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निर्माण में गुणवत्ता से न हो कोई समझौता : सीईओ
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जीएमडीए के सीईओ पी सी मीणा गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के सामने निर्माणाधीन फुटपाथ का निरीक्षण करते
सीईओ ने सेक्टर-51/57 की मास्टर डिवाइडिंग रोड पर चल रहे निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
नंबर गेम - 28 किलोमीटर फुटपाथ नए सिरे से बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में अब फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और ड्रेनेज का विकास अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत योजना के तहत किया जाएगा। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने बुधवार को सेक्टर-46/51 और सेक्टर-51/57 की मास्टर डिवाइडिंग रोड पर चल रहे फुटपाथ निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधारहित हों। इसमें निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
मीणा ने कहा कि नए फुटपाथ बनाते समय पहले सड़क के साथ हेज और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए। ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से करीब एक फुट नीचे रखा जाए, ताकि बारिश का पानी सड़क पर बहने के बजाय उसमें पहुंच सके। इसके बाद ग्रीन बेल्ट से करीब छह इंच ऊंचे स्तर पर फुटपाथ बनाया जाए। जहां संभव हो, फुटपाथ के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएं, ताकि राहगीरों को छाया मिल सके। फुटपाथ का अलाइनमेंट मौजूदा पेड़ों और बिजली, पानी व सीवर जैसी यूटिलिटी को ध्यान में रखकर तय करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी पेड़ को नुकसान पहुंचाए बिना फुटपाथ बनाए जाएंगे।
नालों की ऊपर नहीं बनेंगे फुटपाथ
साथ ही भविष्य में यूटिलिटी की मरम्मत या रखरखाव के दौरान फुटपाथ तोड़ने की जरूरत न पड़े, इसके लिए डिजाइन तैयार करने को कहा गया है। सीईओ ने स्पष्ट किया कि फुटपाथ नालों के ऊपर नहीं बनाए जाएं। जहां ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, वहां फुटपाथ का अलग अलाइनमेंट रखा जाए, ताकि नालों की सफाई, मरम्मत या रखरखाव के दौरान पैदल मार्ग को नुकसान न पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मीणा ने सड़क किनारे विकसित की जा रही ग्रीन बेल्ट का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट को सड़क से नीचे रखने से बारिश का पानी इसमें पहुंचेगा और जमीन में रिसकर भूजल रिचार्ज में मदद करेगा। हरित पट्टियों का इस्तेमाल केवल सौंदर्यीकरण के लिए नहीं, बल्कि बारिश के पानी के प्रबंधन, जलभराव रोकने और भूजल संरक्षण के लिए भी किया जाएगा।
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180 किमी फुटपाथ का सर्वे, 80 किमी पर काम शुरू
जीएमडीए ने शहर के करीब 180 किलोमीटर मौजूदा फुटपाथ का सर्वे कराया है। इनमें 72 किलोमीटर फुटपाथ संतोषजनक स्थिति में मिले हैं, जबकि 80 किलोमीटर पर मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम शुरू किया गया है। शेष 28 किलोमीटर फुटपाथ नए सिरे से बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहर में सुरक्षित और बेहतर पैदल यात्री नेटवर्क तैयार करना है। सीईओ ने कहा कि जहां संभव हो, फुटपाथ के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएं और साथ में हेज विकसित की जाए।
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नंबर गेम - 28 किलोमीटर फुटपाथ नए सिरे से बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में अब फुटपाथ, ग्रीन बेल्ट और ड्रेनेज का विकास अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत योजना के तहत किया जाएगा। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने बुधवार को सेक्टर-46/51 और सेक्टर-51/57 की मास्टर डिवाइडिंग रोड पर चल रहे फुटपाथ निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और बाधारहित हों। इसमें निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
मीणा ने कहा कि नए फुटपाथ बनाते समय पहले सड़क के साथ हेज और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए। ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से करीब एक फुट नीचे रखा जाए, ताकि बारिश का पानी सड़क पर बहने के बजाय उसमें पहुंच सके। इसके बाद ग्रीन बेल्ट से करीब छह इंच ऊंचे स्तर पर फुटपाथ बनाया जाए। जहां संभव हो, फुटपाथ के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएं, ताकि राहगीरों को छाया मिल सके। फुटपाथ का अलाइनमेंट मौजूदा पेड़ों और बिजली, पानी व सीवर जैसी यूटिलिटी को ध्यान में रखकर तय करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी पेड़ को नुकसान पहुंचाए बिना फुटपाथ बनाए जाएंगे।
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नालों की ऊपर नहीं बनेंगे फुटपाथ
साथ ही भविष्य में यूटिलिटी की मरम्मत या रखरखाव के दौरान फुटपाथ तोड़ने की जरूरत न पड़े, इसके लिए डिजाइन तैयार करने को कहा गया है। सीईओ ने स्पष्ट किया कि फुटपाथ नालों के ऊपर नहीं बनाए जाएं। जहां ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, वहां फुटपाथ का अलग अलाइनमेंट रखा जाए, ताकि नालों की सफाई, मरम्मत या रखरखाव के दौरान पैदल मार्ग को नुकसान न पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मीणा ने सड़क किनारे विकसित की जा रही ग्रीन बेल्ट का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट को सड़क से नीचे रखने से बारिश का पानी इसमें पहुंचेगा और जमीन में रिसकर भूजल रिचार्ज में मदद करेगा। हरित पट्टियों का इस्तेमाल केवल सौंदर्यीकरण के लिए नहीं, बल्कि बारिश के पानी के प्रबंधन, जलभराव रोकने और भूजल संरक्षण के लिए भी किया जाएगा।
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180 किमी फुटपाथ का सर्वे, 80 किमी पर काम शुरू
जीएमडीए ने शहर के करीब 180 किलोमीटर मौजूदा फुटपाथ का सर्वे कराया है। इनमें 72 किलोमीटर फुटपाथ संतोषजनक स्थिति में मिले हैं, जबकि 80 किलोमीटर पर मरम्मत और पुनर्स्थापना का काम शुरू किया गया है। शेष 28 किलोमीटर फुटपाथ नए सिरे से बनाए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहर में सुरक्षित और बेहतर पैदल यात्री नेटवर्क तैयार करना है। सीईओ ने कहा कि जहां संभव हो, फुटपाथ के दोनों ओर पेड़ लगाए जाएं और साथ में हेज विकसित की जाए।