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समस्याएं नहीं, अधिकारियों की लापरवाही बढ़ा रही लोगों की परेशानी
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गुरुग्राम। सेक्टर-44 के अपैरल हाउस के ऑडिटोरियम में बुधवार को आयोजित होने वाली जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष अधिकारियों की लापरवाही 19 समस्याएं के माध्यम से रखी जाएंगी। इनमें अधिकांश वो मुद्दे हैं जिनके निराकरण के लिए मुख्यमंत्री अधिकारियों को पहले ही निर्देश दे चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से उन समस्याओं को लटकाकर रखा गया है। इस बीच उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने बैठक का एजेंडा तैयार कर संबंधित अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांग ली है।
सेक्टर 37 की इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में 13 साल से सीवर जाम की समस्या उठाई जाएगी। डीएलएफ फेज तीन को सीएम के आदेश के बाद भी अभी तक निगम की ओर से टेकओवर नही किया गया है। सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी (आइएएस)जी प्रसन्ना टेकओवर का मसला रखेंगे। बसई रोड से सेक्टर-9 ए तक ड्रेन बनाने की मांग भी मांग भी रखी जाएगी, यह भी पुराना मसला है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 16 कॉलोनियों में कनेक्शन की पाबंदी के मुद्दे को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
गांव धनकोट के खेतों में पानी भरने की समस्या को ग्रामीण मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए यहां ड्रेन बनाने की मांग करेंगे। पहले भी यह मुद्दा इस बैठक में चर्चित रहा है। मानेसर में साल 2018 से सरकारी जमीन के गबन के मामले में जांच कर कार्रवाई करने की मांग भी रखी जाएगी। बाबूपुर निवासी सतबीर भारद्वाज ने ग्राम पंचायत द्वारा स्ट्रीट लाइट खरीद के मामले में गबन किए जाने समेत पंचायत द्वारा गलत तरीके से प्लॉट अलॉट किए जाने की शिकायत दी है। सेक्टर-15 पार्ट-1 निवासी रमेश ने झाड़सा बांध पर नगर निगम द्वारा बनाई जा रही दीवार के काम को बीच में छोड़े जाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है। खेड़की माजरा निवासी बलराम की तीन महीने से पीने का पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत एजेंडे में शामिल है। वह लगातार निगम अधिकारियों को गुहार लगा रहे हैं।
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ग्वाल पहाड़ी में 2020 में आए मुख्यमंत्री के समक्ष ग्रामीणों ने डेढ़ एकड़ जमीन पर बने गंदे पानी के जोहड की समस्या का समाधान करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया। गांव भांगरोला में एमआर कंपनी की ओर से जमीन खरीदने के बाद ग्रामीणों के आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। ग्रामीणों ने नगर निगम से रेवेन्यू रास्ता बनाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बसई निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि स्कूल की जमीन पर नगर निगम अधिकारियों ने इंडस्टियल वेस्ट डलवा दिया, जिसके कारण दिक्कत हो रही है। चक्कर पुर निवासी नरेश कुमार ने बताया कि नगर निगम अधिकारी दबंगों के कब्जे से सरकारी जमीन नहीं छुड़ा रहे हैं। दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार जिंदल ने बताया कि इंडस्ट्री से निकलने वाले पानी के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना था, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया है। शहर को अवैध विज्ञापनों से मुक्त कराने के लिए रविंद्र जैन ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। सराय अलावर्दी में सीवर लाइन डालने के दौरान ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत नरेश मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
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सेक्टर 37 की इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एसोसिएशन की ओर से औद्योगिक क्षेत्र में 13 साल से सीवर जाम की समस्या उठाई जाएगी। डीएलएफ फेज तीन को सीएम के आदेश के बाद भी अभी तक निगम की ओर से टेकओवर नही किया गया है। सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी (आइएएस)जी प्रसन्ना टेकओवर का मसला रखेंगे। बसई रोड से सेक्टर-9 ए तक ड्रेन बनाने की मांग भी मांग भी रखी जाएगी, यह भी पुराना मसला है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 16 कॉलोनियों में कनेक्शन की पाबंदी के मुद्दे को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।
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गांव धनकोट के खेतों में पानी भरने की समस्या को ग्रामीण मुख्यमंत्री के समक्ष रखते हुए यहां ड्रेन बनाने की मांग करेंगे। पहले भी यह मुद्दा इस बैठक में चर्चित रहा है। मानेसर में साल 2018 से सरकारी जमीन के गबन के मामले में जांच कर कार्रवाई करने की मांग भी रखी जाएगी। बाबूपुर निवासी सतबीर भारद्वाज ने ग्राम पंचायत द्वारा स्ट्रीट लाइट खरीद के मामले में गबन किए जाने समेत पंचायत द्वारा गलत तरीके से प्लॉट अलॉट किए जाने की शिकायत दी है। सेक्टर-15 पार्ट-1 निवासी रमेश ने झाड़सा बांध पर नगर निगम द्वारा बनाई जा रही दीवार के काम को बीच में छोड़े जाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा है। खेड़की माजरा निवासी बलराम की तीन महीने से पीने का पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत एजेंडे में शामिल है। वह लगातार निगम अधिकारियों को गुहार लगा रहे हैं।
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ग्वाल पहाड़ी में 2020 में आए मुख्यमंत्री के समक्ष ग्रामीणों ने डेढ़ एकड़ जमीन पर बने गंदे पानी के जोहड की समस्या का समाधान करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश भी दिए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया। गांव भांगरोला में एमआर कंपनी की ओर से जमीन खरीदने के बाद ग्रामीणों के आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया। ग्रामीणों ने नगर निगम से रेवेन्यू रास्ता बनाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बसई निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि स्कूल की जमीन पर नगर निगम अधिकारियों ने इंडस्टियल वेस्ट डलवा दिया, जिसके कारण दिक्कत हो रही है। चक्कर पुर निवासी नरेश कुमार ने बताया कि नगर निगम अधिकारी दबंगों के कब्जे से सरकारी जमीन नहीं छुड़ा रहे हैं। दौलताबाद रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार जिंदल ने बताया कि इंडस्ट्री से निकलने वाले पानी के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना था, लेकिन अब तक कुछ नहीं किया गया है। शहर को अवैध विज्ञापनों से मुक्त कराने के लिए रविंद्र जैन ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। सराय अलावर्दी में सीवर लाइन डालने के दौरान ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत नरेश मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।