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बीपीटीपी में 30 तो एनबीसीसी सोसाइटी में 18 घंटे नहीं रही बिजली
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गुरुग्राम। सेक्टर-37डी स्थित बीपीटीपी व एनबीसीसी सोसाइटी में पिछले दो दिन से बिजली संकट बना हुआ है। बिना बिजली के दोनों सोसाइटियों में करीब दो हजार से ज्यादा लोग परेशान हैं। 600 से ज्यादा फ्लैट वाली अकेले बीपीटीपी सोसाइटी में 30 घंटे से ज्यादा का पावर कट लग चुका है। यहां अंडर ग्राउंड केबल में बड़ा फॉल्ट है। निवासियों का कहना है कि डवलेपर ने घटिया गुणवत्ता की केबल डाली थी, इसलिए उसमें फॉल्ट हो जाते हैं। वहीं 500 से अधिक फ्लैट वाली एनबीसीसी सोसाइटी में अंडर में अंडर ग्राउंड केबल के खराब होने के बाद ग्रामीण फीडर से बिजली दी जा रही है, जो सोसाइटी के लिए नाकाफी है। यहां भी सोमवार रात से मंगलवार तक 18 घंटे से ज्यादा का पावर कट लग चुका है।
बीपीटीपी सोसाइटी के निवासी हेमंत ने बताया कि सोसाइटी में बिजली सप्लाई के लिए डवलेपर द्वारा खराब गुणवत्ता की अंडर ग्राउंड केबल डाली थी। शिकायत के बाद भी डवलेपर ने यहां बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ( डीएचबीवीएन) को हस्तानांतरित नहीं की थी। विगत 17 अक्तूबर की दोपहर केबल में बड़ा फॉल्ट आ गया। इसके बाद सोमबार देर शाम तक यह फॉल्ट ठीक किया जा सका। इस बीच सोसाइटी में करीब 30 घंटे का पावर कट रहा। अब भी दो से तीन घंटे के कट लग रहे हैं। पावर कट के दौरान सोसाइटी स्थित सिग्नेचर हास्पिटल व दो स्कूलों में भी कार्य प्रभावित रहे।
जुलाई और अगस्त में भी रही परेशानी
लोगों ने बताया कि बीपीटीपी सोसाइटी में अकेले अक्तूबर माह में अब तक सोसाइटी को कुल 49 घंटे का पावर कट लग चुका है। वहीं जुलाई माह में तो कुल 167 घंटे का पावर कट झेलना पड़ा था और अगस्त माह में 60 से ज्यादा घंटे का पावर कट रहा। पावर कट के दौरान सोसाइटी को डेवलपर के ही जनरेटर की 35 रुपये यूनिट की बिजली लेनी पड़ती है। कई बार तो इस वैकल्पिक बिजली से सोसाइटी की लिफ्ट नहीं चलतीं और लोगों को बहुमंजिला इमारतों में सीढ़ियां चढ़कर जाना होता है।
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एनबीसीसी सोसाइटी फिर ग्रामीण फीडर पर निर्भर
एनबीसीसी सोसाइटी निवासी यादवेंद्र ने बताया कि सोसाइटी के लिए डाली गई अंडर ग्रांड लाइन एक बार फिर खराब हो गई है। विगत 10 अक्तूबर से सोसाइटी ग्रामीण फीडर पर निर्भर है। जरूरत 33 केवी लाइन की है और आपूर्ति 11 केवी की लाइन से हो रही है। यह बिजली सोसाइटी के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर साबित हो रही है। वहीं सोमवार रात 12 बजे के बाद इस लाइन के सेक्टर 9 स्थित ट्रांसफार्मर की सीपीटीपी के फुंकने के बाद तो बिजली मिलना बिल्कुल की बंद हो गया है। न तो डेवलपर और न ही डीएचबीवीएन के अधिकारी सुनवाई कर रहे हैं। लोग 18 घंटे से ज्यादा का समय बिना बिजली के काट चुके हैं।
बीपीटीपी सोसाइटी में केवल की जिम्मेदारी बिल्डर की है, वह उसे ठीक कराएं। वहीं एनबीसीसी सोसाइटी के लिए ट्रांसफार्मर की सीपीअीपी की व्यवस्था नहीं हो सकी है, डवलेपर इसकी व्यवस्था करें।
- प्रवीन, एसडीओ, डीएचबीवीएन
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बीपीटीपी सोसाइटी के निवासी हेमंत ने बताया कि सोसाइटी में बिजली सप्लाई के लिए डवलेपर द्वारा खराब गुणवत्ता की अंडर ग्राउंड केबल डाली थी। शिकायत के बाद भी डवलेपर ने यहां बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ( डीएचबीवीएन) को हस्तानांतरित नहीं की थी। विगत 17 अक्तूबर की दोपहर केबल में बड़ा फॉल्ट आ गया। इसके बाद सोमबार देर शाम तक यह फॉल्ट ठीक किया जा सका। इस बीच सोसाइटी में करीब 30 घंटे का पावर कट रहा। अब भी दो से तीन घंटे के कट लग रहे हैं। पावर कट के दौरान सोसाइटी स्थित सिग्नेचर हास्पिटल व दो स्कूलों में भी कार्य प्रभावित रहे।
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जुलाई और अगस्त में भी रही परेशानी
लोगों ने बताया कि बीपीटीपी सोसाइटी में अकेले अक्तूबर माह में अब तक सोसाइटी को कुल 49 घंटे का पावर कट लग चुका है। वहीं जुलाई माह में तो कुल 167 घंटे का पावर कट झेलना पड़ा था और अगस्त माह में 60 से ज्यादा घंटे का पावर कट रहा। पावर कट के दौरान सोसाइटी को डेवलपर के ही जनरेटर की 35 रुपये यूनिट की बिजली लेनी पड़ती है। कई बार तो इस वैकल्पिक बिजली से सोसाइटी की लिफ्ट नहीं चलतीं और लोगों को बहुमंजिला इमारतों में सीढ़ियां चढ़कर जाना होता है।
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एनबीसीसी सोसाइटी फिर ग्रामीण फीडर पर निर्भर
एनबीसीसी सोसाइटी निवासी यादवेंद्र ने बताया कि सोसाइटी के लिए डाली गई अंडर ग्रांड लाइन एक बार फिर खराब हो गई है। विगत 10 अक्तूबर से सोसाइटी ग्रामीण फीडर पर निर्भर है। जरूरत 33 केवी लाइन की है और आपूर्ति 11 केवी की लाइन से हो रही है। यह बिजली सोसाइटी के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर साबित हो रही है। वहीं सोमवार रात 12 बजे के बाद इस लाइन के सेक्टर 9 स्थित ट्रांसफार्मर की सीपीटीपी के फुंकने के बाद तो बिजली मिलना बिल्कुल की बंद हो गया है। न तो डेवलपर और न ही डीएचबीवीएन के अधिकारी सुनवाई कर रहे हैं। लोग 18 घंटे से ज्यादा का समय बिना बिजली के काट चुके हैं।
बीपीटीपी सोसाइटी में केवल की जिम्मेदारी बिल्डर की है, वह उसे ठीक कराएं। वहीं एनबीसीसी सोसाइटी के लिए ट्रांसफार्मर की सीपीअीपी की व्यवस्था नहीं हो सकी है, डवलेपर इसकी व्यवस्था करें।
- प्रवीन, एसडीओ, डीएचबीवीएन