 3000 वाहन प्रतिघंटे गुजरे। ऐसे में 12 घंटे में करीब 30 हजार वाहन टोल से गुजरे। टोल प्रबंधक अमित मोर ने बताया कि टोल कलेक्शन में सुधार और वाहनों की स्कैनिंग बेहतर की जा रही है। सोमवार को टोल पर वाहन चालकों को ज्यादा नहीं रुकना पड़ा।
टोल पर लगा कैंप
टोल के दायरे में बीस किलोमीटर में रहने वाले वाहनों का 340 रुपये देकर महीने का पास बनाया जाना है। सोमवार को टोल कंपनी से टोल पर कैंप लगा दिया है। टोल प्रबंधक अमित मोर ने बताया कि पास बनवाने के लिए लोग आधार कार्ड, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, डीएल, वोटर कार्ड व पासपोर्ट में से कोई एक, गाड़ी में लगा फास्टैग का फोटो और वाहन मालिक का दो फोटो जरूरी है।
लोगों से बातचीत
द्वारका एक्सप्रेसवे और खेड़कीदौला टोल के रेट काे कम किया जाना चाहिए। द्वारका एक्सप्रेसवे टोल का रेट ज्यादा होने से एनएच-48 पर वाहनों का दबाव पहले जैसा हो जाएगा। सरकार को विचार करना चाहिए।
- महाराम यादव, खेड़कीदौला
द्वारका एक्सप्रेसवे का टोल बहुत ज्यादा है। इससे सबसे अधिक प्रभावित द्वारका एक्सप्रेसवे और न्यू गुरुग्राम के लोग होंगे। टोल रेट में संशोधन की जरूरत है। खेड़कीदौला टोल को जल्द शिफ्ट किया जाए।
- हरेल चतुर्वेदी, डीएलएफ, न्यू टाउन सोसाइटी, सेक्टर-86
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा बिजवासन (दिल्ली) पर दूसरे दिन भी लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम पर फास्टैग स्कैन में दिक्कत रही। कर्मियों को मोबाइल से स्कैन करना पड़ा। वहीं, टोल के पास गुरुग्राम की ओर से यूटर्न नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। उन्हें या 220 रुपये का टोल देना पड़ रहा है या रॉन्ग साइड वापस लौटना पड़ रहा है।
द्वारका एक्सप्रेसवे बिजवासन टोल रविवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ था। सोमवार को भी टोल पर फास्टैग स्कैन की समस्या बनी रही। टोल पर लगे कैमरे कई वाहनों को स्कैन नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में टोल पर तैनात कर्मचारियों को नंबर मोबाइल से स्कैन करना पड़ रहा है। ऐसे में वाहनों को टोल से निकलने में देर हो रही है। टोल कंपनी के अनुसार तीन सेकेंड में वाहन को क्रॉस करने का लक्ष्य है। इसके लिए टोल पर अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं।
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यूटर्न नहीं होने से परेशानी
टोल के पास पहले यूटर्न बना हुआ था। ऐसे में लोग यूटर्न लेकर वापस गुरुग्राम की ओर से लौट पा रहे थे। टोल प्रबंधन के अनुसार हाईस्पीड कॉरिडोर होने से टोल से पहले बने यूटर्न से हादसे हो रहे थे और करीब बीस हादसे के बाद पुलिस ने इसे बंद करा दिया। ऐसे में जो लोग मेन कॉरिडोर से टोल पहुंच गए, उन्हें टोल का भुगतान करना होगा या रांग साइड एक्सप्रेसवे से वापस होना होगा। ऐसे में रांग साइड आने पर चालान और हादसा होने की आशंका बनी रहती है। सोमवार को भी कई लोग टोल से बचने के लिए वापस रॉन्ग साइड लौटे।
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एमसीडी टोल
एनएचएआई का टोल मॉडर्न और साफ सुथरा बना हुआ है। एमसीडी टूटे बैरिकेड लगाकर टोल के पास ही टैक्स वसूल कर रही है। कर्मचारियों ने बताया कि जल्द स्थायी इंतजाम होंगे।
30 हजार वाहन गुजरे
टोल पर एक घंटे में चार हजार वाहन गुजरने की क्षमता है। हालांकि पहले दिन औसतन 2500 से 3000 वाहन प्रतिघंटे गुजरे। ऐसे में 12 घंटे में करीब 30 हजार वाहन टोल से गुजरे। टोल प्रबंधक अमित मोर ने बताया कि टोल कलेक्शन में सुधार और वाहनों की स्कैनिंग बेहतर की जा रही है। सोमवार को टोल पर वाहन चालकों को ज्यादा नहीं रुकना पड़ा।
टोल पर लगा कैंप
टोल के दायरे में बीस किलोमीटर में रहने वाले वाहनों का 340 रुपये देकर महीने का पास बनाया जाना है। सोमवार को टोल कंपनी से टोल पर कैंप लगा दिया है। टोल प्रबंधक अमित मोर ने बताया कि पास बनवाने के लिए लोग आधार कार्ड, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, डीएल, वोटर कार्ड व पासपोर्ट में से कोई एक, गाड़ी में लगा फास्टैग का फोटो और वाहन मालिक का दो फोटो जरूरी है।
लोगों से बातचीत
द्वारका एक्सप्रेसवे और खेड़कीदौला टोल के रेट काे कम किया जाना चाहिए। द्वारका एक्सप्रेसवे टोल का रेट ज्यादा होने से एनएच-48 पर वाहनों का दबाव पहले जैसा हो जाएगा। सरकार को विचार करना चाहिए।
- महाराम यादव, खेड़कीदौला
द्वारका एक्सप्रेसवे का टोल बहुत ज्यादा है। इससे सबसे अधिक प्रभावित द्वारका एक्सप्रेसवे और न्यू गुरुग्राम के लोग होंगे। टोल रेट में संशोधन की जरूरत है। खेड़कीदौला टोल को जल्द शिफ्ट किया जाए।
- हरेल चतुर्वेदी, डीएलएफ, न्यू टाउन सोसाइटी, सेक्टर-86